[संगीत] संगति या साथ मित्र और साथी मनुष्य के व्यक्तित्व के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण होते हैं अब आप कहेंगे यह कैसे मनुष्य अवश्य अपने व्यक्तित्व के लिए उत्तरदाई होता है परंतु मनुष्य संगति में ना चाहते हुए भी उसका व्यक्तित्व संगत की भाति हो जाता है इन पात्रों को देख रहे हैं मध्य में जल रखा है इसमें दूध है और इसमें मलीन कीचड़ रखा है यदि मैं इस जल को इस दूध में मिलाता हूं तो यह जल दूध बन जाता है और यदि इसी जल को इस मलीन कीचड़ में मिलाता तो क्या हुआ यह जल कीचड़ बन गया ऐसी कोई युक्ति नहीं कि जल बिना घुले मिले दूध या कीचड़ में अपना अस्तित्व बनाए रखे या उनसे अलग रहे और ठीक ऐसा ही मनुष्य के जीवन में भी होता है यदि एक गुणन व्यक्ति गुणवान की संगत में बैठे तो उसे भी गुणवान समझा जाता है सम्मान का पात्र समझा जाता है और यदि एक गुणवान व्यक्ति गुण हीनो की संगत में बैठे तो उसे भी तिरस्कार मिलता है इसलिए अपने जीवन में सदैव संगति सोच समझकर सावधानी से चुनिए और अब कोई भी बा मेरे इस स्मरण स्थल को भेद पाए यह मेरा वचन है देवी और यही मेरे इस देह को त्यागने का कारण बनेगा परंतु क्यों माथा आपने उस पत्ते पर पा क्यों रखा ऐसी क्या आवश्यकता थी आपको मैंने जो किया उसकी आवश्यकता थी [संगीत] पार्थ और अब जो मैं करने जा रहा हूं उसकी भी आवश्यकता है परंतु मैं ऐसा करना नहीं चाहता था पार्थ यह सत्य है कि बर्बरी के यह तीन बाण मोघ है यह हमारे लिए शुभ समाचार है ना माधव [प्रशंसा] हा परंतु धर्म के लिए यह सबसे अशुभ समाचार है [संगीत] विको यह युद्ध केवल कौरवों और पांडवों के मध्य नहीं है यह युद्ध धर्म और अधर्म के मध्य है यह युद्ध पाप और प्रतिज्ञा के मध्य है यह युद्ध श्राप और शापि के मध्य [संगीत] है और अब यह तीन बाण और इन बाणों का धारक बर्बरीक हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुका है इसी कारण बर्बरी का अंत अब [संगीत] अनिवार्य इसका वद अब अटल है [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ग [संगीत] नहीं नहीं वासुदेव मेरे जीवित रहते मैं ऐसा नहीं होने [संगीत] दूंगा सुदर्शन चक्र को बर्बरी तक पहुंचने से पहले मेरे मस्तक से होकर जाना होगा यही नियति है भीम और तुम यह भली भाति जानते हो बरबरी का अंत अब अनिवार्य है अन्यथा युद्ध में सबका विनाश निश्चित है मेरे पास अब और कोई विकल्प शेष नहीं मुझे बारबरी का अंत करना ही किंतु माता इसका कोई समाधान तो निकल ही सकता है ना हम बारबिक को युद्ध से दूर भी तो रख सकते हैं फिर तो फिर इसका अंत अनिवार्य [संगीत] क्यों मैं अपने पुत्र को इसी क्षण जाने का आदेश दे दूंगा मेरी आपसे विनती है प्रभु मेरे पुत्र को उस कर्म का दंड मत दीजिए जो उसने अभी तक किया ही [संगीत] नहीं मेरे पुत्र पर सुदर्शन चक्र का प्रयोग ना करे वासुदेव मेरी विनती है [संगीत] आपसे धर्म देव हती धर्म रक्ष की रक्षित तस्मा धर्मो ना हयो मान धर्मो ह रुकिए पिताश्री [संगीत] मैं यहां खाली हाथ लौटने नहीं आया था पिताश्री मुझे इस युद्ध में भाग लेना ही है [संगीत] मोन रहो तुम तुम्ह अनुमान भी है तुम क्या बोल रहे हो कदाचित मैं दृष्टा कर रहा हूं पिताश्री परंतु मैं एक योद्धा भी हूं और एक सच्चा योद्धा युद्ध भूमि से विजय प्राप्त करके लौटता है या वीर गति पाकर कीजिएगा वासुदेव परंतु युद्ध में बाब के भाग लेने से हमें क्या हानि होगी बार्बर हमारे पक्ष से युद्ध करेगा हानी तो केवल कौरवों को होगी वासुदेव नहीं युधिष्ठिर जो तुम्हें दिख रहा है वह सत्य नहीं है क्यों बारबरी मैंने उचित कहा मैं समझा नहीं वासुदेव आर्बिक निश्चित रूप से हमारे पक्ष में लड़ेगा इसमें क्या संदेह पत्र सत्य यह है कि मैं इस युद्ध में निर्बल पक्ष की ओर से भाग लूंगा माता के समक्ष स्वयं को वचन दिया है मैंने परंतु समस्या क्या है वासुदेव य तो स्पष्ट है कि हम पांडव के पास सात अक्षण सेना और गौरव के पक्ष में 11 अक्षण सेना गौरव के पक्ष में पिता मा भीष्म और गुरु द्रोणाचार्य भी है शक्ति गणना के अनुसार गरव का पलडा हमसे अधिक भारी है इसलिए बर्बरिक हमारे ही पक्ष में युद्ध लड़ेगा विनाश तो होगा प्रभु परंतु केवल कौरवों का मैं आपको वचन देता हूं मेरे परिवार को हानि पहुंचने से पूर्व मैं अपना शीर्ष आपके चरणों में रख दू दूंगा तुम सत्य नहीं देख पा रहे हो व तुम जानना चाहते हो बारबरी यदि तुमने इस युद्ध में भाग लिया तो क्या [संगीत] होगा [संगीत] मानस देखोना प्रति [संगीत] [संगीत] दे [संगीत] तुम्हारा स्वयं को दिया गया वचन इस युद्ध को किसी भी दिशा में जाने नहीं देगा बालबरी इस युद्ध का संतुलन बिगाड़ देगा तुम निश्चित रूप से आरंभ में पांडवों के पक्ष में रहोगे क्योंकि आरंभ में पांडव कौरवों से निर्बल होंगे परंतु शीघ्र ही यह परिस्थिति बदल जाएगी [संगीत] बारबिक [संगीत] जब कौरवों का विनाश प्रारंभ होगा तो शीघ्र ही पांडवों का पलड़ा कौरवों से अधिक भारी हो जाएगा और तुम अपने वचन के कारण संतुलन बनाए रखने के लिए अपना पक्ष छोड़कर कौरवों के पक्ष में चले जाओगे और उसके पश्चात तुम पांडवों पर प्रहार करने लगोगे और इसी कारण इस युद्ध का संतुलन बिगड़ [संगीत] जाएगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ [संगीत] यही सत्य है बारबिक यदि तुम इस युद्ध में हुए तो यही [संगीत] होगा यदि तुम इस युद्ध में हुए तो यही होगा तो मैं क्या करूं प्रभु संसार का हर योद्धा अपना युद्ध चुनता है क्या मुझे ये युद्ध चुनने का अधिकार नहीं योद्धा कभी अपना युद्ध नहीं चुनता बार पर एक युद्ध अपना योद्धा चुनता है तो आदेश दे प्रभु मुझे क्या करना है यह युद्ध एक यज्ञ है बारबिक और तुम्हें त्याग और बलिदान देना होगा स्वयं के प्राणों का दान पत्र [संगीत] नहीं आप ही कहते हैं ना प्रभु कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन का कोई ना कोई लक्ष्य होता है मेरी बस एक ही इच्छा थी कि मैं भी इस युद्ध में भाग [संगीत] लू मैं भी इस युद्ध को देखना चाहता था इसका साक्षी बनना चाहता था भगवान श्याम को अपना धर्म निभाते देखना चाहता था क्या मेरी यह इच्छा अधूरी रह जाएगी मैं वचन देता हूं बाप इस युद्ध का साक्षी बनने की तुम्हारी इच्छा मैं अवश्य पूर्ण [संगीत] कर यदि इस युद्ध में तुम मेरी सहायता करना चाहते हो बारबिक तो तुम्हें स्वयं को इस युद्ध से विरक्त करना होगा केवल एक ही मार्ग है जो तुम भली भाति जानते हो मैं समझ गया [संगीत] [संगीत] प्रभु [संगीत] मैं घटोत गज पुत्र महाबली भीम पौत्र बरबरी स्वेच्छा से अपना शीष भगवान कृष्ण के चरणों में भेंट करता हूं [संगीत] [संगीत] भगवान श्याम [संगीत] की नहीं पुत्र [संगीत] बारबिक [संगीत] पुत्र [संगीत] बारब मेरे पुत्र की कामना थी इस युद्ध का साक्षी बनने कीी वो भी अधूरी रह गई उसने स्वयं के साथ भी अपनी अंतिम कामना का भी अंत कर लिया नहीं घट उट कच यह अंत नहीं प्रारंभ है बारबरी की अंतिम इच्छा अवश्य पूर्ण होगी श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायन [संगीत] [संगीत] वासुदेवा श्री कृष्णा गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्णा गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्णा गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी श ना नारायण वासुदेवा हे कृष्णा गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वावा कृ गोविंद हरेरा हे नाथ नारायण वासुदेवा बरबरी के इस महाभारत का एक महत्त्वपूर्ण कार्य पूर्ण करेगा बारबरी का यह त्याग यह बलिदान व्यर्थ नहीं [संगीत] जाएगा तुम सदैव अपने साहस बुद्धिमता इस महायुद्ध के इस महाभारत के एकमात्र साक्षी के रूप में जाने जाओगे बारबरी संसार तुम से जानेगा कि इस महायुद्ध में जो कुछ भी हुआ धर्म के अनुसार हुआ और इस संसार के अंत तक तुम इस धर्म युद्ध के साक्षी रहोगे [संगीत] तुम्हारे इस निस्वार्थ बलिदान के तुम्हें सदा आदर दिया जाएगा बारबिक और तुम्हारी खाटू श्याम के नाम से पूजा की [संगीत] जाए तुम हर उस निर्बल की सहायता करो जो तुम्हारे समक्ष सहायता मा [संगीत] ने वीर बर्बरिक तुम अपने साहस के लिए जाने जाओगे महाभारत के निर्णायक के रूप में जाने जाओगे शीष दानी के रूप में जाने जाओगे इस युद्ध रूपी यज्ञ नियति है विजय की विजय बलिदान मांगती है विजय दान मांगती है दानी बारबरी तुम सदा अमर [संगीत] [प्रशंसा] रहोगे
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