[संगीत] मूर्ख दानव यह तुच्छ वानर नहीं किष्किंधा के महाबली महा पराक्रमी योद्धा हैं नल और नील की स्फूर्ति गंध मादन का द्वंद कौशल युवराज अंगत की भुजाओं का बल जामन जी के मुगदर का वज्र प्रहार पल भर में तुम पाषाण दानवों को धूल में मिला देगा इन्ह तुच्छ वानर समझने की भूल मत करना हा ूल में मिला देंगे हम तुम सबको ूल में मिला देंगे समाप्त कर देंगे प्रभु श्री राम के कार्य से निकले हैं हम सब और प्रभु श्री राम का कार्य कोई नहीं रोक सकता अच्छा तो यही तुम्हारे साथ ही अंत कर देता हूं तुम्हारे प्रभु के कार्य का प्रभु श्री राम का कार्य कभी नहीं रुक सकता पाषाण बुद्धि ना लो पाषाण दानव संभालो हनुमान का [संगीत] प्रहार नर योद्ध हनुमान जी की ही भाती टूट पड़ो इन पाण दानवों पर इन पाषाण को धूल बना दो वीरो जय श्री राम जय श्री राम श्रम जय श्री राम में तो मैं तुम्हें मिलाऊंगा [प्रशंसा] [संगीत] वानर जय [संगीत] श्रम अब देखो ये अंगत का वार हट जा मेरे ऊपर से तु चवान यह अंगत का पांव है जिसे हिलाने की शक्ति तुम में तो क्या पूरे संसार में किसी के पास नहीं है पकड़ना तो दूर तुम छू भी नहीं पाओगे नल [संगीत] को आओ [संगीत] आओ अग्नि किसी के हाथ नहीं आती अग्नि पुत्र नील को पकड़ ने का प्रयास व्यर्थ है मूर्ख [संगीत] दानो आओ आओ आओ आओ आओ आजा आओ ए पाषाण दानव करो मुझ परवान देखो कितनी शक्ति है तुम में नर दिखाता हूं री श [संगीत] तवान [संगीत] तवान पा से ही मसल लूंगा मैं तुम्ह [संगीत] आओ पाषाण के दानवों आओ तुम पाषाण को तोड़कर चकना चूर कर देंगे हम नल और नील आओ आओ आओ आओ आओ हो गए चकनाचूर [संगीत] आ आ मेरी गर्दन मरोड़ो ग तो मूर्ख दानव अभी बताता हूं तुझे [संगीत] ये [संगीत] लो बशार दानव यह पाषाण दानव तो नल और नील की ओर बढ़ रहे हैं इन्ह रोकना होगा [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] हा [संगीत] [प्रशंसा] आ समाप्त हो गए सारे पाषाण दानव जय शीराम जय श्री राम श्रीराम जय श्री राम श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री रामराम [संगीत] हम [संगीत] प्रभु प्रणाम प्र प्रभु क्षमा करें प्रभु मैंने संपूर्ण उत्तर दिशा में ढूंढ लिया सूक्ष्म से सूक्ष्म स्थान तक जाकर देख लिया किंतु मुझे माता सीता के बारे में कोई संकेत तक नहीं मिल पाया बड़ा ही अभागा हूं मैं जो प्रभु के किसी काम ना आ सका [संगीत] ऐसा मत कहिए शद मली जी मुझे तो प्रसन्नता हुई है कि आपने पूर्ण प्रयास किया है कदापि अभी समय नहीं आया है शुभ समाचार का [संगीत] प्रभु अभी हमारे योद्धा तीन दिशाओं में और ढूंढ रहे हैं उनमें से अवश्य ही कोई शुभ समाचार लेकर लौटेगा इतना प्रयास हो रहा है परिणाम अनुकूल ही होगा सुग्रीव [संगीत] जी बस इस कार्य में किसी को कोई ना पहुंचे और ना ही किसी को कोई बाधा रोक [संगीत] पाए अब ये क्या माया है यह तो पुनः ठीक हो रहा है आश्चर्य है इनके टूटे हुए पाषाण तो पुन जुड़ रहे हैं इस प्रकार तो यह सब पुन जीवित हो जाएंगे अब क्या करें हनुमान जी यह तो पुन जीवित हो गए इस प्रकार तो हम इनका अंत करते करते ं हो जाएंगे और तब यह हम सबके लिए बड़ा संकट बन जाएंगे इनको समाप्त करने का कोई ना कोई उपाय सोचना [संगीत] पड़ेगा यही मैं भी सोच रहा था युवराज मैं कुछ नवीन और कुछ प्रथक सा करके देखता [संगीत] हूं [संगीत] अब देखता हूं कैसे जीवित होते हो तुम [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] हम [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] युवराज [प्रशंसा] अंगत सभी वानर योद्धाओं को सुरंग के दूसरे छोर पर ले जाओ हनुमान अकेले ही इन पाषाण दानवों का अंत करेगा चलो साथियों सुरंग के दूसरे छोर की ओर [संगीत] [हंसी] तुम सब कहां चले हनुमान से बच के नहीं जा पाओगे तुम सब शीघ्र जाओ सोर [प्रशंसा] [संगीत] हे शीघ्र निकलो यहां से और दानव प्रकट हो रहे हैं शीघ्रता करो शीघ्र निकलो इस सुरंग से आ अरे ये क्या [संगीत] चलो इस पर्वत पर ये सुसज्जित गुफा [संगीत] यह तो हम पर्वत के छोर पर आ [संगीत] गए आगे दूसरे पर्वत पर जाने का कोई मार्ग नहीं है हां युवराज अंगद इस दहकते हुए लावे को पार करना तो बहुत कठिन [संगीत] है अब क्या करें हम यहां तो इतना स्थान भी नहीं है कि हम सब खड़े हो सके और पीछे से वो पाषाण दानव आ रहे हैं वे तो इसी ओर आ रहे हैं युवराज [संगीत] अंगद अब क्या करें हनुमान जी युवराज दृढ़ इच्छा हो तो मार्ग निकल ही आते [संगीत] हैं तुम उपाय सोचो मैं इन पाषाण दानवों को देखता [प्रशंसा] हूं मैं प्रभु श्री राम के कार्य को कदापि अवरुद्ध नहीं होने [संगीत] दूंगा जय श्री [प्रशंसा] [संगीत] राम बल के साथ बुद्धि का प्रयोग कर बड़े से बड़े शत्रु को पराजित किया जा सकता है [संगीत] म
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