[संगीत] ए इस पत्र को देख रहे हैं एक कुम्हार इस पत्र को बड़ी यातना से बड़ी सावधानी से गदत है वह इसे अग्नि में तपता है और इस योग्य बनाता है की भीषण तप में ये प्रयासों की प्यास बुझा सके और इस घाट का आरंभ जल से होता है [संगीत] जल इसका लक्ष्य क्योंकि इसे अपने भीतर जल को संचित करके रखना परंतु आरंभ और लक्ष्य मध्य इसे एक कठिन तपस्या से होकर जाना होता है [संगीत] और यही समस्या मनुष्य के साथ भी होती यदि उसे अपने जीवन में लक्ष्य पन तो उसे दुखों का कठिनाइयां का और बढ़ाओ का तप सहाना होगा [संगीत] क्योंकि बिना जल हुआ घाट बिना तप हुआ घड़ा [संगीत] जल का संचय नहीं कर सकता है [संगीत] [संगीत] दोबारा मिल सकता है [संगीत] [संगीत] [संगीत] है भगवान [संगीत] [संगीत] [संगीत] ठीक समय पर आकर रिश्ते ने पुरी स्थिति को ही बादल दिया [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] और मैं फिर से यही कहूंगा चिंता मत कीजिए [संगीत] आज का युद्ध समाप्त हुआ और युद्ध भूमि में जो कुछ भी बढ़ाओ को समझना का प्रयास करना चाहिए प्राप्त करने से रॉक रही है [संगीत] सबसे बड़ी बड़ा तो वो करण का पुत्र है आज दूसरे दिन भी उसने दुर्योधन का अंत होने से बच्चा लिया दुर्योधन के पद होने के पश्चात विश्व सिंह को अपने मार्ग से हटाना अति आवश्यक है [संगीत] तुम हमारे साथ होते [संगीत] कौरव केवल धर्मराज युधिष्ठिर का वध करने का पर्यटन करते रहे [संगीत] और कल हम दुर्योधन को अपना लक्ष्य बनाएंगे [संगीत] [संगीत] [संगीत] अरे माता आप आपका भाई माता हूं [संगीत] पुत्र को गाव लगता है तो माता को आभास हो ही जाता है [संगीत] परंतु भी तो इसके पिता है [संगीत] पुत्र के जीवन के लिए आपको कोई मो नहीं मैंने निश्चित कर लिया तुम कल युद्ध में नहीं जाओगे [संगीत] पिताश्री है तुम्हारे अतिरिक्त गौरव सी में और भी कुशल ही होता है [संगीत] [संगीत] उसकी सोच उसकी प्रतिभा उसका तेज करते समय मैंने बहुत कुछ शिखा [संगीत] [संगीत] [संगीत] उसे पर तेज स्वत ही ए जाता है अभिमन्यु मैं अपने कर्तव्य से मुख नहीं मोड सकता माता क्षमा चाहता हूं आप मुझे मेरे प्राण भी मांगेगा तो मैं मैं आप ही अपना शीश कैट कर आपके चरणों में रख दूंगा परंतु परंतु मैं अपने वचन से विमुक्त नहीं हो सकता माता [संगीत] वचन [संगीत] मैं युद्ध में पराजित होकर लौट वाला नहीं दिया तो मैं बेचैन होकर कंधों पर बैठकर आऊंगा [संगीत] वीरगति को प्राप्त करके कंधों पर लेट कर [संगीत] विनती करती हूं स्वामी रुकिए इसे कैसे होने दे सकते हैं कुछ कुछ कीजिए [संगीत] ममता और कर्तव्य में संतुलन करना है [संगीत] तुम एक योद्धा की माता हो तुम्हें अपने हृदय को कठोर बनाना होगा [संगीत] [संगीत] और तुम्हें भी होना चाहिए [संगीत] [संगीत] और तुम्हें भी समझना चाहिए हमारा लक्ष्य महायुद्ध है मेरा या मेरे पुत्र का होगा तो हमसे अधिक भाग्यशाली और कोई नहीं होगा सुप्रिया हर कोई जो इस युद्ध में है उसकी भी माता है वो भी किसी का भाई बेटा पिता या पति है यदि हर माता तुम्हारी भांति विलाप करने ग जाए तो इस युद्ध में जो था रिक्त हो जाएंगे तब युद्ध क्षेत्र में मृत्यु समाज खड़ी होती है तो योद्धा पुकारता है [संगीत] [संगीत] एक दुर्बल माता कैसे जीत शक्ति है यदि आपने निर्णय ले ही लिया है ठीक है किंतु एक बात स्मरण रखना यदि मेरे पुत्र को कुछ भी हुआ उसके उत्तरदाई आप होंगे [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] की दुर्योधन पर पक्ष वाले कल भी कम [संगीत] [संगीत] मैं करूंगा और दूसरे पंख पर मध्य रेखा पर रहेंगे कुशल योद्धाओं का ताल उनका सुरक्षा चक्र बन कर रहेगा और किसी भी मूल्य पर यह सुरक्षा पंक्ति [संगीत] अब तक [संगीत] [संगीत] आज तो घटक हुआ है और दो घटक हो सकता था मैं जानता हूं अरे सी को छोड़ के अब तो मेरी सुरक्षा का कर्तव्य अपने युवराज की सुरक्षा का कर्तव्य भी पूर्ण नहीं कर पे [संगीत] मुझे यहां पर विश्वास नहीं रहा बेटा तुम्हारी रक्षा और कौन कर सकता है मैं करूंगा मैं करूंगा [संगीत] [संगीत] मैं मानता हूं मैं महामहिम के समक्ष कुछ भी नहीं और मैं हृदय से उनका सम्मान भी करता हूं [संगीत] किंतु यदि युवराज मुझे अवसर दें [संगीत] तो मैं उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहूंगा [संगीत] आपका क्या मतलब वासुदेव कल गौरव किस रणनीति के साथ युद्ध क्षेत्र में उतरेंगे [संगीत] रचना चाहे जो भी हो किंतु आज जो रणभूमि में हुआ उसके पश्चात यह निश्चित है की दुर्योधन की रक्षा हेतु [संगीत] क्योंकि वो जानते [संगीत] इस व्यू के करण हम दुर्योधन को रणभूमि की और ला पाएं और यदि दुर्योधन व्यू से बाहर नहीं उसकी दुर्बलता समझे [संगीत] [संगीत] तब तक मैं युद्ध भूमि में आपकी सुरक्षा के लिए प्रस्तुत हो [संगीत]
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[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
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