Tuesday, 6 January 2026

सूर्यपुत्र कर्ण ने बलराम को नमन कैसे किया था Gautam Rode Suryaputra Karn Episode Pen Bhakti

[संगीत] ए हम सब अपनों की अपने मित्रों की पराया की सहायता करते परंतु हम सब के मां में एक व्यथा र जाति है की वह हमारा उपकार भूल गया की उसने हमें सम्मान नहीं दिया की समय पढ़ने पर उसने हमारी सहायता नहीं [संगीत] उठाता है की क्या हमें उपकार भूल देना चाहिए या नहीं और उत्तर भी दो हैं हां हमें दूसरों पर किया गए उपकार को भूल देना चाहिए [संगीत] परंतु यदि किसी ने हम पर उपकार किया [संगीत] [संगीत] गए उपकार को स्मरण रखा तो उसे चुकाने के लिए सदा तत्पर रहे उपकार करने वाले के कृतज्ञ रहेंगे तब भी मां प्रश्न रहेगा और यदि हम सभी ऐसा करने लगे तो सबके मां को संतोष रहेगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] मैं परशुराम शिष्य राधे करण श्री बलराम और वासुदेव को नमन करता हूं शत्रु को नमन जी प्रकार आकाश नहीं लता शत्रुता का नहीं होता [संगीत] स्वीकार करें [संगीत] अर्थात इसका अंग भांग और नीति अनुसार अनघांगित आशु के साथ किया गया यज्ञ फलदाई नहीं होता इसलिए मैंने आपके इस अश्क को रॉक है [संगीत] मैं स्वयं आपको समझना चाहता था परंतु उससे पूर्व आपके वीरों ने मुझमें पर आक्रमण कर दिया है [संगीत] और कदाचित मुझे उसका उत्तर देना पड़ा परंतु आपने स्वयं देखा होगा की मैंने उन्हें केवल निशात्र किया [संगीत] उनके प्राण नहीं है तो तुमने मेरी सहायता करने के लिए हम प्रश्न हुए [संगीत] किसका था [संगीत] तुम सबको यही कहते हो ना की तुम मेरी आजा का पालनपुर करते हो लेकिन परिणाम [संगीत] तुम्हें लेक मेरे मां में जो ब्रह्म था वह ब्रह्म तुमने तोड़ दिया है हम प्रश्न हुए कहो क्या इच्छा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आपसे मित्रता की इच्छा है आवश्यकता पढ़ने पर आप और आप किसी ना हस्तिनापुर की सहायता अवश्य करेंगे [संगीत] युवराज इनको सर्व शक्तिशाली बना देना है [संगीत] इसलिए मैं चाहता हूं की आप युवराज दुर्योधन को गधा युद्ध की शिक्षा दें और इन्हें संसार का सर्वश्रेष्ठ गदाधारी बनाते हैं स्वीकार है [संगीत] द्वारा का आदित्य ग्रहण करो [संगीत] [संगीत] [संगीत] और हस्तिनापुर युवराज का सेवक मेरा धर्म हस्तिनापुर और आपको शक्तिशाली बनाना है [संगीत] प्राणी पत्र [संगीत] [संगीत] [संगीत] सफल हुए अभी तक है पुत्र अर्जुन को कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ कुछ भी नहीं समय ए गया है मुझे ही कुछ करना होगा परिवर्तित करना होगा [संगीत] [संगीत] ए लगभग 12 वर्षों तक तुम लगातार युद्ध करते रहे हो [संगीत] निश्चित रूप से थकान अनुभव हो रही होगी विश्राम नहीं करोगे [संगीत] मैंने अपना जीवन प्रारंभ किया था [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] और स्वयं के परिवर्तित होने से घबराते हो यह दोरा व्यवहार उचित नहीं राधे [संगीत] अच्छा है [संगीत] कर मैंने तो कितनी बार तुमसे यह बंधन तोड़ देने का आग्रह किया अंग्रेज तुमने ही नहीं स्वीकार जानते हो मां में संतोष क्यों नहीं क्योंकि लक्ष्य शुद्ध होने के साथ साथ साधन और सहायक भी शुद्ध होने चाहिए और तुम यह भाले भांति जानते हो की तुम्हारे सहायक कैसे हैं मित्र अब भी समय है तुम्हारे पास नहीं केशव समय बीट चुका है [संगीत] मैं आपसे पूछता हूं [संगीत] [संगीत] कौन जान मित्र भविष्य में क्या छिपा है तुम बताओ क्या करोगे [संगीत] विचार उत्तम है मित्र परंतु स्मरण रखना कभी कभी अकेला यात्री मार्ग में ब्रह्म के दाल में फैंस जाता है [संगीत] आपकी मुस्कान मुझे बहुत शांति देती है [संगीत] [संगीत] परिस्थितियों का खिलौना बन जाता है गणव्य पर कुछ अशुभ हो जाता है इसीलिए यात्रा में सावधानी आवश्यक है [संगीत] [संगीत] परंतु विजय सदा योद्धा की मनी जाति है इस भांति दिग्विजय आपकी है [संगीत] अपने मित्र को हर कर [संगीत] इन 12 वर्षों में तुमने तुमने [संगीत] मेरे शरीर की रक्षा [संगीत] अस्मित्र तो क्षमा करता हूं मुझे [संगीत] एक पिक विजेता को अपने सेवक से क्षमा [संगीत] कर सकता हूं तुम्हें एक बार गले लगाने के लिए [संगीत] एक बार एक बार मेरी आंखों में देखकर मुझे मुझे मित्र पुकार के पर करने [संगीत] [संगीत] आपका मित्र राधे करण द्रोपदी के अपमान के ज्वाला में भस्म हो चुका है और जो भस्म हो जाते हैं वह किसी को गले नहीं लगता है [संगीत] [संगीत] [संगीत] मेरे बच्चा तो आपने सुन लिए मेट परंतु 12 वर्षों से पुकार रहे मेरे पुत्र अर्जुन के स्वर आपके कानों तक क्यों नहीं पहुंचे क्यों उसकी तपस्या का तप आपके मां को नहीं पगला सका यदि अर्जुन आपका पुत्र ना होता तो क्या तब भी आप उसका कष्ट लेकर मेरे पास आते हैं स्वीकार था की मुझे मेरे पुत्र से मो परंतु सबको होता है अब स्वयं ही बताइए क्या दोष है मेरे पुत्र अर्जुन ने या उसकी इच्छा पुरी कर सकें की योग्य नहीं को खाने की इच्छा करने वाले को मंत्र वृक्ष पर लगे फल को तोड़ने का परिश्रम करना पड़ता है मोती की आकांक्षा करने वाले को सागर के ताल तक जान का परिश्रम करना पड़ता है [संगीत] [संगीत] की क्या वो उसके योग्य है ये जान लेना आवश्यक है की क्या वो ये उत्तरदाता है तो उठाने योग्य है या नहीं परीक्षाओं का सामना करना पड़ेगा अर्जुन को अपने पुत्र के मुंह में अपने क्या-क्या किया है मुझे कुछ छुपाने पूरे पुत्र को निशा दिखाने के लिए आपने देवराज पद की गरिमा को किस तरह लांछित किया है अलीबाग दी जानता हूं देवराज [संगीत] यदि एक पिता अपने पुत्र की परीक्षा लेट है तो पुत्र प्रशंसा पता है जब एक पिता पुत्र की प्रशंसा करता है तो पुत्र केवल परीक्षा पता है आशा है की अगली भेंट देवराज इंद्र से हुई पिता से नहीं [संगीत] परंतु मुझे अपने पुत्र की कौशल था योग्यता [संगीत] विश्वास आपकी प्रत्येक परीक्षा में मेरा पुत्र अवश्य सफल होगा युवराज इंद्र को अपनी दृष्टि नीचे करने पर विवश कर दिया कान को ऐसे परीक्षा में डालूंगा क्योंकि वो कभी सफल नहीं होगा उसे दिग्विजय कांड को पेशाब विहीन कर दूंगा बहुत श्राप दिलाऊंगा उसे

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