भाभी मां मैं यहां प्रस्तुत [संगीत] हूं बताइए कैसे आपकी सहायता करूं प्रणाम विघ्नहर्ता गणेश जी इस समय आपकी भाभी मा ने नहीं आपकी एक भक्त ने आपका आवाहन किया है विन बाधाओं से घिर गई हूं अब आप ही उसे हर सकते हैं स्वामी की पूजा के लिए ना पुष्प मिले हैं ना बेलप और ना ही फल अब भला इनके बिना स्वामी की पूजा कैसे [संगीत] होगी मुझे ऐसा क्यों लग रहा है जैसे कोई मुझसे उन्हें छुपा रहा है अवश्य कोई उत्पाद ही होगा उत्पाती हां अवश्य ये किसी उत्पाती के उत्पाद का ही परिणाम है मैं जहां भी जाती हूं तो कभी बेलपत्र दृश्य हो जाते हैं तो कभी पुष्प आपको कैसे बताऊं भाभी मां जिसे आप उत्पाती कह रही वो कोई और नहीं आपका देवर अर्थात मैं ही हूं यदि वो उत्पाती है तो आप भी तो विघ्न हरता है तो मेरा विघ्न हरी आपके अलावा भला मेरी कौन सहायता कर सकता है यह कैसी उलझन में आ गए गणेश मां ने भी और भाभी मां ने भी दोनों ने भावुक उलझा दिया तुम्हें अब तो इन्ह आशीष देने के सिवाय कोई उपाय नहीं तुम्हारे पास प्रभु अब आपने मेरी प्रार्थना सुन ली तो कृपा कर मेरा विघ्न शीघ्र दूर कीजिए सूर्य उदय के समय स्वामी अपनी पूजा आरंभ करने ही वाले होंगे मुझे विलम मत होने दीजिए विघ्न हर्ता अब आपकी भक्ति और पूजा में कोई विघ्न नहीं [संगीत] आएगा [संगीत] [संगीत] धन्यवाद प्रभु गणेश जी गणेश जी ये क्या कर दिया आपने हां प्रभु कहा तो आप जाने ही नहीं वाले थे गए तो गए आपने देव सेना के सारे गग मिटा दिए देवराज कितने विश्वास के साथ कहा था आपने कि आप नहीं जाएंगे जो कहा था वो क्यों नहीं किया प्रभु आपने स्वयं को रोका क्यों नहीं हा गणेश जी मोशक जी उचित कह रहे हैं हा प्रभु हा गणेश जी आपने स्वयं को रोका क्यों नहीं रुक आप दोनों मुझे भी तो कुछ कहने दीजिए कितना स्नेह भरा आवाहन था भाभी मां का तो आप ही बताइए मैं भला कैसे ना जाता अपनी भाभी मां को दुखी कर देता क्या इच्छा से नहीं गया किंतु जाना पड़ा आप दोनों को समझ नहीं आएगा मेरे मन का [संगीत] भाव यदि कोई भी सच्ची भक्ति और विश्वास के साथ मुझे पुकारेगा तो मुझे जाना ही होगा उसे मेरे आशीष का अधिकार है और फिर यह तो मेरी होने वाली भाभी मां ही है इनकी पुकार भला कैसे ना सुनता [संगीत] मैं ओम गण गणपते नमः ओम गण गणेशाय नमः ओम गण गणेशाय नमः ओम गण गणपते नमः ओम गण गणेशाय [संगीत] नमः मैं अब और विलंब नहीं कर सकता वीरबाहु की सहायता हेतु अब जाना ही होगा किंतु प्रभु यदि देवसेना और कुमार कार्तिक एक दूसरे के समक्ष आ गए तो फिर मेरी अनुपस्थिति में वह मत होने दीजिएगा जो नहीं होना चाहिए इतना तो कर ही सकते हैं आप [संगीत] दोनों ओम गण गणपते नमः ओ गण गणेशाय नमः नमस्ते ब्रह गण गणेशाय नम नमस्ते रूपाय कर रूपाय नम प्रभ महा हे विनता गणेश मुझे क्षमा कीजिए आपका आशीष पाए बिना मैं इस महान कार्य के लिए वहां से चला आया मुझे ज्ञात है वीर बाहू आप मेरा अपमान करने के उद्देश्य से नहीं अपितु शीघ्र कार्य संपन्न करने के लिए मेरी प्रार्थना किए बिना वहां से निकल पड़े थे इसलिए मैं क्षमा करता हूं और आपका प्रायश्चित स्वीकार करता [संगीत] हूं हे विघ्नहर्ता गणेश यदि आपने मुझे क्षमा कर दिया तो इस विघ्न को दूर करने की कृपा करें इतना प्रबल खिव है य कि मैं इसे रोक नहीं पा रहा हूं प्रभु भक्ति की शक्ति से प्रबल कोई खिंचाव नहीं अपने आराध्य का नाम लो तभी तुम्ह इस मायावी खिंचाव से मुक्ति मिलेगी किंतु प्रभु मैं वही तो कर रहा था किंतु कोई लाभ नहीं हुआ कभी कभी अपने प्रयास रोक कर एक मात्र अपने आराध्य की भक्ति में ही अपना उपाय ढूंढना चाहिए वह जो करेंगे अच्छा ही करेंगे इसका विश्वास करना चाहिए [संगीत] गणेश जी ने उचित कहा है मुझे मेरी रक्षा प्रभु पर छोड़ देनी चाहिए व जो करेंगे अवश उसी में मेरी रक्षा निहित है ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी य तो अपना मानसिक संतुलन हो चुका है अपने बचाव का प्रयास सुब्रमण्य कार्तिके स्वामी ओम सुब्रह्मण्यम कार्तिके स्वामी ओम सुब्रह्मण्यम कार्तिके स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके [संगीत] स्वामी योगीश्वर महासेन कातियो अग्नि ंद कुमार सेना स्वामी शंकर सं हम किसे जा रहे हैं यह कैसा संकट है कैसे सुरक्षित रहेंगे हम इससे हमें कैसे मुक्ति मिलेगी [संगीत] उसने स्वामी की पूजा के लिए पुष्प बेलपत्र और फल लाने में सफल हो गई आपको कोटि कोटि धन्यवाद श्री विजन हरता गणेश जी मोशक जी वो देखि पुत्री देव सेना प्रथम पूज गणेश जी का धन्यवाद कर रही है अब हम क्या करें मोशक जी आप तो सदैव प्रथम पूज्य गणेश जी के साथ रहे हैं ना तो अवश्य उनकी कोई ना कोई चतुराई आपके अंदर भी आ ही गई होगी तो आप आपको युक्ति क्यों नहीं सुझा मैं मैं सुझा युक्ति हां आप ही तो कहते रहते हैं कि आपके सुझाव के बिना गणेश जी कोई भी कार्य नहीं करते तो आप मेरी सहायता कीजिए हा हां क्यों नहीं अवश्य अवश्य [संगीत] करूंगा प्रभु गणेश जी यहां नहीं है तो क्या हुआ मैं इसका उपाय अवश्य बताऊंगा किंतु वो गए कहां कहीं वो कहीं वो प्रभु कार्तिके के समक्ष नहीं नहीं मुक जी ऐसा मत कहिए अनर्थ हो जाएगा भाभी मां कहां है देवराज मशक जी गणेश इतना सा ही कार्य था बस उन पर दृष्टि बनाए रखने का वह भी नहीं कर सके आप दोनों प्रभु कुपित होने का नहीं अपना कार्य करने का समय है ये अभी तो आप स्वयं सभी विघ्न हरने की बात कर रहे थे मैं तो यूं ही हमें अभी भ्राता के पास पहुंचना चाहिए भ्राता स्नान के लिए ही गए [संगीत] होंगे यह रहे [संगीत] भ्राता [संगीत] भाभी मां वह हमसे पहले ही यहां पहुंच गई है और उन्होंने भ्राता के वस्त्र भी तैयार कर दिए गणेश जी जो वस्त्र और आभूषण देव सेना लाई है वह हमारे वस्त्र और आभूषणों से अधिक व्यवस्थित है [संगीत] [संगीत] [संगीत] भ्राता ने यदि उन्हें यहां सब व्यवस्था करते देख लिया तो उनके मन में जो प्रश्न उठेगा वो हमसे करेंगे और हम कोई उत्तर नहीं दे सकेंगे इसलिए भ्राता पीछे मत मत मुड़ एगा पीछे मत मुड़िए मत [संगीत] मुड़िए [संगीत] मुझे आभास हो रहा है जैसे स्वामी की दृष्टि मुझ पर है जिस रहस्य का अभी तक मुझे आभास हो रहा था वो तुम हो जो अब मेरे सामने हो स्वामी आप मुझे देख रहे हैं तो मेरे नेत्र भी आपकी और मुड़ने के लिए लाला है किंतु मर्यादा के बंधन ने मुझे रोक रखा है मेरे वस्त्र मेरे आभूषण इतने सुव्यवस्थित कर दिए उ अ इस श्रेष्ठतम सेवा भाव भी है और संस्कार भी अद्भुत बात है एक दूसरे के विचार दोनों को ज्ञात नहीं किंतु अपने मन से कदाचित दोनों आपस में बात कर रहे हैं दोनों अपने आपसी संबंध का अनुभव कर रहे हैं किंतु हमें अभी भी उसकी वास्तविकता भ्राता से छुपानी होगी क्योंकि भ्राता तो अभी भी विवाह के विरुद्ध है यह जो कोई भी है इसके विचार में अपना ध्यान नहीं भटकने देना चाहिए मुझे एकाग्रता से अपनी पूजा करनी [संगीत] चाहिए वो दोनों आमने सामने आ भी गए और कुछ हुआ भी नहीं किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि भविष्य में कुछ नहीं होगा हमें सतर्क रहना चाहिए ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके [संगीत] स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके [संगीत] स्वामी हम भी रोक लो हम इस काम में नहीं जाना चाहते हम बचा लो रोक लो हम रोक लो बस एक ही नाम है जो हमें इस विपदा से सुरक्षित करेगा सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी का नाम ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी की [संगीत] जय ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी की ज का स्वामी की जय की जय का स्वामी की जय जो कर रहे उस दु बाल की जय जयकार मैं करूंगा उनका सार ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी की जय ओ सु मण्यम कार्तिके स्वामी ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स् की जय स्वामी की जय [संगीत] [संगीत] की [संगीत] यदि भाभी मां वहां देह पहुंचने के वस्त्र के साथ पहुंच गई तो वह बात किए बिना नहीं रह सकेंगी और यदि उन्होंने बातों बातों में विवाह का उल्लेख कर दिया तो सब व्यर्थ हो जाएगा उसका आगमन हो रहा है प्रभु कार्तिकेय के मुख पर इतनी कठोरता का भाव कहीं कुछ अनिष्ट ना हो जाए तुम्हें यहां नहीं आना चाहिए [संगीत] था भाभी मां क्या हुआ गणेश जी भाभी मां पूजा की तैयारी अभी अधूरी है लाइए दीजिए यह देह पहुचने का वस्त्र मुझे दे दीजिए मैं दे दूंगा भ्राता को पूजा सामग्री इससे कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है उचित है यह लीजिए एक बार पुनः आपको अवसर मिला है इस बार आप मत चकिए जाइए समझाइए कि अभी भ्राता से उनका बात करना उचित नहीं उन्हें इसका परिणाम बताइए और रोकिए क्योंकि यदि भ्राता को भाभी मां का उचित परिचय ज्ञात हो गया तो उनका मौन व्रत तो भंग होगा ही साथ ही साथ वो अपना संयम भी खो देंगे और पाशुपतास्त्र प्राप्त करने में असमर्थ हो जाएंगे कि तो मैं उसे कैसे कह सकता हूं वो कुमार कार्तिकेय की भावी पत्नी है तो फिर मैं उसे कैसे रोक सकता हूं कि वो उनसे वार्तालाप ना करें देवराज संसार के हित में ऐसा करने के लिए हम विवश हैं दोनों एक दूसरे को देख चुके हैं अब दोनों में वार्तालाप ना हो इसका एक ही उपाय है भाभी मां को सीधे बोलकर समझा [संगीत] [संगीत] देना कैसे कहू मैं पुत्र देव सेना [संगीत] से [संगीत] [संगीत] देव सेनापति भाभी मां तो अभी भी वहां व्यवस्था कर रही है तो अब क्या होगा आशा है देवराज ने उनसे बात कर ली होगी उन्हें समझा दिया होगा गणेश [संगीत] जी [संगीत] [प्रशंसा] देवराज आपने भाभी मां को बता दिया ना नहीं गणेश जी गणेश जी वो पूजा की व्यवस्था कर रही थी इसलिए मैं नहीं बता पाया तो तो भाभी मां भ्राता से कुछ भी कह सकती है [संगीत] बस बहुत हुआ अब जो उसकी जयजयकार करेगा मैं उसे मसल के रख दूंगा दुष्ट असुर तुम कौन हो और ऐसा क्यों कर रहे हो मेरा परिचय क्या होगा तो तुम उस दुष्ट काति के का जाग करना भूल जाओगे लंका का सेनापति महा विक्रम असुर और मैं असुर सम्राट भगवान सुरा पद्मन के नाम के जा के सिवाय किसी के नाम के स्मरण के पाप की अनुमति भी नहीं दूंगा कार्तिके स्वामी की जय जब तक मैं आ हं तुम्हें कार्तिके का नाम नहीं लेने दूंगा अब तो बस तुम्हारे संपूर्ण असूर साम्राज्य में बस एक ही नाम गूंजे गी प्रभु सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी का [संगीत] नाम ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी माता सुरा सई मैं वचन देता हूं जो शीष हसो सम्राट सरा पमन का नाम नहीं लेगा वो शीष में रे चरणों में गिरा होगा ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी अद्भुत मेरी पूजा सामग्री व्यवस्थित है दीप प्रज्वलित होने के लिए तैयार है चंदन और जल अभिषेक के लिए जो भी है इसका मेरे प्रति सेवा भाव अनुपम है तोरे नैना मोरे नैना दोनों के है एक नैना तोरे नैना मोरे नैना दोनों के है एक नैना तोर नैना और नैना दोनों के है एक [संगीत] नैना दनता नाना प्रभु मेरी व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं रह गई है ना [संगीत] देताना देना देरे कोई कमी नहीं है कुछ नहीं छूटता इसकी दृष्टि से अदभुत है इसकी सेवाय मेरी इतनी सेवा क्यों कर रही है क्या चाहती है य मुझसे प्रभु को अपना परिचय बताना होगा तभी तो व समझ सेवा के पीछे को स् [संगीत] क्या हुआ गणेश जी परिचय भाभी मां भ्राता को अपना परिचय देने वाली है मेरे अनुज विक्रम असूर तुम्हारे भ्राता के मुख प उस कार्तिके का नाम क्यों था और उसका शीश यहां पर असहाय अवस्था में क्यों पड़ा हुआ है प्रभु अब कुछ ही क्षण शेष है भाभी मां ने कुछ कहा तो उसका परिणाम क्या होगा य किसी को नहीं पता प्रभु कदाचित आपके मन में य जिज्ञासा कि मैं हूं तो हूं कौन तो मैं अपना परिचय देती हूं मैं देवराज इंद्र की बेटी [संगीत] देवसेना और माता पार्वती की आज्ञा से मैं यहां आपकी सहायता के लिए आई हूं यह मेरा परम कर्तव्य है [संगीत] प्रता ने भाभी मां से उनके कर्तव्य की चर्चा की तो वो विवाह की बात अवश्य करेंगी क्योंकि मैं आपकी क्योंकि मैं आपकी क्योंकि मैं [संगीत] [संगीत] आपकी [संगीत] यह कैसी विकट अवस्था है जिसमें मुझे कोई उपाय नहीं सूच रहा है भाभी मां बस विवाह शब्द कहने ही जा रही है आपकी परम भक्त आपकी परम भक्त है आपकी भक्ति अमृत में लीन है [संगीत] वा वा प्रभु वा वा गणेश जी आपको कोटि कोटि नमन समय रहते आपने इस संकट को भी टाल दिया वाह आप तो सत्य में अद्भुत है माता पार्वती के नंदन आपने कितनी सरलता से ज्ञात कर लिया कि मुझे परिचय देते हुए लज्जा आ रही है अब आप ही स्वामी को बता दीजिए कि मैं कौन हूं हां प्रभु अद्भुत है अतुल्य है अति विशेष है देवी देव सेना की भक्ति और देवी मां है और उनके आगमन से ही सभी सैनिकों में ऊर्जा आई है देवी मां क्यों देवर जी को तो भाभी मां कहना चाहिए सत्य कहा सरथा सत्य कहा आपने हां भ्राता आपकी इतनी महान भक्त है यह देवी मेरा अर्थ है देवी मां जिन्होंने भक्ति सरोवर में डूबकर आपकी ऐसी प्रतिमा बनाई कि स्वयं हमें भी विश्वास नहीं हुआ अद्भुत सर्वथा अद्भुत और इतना ही नहीं इन्होंने ही आपके लिए कुशा दूब और पुष्पों की शैया बनाई और इससे भी अधिक भोर में इन्होंने अनेकों विघ्नों का सामना किया किंतु पूजा की यह सभी सामग्री एकत्र की ऐसी अपार निष्ठा है इनकी आपके प्रति हां हां देव सेनापति गणेश जी सर्वता उचित कह रहे हैं और मैं इसका साक्षी रहा [संगीत] हूं किंतु देवी मां कुछ तो कमी रह गई है कैसी कमी गणेश जी बताइए ना यदि मैं पूर्ण कर सकी तो मैं अवश्य [प्रशंसा] करूंगी नहीं नहीं इतना चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है देवी [संगीत] मां मेरे विचार से पूजा सामग्री में कुछ छूट गया है और यह तो स्वाभाविक है हां हां कदाचित मुझे भी ऐसा ही लग रहा है नहीं नहीं यहां तो सब कुछ है मैं सब कुछ लेकर आई हूं यहां पुष्प है फल है बेलपत्र जल अभिषेक के लिए जल और तिलक के [संगीत] लिए चंदन वो कहां गया हां हां चंदन का लेप ही तो नहीं है किंतु मुझे तो भली भात ही स्मरण है कि मैंने देवी मां यह वन है यहां भाती भाती के पशु हैं मूषक भी होंगे संभव है जब आप अन्य व्यवस्था कर रही थी तो चंदन का लेप उनमें से कोई उठाकर ले गया हो ये अच्छा है प्रभु स्वयं कुछ करने को कहते हैं और फिर स्वयं मुझ पर दोष मर देते हैं पुत्री आप कहने सुनने में समय व्यर्थ मत करो जाओ जाकर लेप ले आओ स्वामी कार्तिकेय की पूजा में विलंब जो हो रहा है जाओ नहीं नहीं देवी मां आप अब कष्ट मत उठाइए चंदन लेप मैं ले आता हूं नहीं गणेश जी यह कार्य तो मुझे ही करना [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] है चले गणेश जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश मु क्या योजना पूर्ण पावती चतुर गणेशा मन को भटकाने वाली परिस्थितियों के उत्पन्न होने पर भी संयम धारण कर अपने लक्ष्य की प्राप्ति के प्रति पूर्ण समर्पण ही उत्तम व्यक्तियों का गुण है
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