श्री गण श्री गणे आइए आइए वृंदा जी यदि शक्ति चाहिए तो आइए ले लीजिए मुझसे तुम कहीं भी चले जाओ गजमुख किंतु मैं तुमसे वो शक्ति छीन कर ंगी मुक जी चलिए जी प्रभु मैं तुम्हें पकड़ कर ही रहूंगी गजमुख और फिर मुझसे तुम्हारी रक्षा कोई नहीं कर पाएगा [संगीत] मशक जी शीघ्रता कीजिए आनंद आएगा अबार आनंद आएगा वहां तुम्हारे पिता को मेरे पति धूल धूसर करेंगे य मैं तुम्ह उचित पाठ सिखाऊंगा प्रभु व आक्रमण कर रही है हम पर तो आप उसका उत्तर क्यों नहीं दे रहे युद्ध तो मैं भी कर सकता हूं मुक जी किंतु मैं अपने हाथों से किसी स्त्री का वध नहीं करना चाहती ज देव देव देव देव देवव देवव प्रभु यदि आपको युद्ध नहीं करना तो हम इससे उलझे क्यों रहे हैं और कहां जा रहे हैं हम मशक जी आपके प्रश्नों की सूची तो कभी समाप्त ही नहीं होती अभी आपकी जिज्ञासा शांत हो जाएगी जब हम वृंदा जी को उनके वास्तविक निवास तक पहुंचा देंगे उन्हें उनके सत्य से पुनः परिचित करा देंगे समझ गया प्रभु मुक जी जब मैं संकेत दूं आप सीधे नीचे उतर जाइएगा समझ गए ना किंतु प्रभु नीचे तो सागर है और मुझे तो तैरना ही नहीं आता अब सागर में तो कूदना ही पड़ेगा अन्यथा वृंदा जी की छोड़ी गई शक्ति आपको पल भर में भस्म कर देगी मूषक जी मुझ पर विश्वास रखिए और निसंकोच उतर जी [संगीत] प्रभु क भाग कर जा रहे हो गजमुख कहीं भाग कर नहीं जाने दूंगी तुम्हें व्यर्थ प्रयास कर आप सागर की अतल गहराई में आप मुझे कभी नहीं पकड़ सकेंगी वृंदा जी वास्तविक भगवान की पत्नी हूं मैं तुम्हें कहीं से भी ढूंढ निकालने की क्षमता है मुझ में जल में हो या थल में तुम मुझसे कहीं नहीं बच [संगीत] सकते प्रभु देखिए मैं तैरने में सक्षम हो गया हूं तैर रहा हूं मैं मूषक जी प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अनेकों संभावनाएं और क्षमताएं छिपी होती है जो विपरीत परिस्थितियों में उसका साथ देने के लिए उजागर होती है आवश्यकता है तो बस अपने ऊपर विश्वास और साहस की चलिए बस आप आगे बढ़ते जाइए प्रभु [संगीत] प्रभु मैं वृंदा जी को कोई आघात नहीं दूंगा किंतु सागर में बसे जीवन को भी आहत नहीं करने दूंगा मूषक जी पीछे मुड़िए जी [संगीत] [संगीत] प्रभु [संगीत] [संगीत] प्रभु मशक जी ऊपर चलिए श गणपते गणेशु वामा [संगीत] विम नाते कीनारे महा मरकम मव चत्र मर [संगीत] कहां गया वो [संगीत] गजमुख ब ंदा जी अब मैं अपने लक्ष्य से अधिक दूर नहीं और जैसे ही मैं वहां पहुंच मैं इस शक्ति को नष्ट कर दूंगा और फिर उधर जलंधर का वध हो जाएगा जब तुम प्रथम बार मेरे कैलाश में आए थे तब से तुम्हारे कारण विनाशी हुआ है कंटक की भाती चुभ रहे हो तुम मेरे नेत्रों में बस कित आज तुमसे वो शक्ति छीनकर तुम्ह ना देने का आनंद प्राप्त करूंगी [संगीत] [संगीत] [संगीत] मैं [संगीत] मशक जी आप उस शिला के पीछे छिप जाइए और मेरी प्रतीक्षा कीजिए जी प्रभु रुको दोस्त कहा भा रहे हो तुम आइए आइए वृंदा जी यदि शक्ति चाहिए तो आइए ले लीजिए मुझसे आइए आइए कहीं भी छिप जा तू मैं तुम्हें ढूंढ कर ही निकालू तो उस खंडहर की तरफ जा रहा है मैं इसके पूर्व वहां पहुंच जाऊंगी और अंत कर दूंगी इसका अरे आप आ गई पकड़े गए ना गजमुख मैंने तुमसे पहले ही कहा था कि मुझसे बचकर कहीं नहीं जा सकोगे तुम आज इस चीर्ण श मंदिर के अवशेष साक्षी बनेंगे मेरे द्वारा तुम्हे उचित पाठ सिखाने में पाठ तो कोई अवश्य सीखेगा यहां किंतु वह कौन होगा यह तो अभी ज्ञात हो जाएगा वृंदा [प्रशंसा] जी [संगीत] तुम्हारी मुश्ती तो रिक्त है कहां है वो शक्ति कौन सी शक्ति विंदा जी मेरे पास तो कोई शक्ति थी ही नहीं मैं तो बस आपको यहां तक लाना चाहता था इस श मंदिर में जो साक्षी था आपके पूर्व समय का जिस मंदिर में आप सदा तप में लीन रहती [संगीत] थी मैं और इस मंदिर में रहती थी असंभव सन जी तनिक सहायता कीजिए वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि समप निर्म कुरु देव सर्व काश सर्वदा शांताकारम भुजग शयम पदमनाभम सुरेशम विश्वाम परिचित लग रहा है लक्षमी कांत कमल नयनम [संगीत] योन मैं इस स्थान से भली भाति परिचित [संगीत] हूं [संगीत] [संगीत] मैं आरती तेरी गाऊं ओ केशव कुंज बिहारी मैं आरती तेरी गाऊं ओ केशव कुंज बिहारी शना सुंदर कोई ओ मोर मुकुट धारी मैं आरती तेरी गाऊ ओ केशव कुंज [संगीत] बिहारी मंगलम मंगलम मंगलम श मंगलम मरम [संगीत] मरम [संगीत] स्मरण कीजिए वृंदा जी आप क्या थी और अब क्या हो गई है स्मरण कीजिए अपनी सरलता अपनी पवित्रता को और अब देखिए कितनी बुराइयों को आपने अपना लिया है बुरी संगति का कैसा कुप्रभाव हुआ है आप पर एक पावन हृदय प्रभु भक्त से एक कुटिल कपटी आसुरी बन गई आप मात्र एक अनुचित कामना व्यक्ति को ऐसे अंधकार कूप में धकेल सकती है जिसमें आप पहुंच गई है वृंदा जी जालंधर को पाने के लिए आपने अपने इष्ट संसार के पालनहार प्रभु नारायण को भुला दिया भक्ति के गंगा समान पावन प्रवाह को तेज कर आपने दुष्टता से अपने जीवन को दूषित कर दिया जिसे मैंने अपने पति रूप में चुना उसे अपनी ओर आकर्षित भी ना कर सकी मैं तो क्या लाभ है ऐसी विष्णु भक्ति का हसे में भक्ति के मार्ग को त्याग कर वही मार्ग अपना उंगीयर्ड [संगीत] दान ही उस दुष्ट जलंधर का कवच बना हुआ है व दुष्ट जो संसार से भगवान का अस्तित्व ही मिटा देना चाहता है जो पापी होने पर भी जगत का भगवान बनना चाहता है हां वृंदा जी स्मरण कीजिए आप आप श्री हरि नारायण की महा भक्त [संगीत] [संगीत] है [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] य मैं क्या कर [संगीत] बैठी इतना बड़ा अपराध कैसे हो गया मुझसे [संगीत] नारायण मेरी आराध मैं ऐसी कपटी ल कैसे बन [संगीत] गई विफल हो चुका है तुम्हारा चंद्रहास का प्रहार फिर भी वार करना चाहते हो तो कर लो किंतु मुझे कुछ नहीं हो सकता अब क्या पुनः जीवित हो उठेगा ये इसके शीष पुनः उगाए मैं पुनः वापस आ गया अरे यह क्या हुआ तुमने अपना चंद्रहास क्यों लौटा लिया पुन वार करो चलो एक बार पुन वार करो मुझ पर मुझे इस क्रीड़ा में बहुत आनंद आ रहा है इस दुष्ट की उद्दंडता अब सहम नहीं कर पा रहा हूं मैं गणेश कहां हो तुम विघ्न हरता हो तुम अनुज इस विघ्न को कब दूर करोगे तुम [संगीत] [प्रशंसा] वृंदा जी एक अनुचित निर्णय ने आपको इतना गिरा दिया किंतु भगवान आपको नहीं भूले आप प्रभु नारायण की प्रिय भक्त थी और सदैव [संगीत] रहेंगी [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] नहीं नारायण मैं आपके वरदान को इस संसार के लिए अभिशाप नहीं बनने दूंगी ऐसा कदापि नहीं होने दूंगी मैं अनुचित किया है किंतु आप सब उचित कर दूंगी [संगीत] मैं ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय [संगीत] नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय [संगीत] नमः मम मंगलम मंगलम श श [संगीत] [संगीत] म इतने वर्षों में ऐसी अद्भुत आत्मिक शांति ऐसे परम सुख का आनंद आज पुनः प्राप्त हो गया [संगीत] [संगीत] मुझे [संगीत] [संगीत] प्रभु प्रभु श्री हरिनारायण की भक्ति छोड़ वृंदा जी ने जलंधर को स्वामी मानकर उनकी भक्ति आराम की है प्रभु जब तक व उनके साथ है उनका कोई नहीं हो सकता तो क्या प्रभु मुक जी अब वृंदा जी अपनी भूल समझ चुकी है किंतु अब प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि क्या वृंदा जीी जलंधर के पक्ष में होंगी उनकी अमृत्य का कारण बनेगी यह तो अब उन्हें ही निश्चय करना होगा क्योंकि एक वही है जो जालंधर और उनकी शक्ति को तोड़ सकती हैं इसके अतिरिक्त अन्य कोई मार्ग नहीं मशक जी बस जलंदर बस अति हुआ अब तुम्हारा अंत अवश्य होगा भगवान अब तक तुम यह नहीं समझे कि तुम कुछ भी कर लो मेरी मृत्यु नहीं हो [संगीत] सकती प्रभु अगर आप मुझे कोई वरदान देना ही चाहते हैं तो सदा सुहागन रहने का वरदान दीजिए मेरी जीवित रहते मेरे पति की कभी मृत्यु ना हो तथास्तु [संगीत] असुर गुरु है शुक्राचार्य वही हमें संसार पर विजय प्राप्ति का मार्ग सुझाए इ सभी देवताओं को ऐसा पाठ सिखाई जो यह कभी भुला ना सके मुझे यह वरदान प्राप्त है कि मेरी जीवित रहते मेरे पति की मृत्यु कभी नहीं हो सकती हत मेरे जीवित रहते तुम्हारी मृत्यु कभी नहीं हो सकती जलंधर अत मेरे जीवित रहते तुम्हारी मृत्यु कभी नहीं हो सकती जलंधर मुझे य वरदान प्राप्त है कि मेरी जीवित रहते मेरे पति की मृत्यु कभी नहीं हो सकती नहीं नारायण मैं आपके वरदान को इस संसार के लिए अभिशाप नहीं बनने [संगीत] दूंगी [संगीत] मुझे लगता है मुझे फिर से स्मरण करना होगा कि जब तक मेरी पत्नी विंदा जीवित है मुझे कुछ नहीं हो सकता पूरी संगति का कैसा कुप्रभाव हुआ है आप पर हम दोनों साथ मिलकर सज संसार पर अनंत काल तक राज करेंगे वो दुष्ट जो संसार से भगवान का अस्तित्व ही मिटा देना चाहता है सर्वश्रेष्ठ जालंधर भगवान जालंधर हूं मैं या तुम्हें तो क्या किसी को भी शिव का नाम लेने की अनुमति नहीं जो पापी होने पर भी जगत का भगवान बनना चाहता [संगीत] है अपने सभी पापों का प्रायश्चित करूंगी मैं [संगीत] [संगीत] हा अपने इस पाप मय जीवन से मुक्त हो जाऊंगी मैं महारी सं श श कुछ नहीं हो सकता मुझे भविष्य में तुम्हारी पत्नी ही तुम्हारे लिए मारक संकट बनेगी ंदा [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] आ [संगीत] [संगीत] रुकिए मूषक जी युद्ध समाप्त [संगीत] हुआ [संगीत] [संगीत] बुरी शक्ति कोई भी हो कितनी भी शक्तिशाली हो और कितनी भी सुरक्षित हो उसका
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