[संगीत] देख रहे हैं इसे यह बड़ा भयंकर अस्त्र है अब आप कहेंगे कि यह छोटी सी धातु भला किस काम की आप चाहे तो इस धातु से वस्तुएं जोड़ ले या फिर चोट भी खा सकते हैं यह एक धातु लकड़ी के दो पट्टों को एक करके जोड़ सकती है या फिर आपके शरीर में लग जाए या चुप जाए तो आपको बहुत बड़ा घाव भी दे सकती है इसलिए एक बात सदा स्मरण रखें कोई भी वस्तु छोटी या बड़ी नहीं होती सबका अपना महत्व होता है यदि आपको स्वयं बड़ा बनना है तो कभी किसी को छोटा समझने की भूल ना करें यदि छोटों का साथ लिया तो आप स्वयं बड़े बन जाएंगे और यदि उनका तिरस्कार किया तो इस धातु की भाति चुपकर वह आपका मार्ग भी रोक सकते हैं पिताश्री मैं जाने से पूर्व आपको एक वचन देना चाहता हूं वचन कि आपका गर्व बढ़ेगा और सर नीचा होगा उन लोगों का जिन्होंने आपको इस युद्ध में प्रवेश करने से रोका मैं आपकी तुलना करने में भले ही समर्थ नहीं परंतु शत्रु मेरी तुलना आपसे अवश्य करेंगे पिताश्री वचन देता हूं पिता श्री की वृष सेन के धनुष से निकले हर एक बाण पर अंगराज कर्ण के कौशल का चिन्ह होगा मेरे हर एक प्रहार पर आपके परिवर्तन की छाप होगी आपका कवच भले ही शत्रुओं ने आपसे छीन लिया हो परंतु मैं शत्रुओं के एक एक वार पर ल बनकर युवराज दुर्योधन और अपने पक्ष की रक्षा करूंगा ये आपका प्रत्येक स्वप्न मैं पूर्ण करूंगा या पूर्ण करने के प्रयास में वीर गति को प्राप्त हो [संगीत] जाऊंगा द्रोण शिष्य [संगीत] अर्जुन द्रोण शिष्य अर्जुन के मन में मैं यह प्रश्न उत्पन्न कर दूंगा पिताश्री की यद अंगराज कर्ण का अंश उन पर इतना भारी पड़ रहा है तो तब क्या होगा जब स्वयं अंगराज कर्ण से उनका सामना होगा [संगीत] पताश दुनिया महाराज महाराज क्या हुआ महाराज आज ठीक तो है ना क्या आपने कोई दु स्वप्न देखा है हां क्यों कि कदाच तू स्वप्न देखना मेरा प्रारब्ध हो गया है परंतु संजय तुम इस समय यहां कैसे महाराज महर्षी वेदव्यास जी पधारे हुए हैं आपसे मिलने के लिए वही समाचार लेकर आया था किंतु ऐसी स्थिति में मिलना क्या उचित होगा महाराज [संगीत] महर्षि अवश्य ही कुछ उचित सोचा होगा तभी पधारे हैं उन्हें सादा ंदर लेओ संजय जैसे आज्ञा [संगीत] महाराज प्रणिपात [संगीत] महाराज आप महा ऋषि है मेरे नियोगी पिता भी इस प्रकार प्रणिपात करके और मुझे महाराज कहकर मुझे लज्जित ना करिए आइए आपका स्वागत है आइए आइए मैं यहां अपने नियोगी पुत्र से मिलने नहीं अपितु हस्तिनापुर नरेश को चैता आया हूं यह बताने आया हूं कि यह समय सोने का नहीं अी तो जागने का है महायुद्ध को रोकने का है यह इस महायुद्ध से पूर्व की अंतिम रात्रि है इस महायुद्ध को रोकने का प्रयत्न कीजिए महाराज यदि एक बार यह युद्ध आरंभ हो गया तो इस अनर्थ को रोकना असंभव हो जाएगा सहस्त्र निर्दोष अपने प्राण गवा बैठेंगे अनेकों परिवार सदैव के लिए नष्ट हो जाएंगे यह महाविनाश रोकना केवल आपके हाथों में जो पिता अपने पुत्र पर जीवन भर नियंत्रण ना रख सका वो इस विभीषिका को रोकने का बीड़ा कैसे उठा सकता है यह युद्ध निश्चित है महा ऋषि युद्ध को रोक पाना हम मेरे बस की बात नहीं मुझे क्षमा कर दीजिए मैं तो कदाचित आपको क्षमा कर दू किंतु इतिहास आपको कभी क्षमा नहीं करेगा हस्तिनापुर में शांति दूत बनकर आए वासुदेव के साथ दुर्व्यवहार का परिणाम है यह पुत्र हट को दोष मत दीजिए इस महाविनाश के लिए पुत्र हट नहीं आपका पुत्र मोह उत्तरदाई है तो आप क्या मुझे उलहाना देने आए हैं महर्षि या फिर श्राप नहीं वरदान देने आया हूं मैं आपको दिव्य दृष्टि देने आया हूं जिस विनाश की नीव आपने स्वयं रखी है आप उसको देख सके नहीं ऐसा मत कीजिए महार यह वरदान नहीं है यह श्राप है अरे जिस पिता ने अपने पुत्रों को घुटनों के बल चलते नहीं देखा अरे वह पिता अपने पुत्रों को घुटनों के बल अपने प्राणों की भी कैसे देख सकता है जिस पिता ने अपने पुत्रों के मस्तक पर तिलक लगते नहीं देखा व अपने उन पुत्रों के सर कटे कैसे देख सकता है जिस पिता ने अपनी वधु को सुहागन नहीं देखा वो पिता अपनी वधु को विधवा कैसे देख सकता है किस प्रकार ये अत्याचार मत कीजिए म मत कीजिए मुझे कोई दृष्टि नहीं चाहिए मुझे कोई दृष्टि नहीं चाहिए मेरी आपसे विनती है महा ऋषि कि मेरे स्थान पर आप यह दिव्य दृष्टि संजय को दे [संगीत] दे ताकि संजय मुझे इस युद्ध के समाचार के साथ साथ मेरे पुत्र का समाचार भी मुझे देते रहे आपकी इच्छा अनुसार मैं यह दिव्य दृष्टि संजय को प्रदान करता [संगीत] हूं पुराण कारा वसाय जय [संगीत] काण न दन विश्वम येन [संगीत] [संगीत] प्रकाशित मान में कम जगत बीच [संगीत] माध्यम ओमकार विश्वम विश्व [संगीत] [प्रशंसा] विश्व माध्यम नि निम य विश्वम विश्वम विश्वा माम जय [संगीत] महाकाली अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना [संगीत] पुत्र अपने पिता की प्रतिज्ञा को स्मरण रखना और अपनी माता के अपमान को मत [संगीत] भूलना मर था काम जम च समया [संगीत] म या विजय हमारी होगी हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव ओम नमः [संगीत] शिवाय त्रबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम त्रयंबकम ना महे सुगंधि पूति वर्धनम उर्वारुकमिव बंधना वि मोक्षी अमृता मत्य मोक्षी अमृता मत्य और मोक्षी [संगीत] मामता [संगीत] हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर [प्रशंसा] [संगीत] महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव स्मरण रहे पुत्र अब इस युद्ध भूमि में तुम्हारे विरोध में जो भी हो उससे तुम्हारा कोई संबंध नहीं तुम्हारा संबंध केवल तुम्हारे कर्तव्य और तुम्हारे लक्ष्य से है यदि मेरे स्थान पर आप होते तो क्या आपके लिए यह स्वीकार कर लेना इतना ही सरल होता पिता श्री सत्य कहूं तो सरल नहीं होता विशेषकर तब जब मुझे ज्ञात हो गया है कि पांडवों से मेरा रक्त संबंध है किंतु पुत्र मैंने सदैव एक बात को माना है कि आपको आपके वचन पर अडिग रहना चाहिए तुमने युद्ध चुना है परंतु युद्ध क्या परिणाम चुनेगा य उसका अधिकार है तुम्हारा अधिकार केवल अपने कर्म और अपने कर्तव्य पर है इस युद्ध में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास [संगीत] करना कल्याण हो [संगीत] तुम्हारा हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ग [संगीत] मुझे तुम्हारी प्रतीक्षा रहेगी मित्र और मुझसे भी अधिक इस भूमि को तुम्हारी प्रतीक्षा रहेगी कि कब अंगराज जैसा वीर अपने चरण रखकर इसे महान [संगीत] बनाए सुरक्षित रहना [संगीत] [संगीत] सा [संगीत] रणी पात माता कल्याण वस्तु आओ पार्थ रथ पर आरूढ़ हो [संगीत] जाओ किस संशय में हो धनंजय विचरण करने का समय जा चुका है अब केवल पुरुष पुरुषार्थ करने का समय है मुझे ज्ञात है माता परंतु किंतु परंतु मोल भाव यह लक्षण व्यापारियों के होते हैं पार्थ धर्म युद्ध के युव के लिए यह शब्द निरर्थक है पापनाशिनी गंगा बहती जाती है किंतु परंतु नहीं करती अंधकार नाशक सूर्य किंतु परंतु नहीं करता और अधर्म का नाश करने को सज्ज अर्जुन की तुनीर में भी इन संदेह का कोई स्थान नहीं तुम्हारा सारथी युद्ध में तुम्हारा मार्ग दर्शन करने को सज्ज है [संगीत] पार्थ अपना स्थान ग्रहण करो कुरुक्षेत्र की युद्ध भूमि तुम्ह पुकार रही है पार्थ मुझ पर विश्वास रखो आपसे अधिक विश्वास तो मुझे स्वयं पर भी नहीं है माधव और मेरे लिए महत्त्वपूर्ण यह है कि तुम स्वयं पर विश्वास रखो [प्रशंसा] [संगीत] कुछ भूल तो नहीं रहे हो पार्थ क्या माधव दाता भीम को वीर हनुमान ने इस युद्ध में आप सबकी सहायता करने का वचन दिया था उनका साथ आप सबको साहस शक्ति और निडरता देगा बजरंग बली का आवाहन करो [संगीत] पार्थ मैं कुंती पुत्र अर्जुन पवन पुत्र जेश भ्राता श्री महाबली हनुमान काली हनुमन करता [संगीत] हूं हे महाबली हनुमान मेरे रथ के धवज विराजमान हुई पंजनी [संगीत] गभ्र अंजनी गर्भ संभूता ग्र सोतम राम प्रिय नम पधार ग भ हनुमान की जय महाबली हनुमान की जय बजरंग बली हनुमान की [संगीत] जय युद्ध का पहला दिन अधिकार नाम [संगीत] [संगीत] [संगीत] ा [संगीत] [संगीत] [संगीत] मा
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