[संगीत] क्या संसार में कोई भी शब्द निरर्थक है क्या कोई ऐसी जड़ीबूटी है जो रोग का निवारण ना करे नहीं ठीक इसी प्रकार इस संसार में कुछ भी अयोग्य या निरर्थक नहीं होता हर एक प्राणी हर एक वस्तु हर एक घटना का एक महत्व होता है एक आवश्यकता होती है परंतु बड़ा वह निरीक्षक होता है जो उन्हें पहचानता है जैसे कि एक ज्ञानी शब्दों की शक्ति को पहचानता है जैसे कि एक वैद्य किसी बूटी में छिपे उसके गुणों को पहचानता है जैसे कि एक जोहरी को कोयले में छिपे हीरो को पहचानता है इन सब बातों का सत्व यह है कि यदि आपको श्रेष्ठ होना है तो कमिया देखना छोड़िए और गुण और विशेषताए देखिए आपका जीवन सफल और सरल हो [संगीत] जाएगा [संगीत] ता भीम उठ उठिए ब्रता भीम उठिए बद भीम [संगीत] प्रतिज्ञा ली ना तने कि तू मेरी जंगा तोड़ेगा आज मैं प्रतिज्ञा लेता हूं तुझे मारने के पश्चात उन पांडवों का वध करने के पश्चात उस पांच पतियों वाली पांचाली का उरे क्रू सभा के बीच फिर से वस्त्र हरण करूंगा और अपनी इसी जंगा पर बिठाऊ मान श्रद्धांजलि है मेरे 99 भाइयों के लिए [संगीत] सं सं से नबी ना स दे [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] अनुष प्रहार करो इस [संगीत] [प्रशंसा] पर [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] न्याया नाम अधिकार नाम रामम साम्राज्यम नम अधिकार नाम धम साम्राज्यम [संगीत] [संगीत] [संगीत] आयो हो क्या रहा है स्वयं स्वयं महाबली बलराम के होते हुए इस प्रकार नियम का उल्लंघन कैसे हो सकता है बलराम को कुछ करना होगा यह चल है [संगीत] बस नियम भंग हुआ [संगीत] है रुक जाइए दा आपने कहा था कि जो नियम भंग करके विजय प्राप्त करेगा तो आप उसे दंड देंगे किंतु अभी जय विजय का निर्णय नहीं हुआ है दाऊ आप भीम को अभी दंडित नहीं कर [संगीत] सकते [संगीत] आ कीय [संगीत] [संगीत] है [संगीत] संदेश कोती है ग की अग [संगीत] है कितने दर्प [संगीत] है संदेश के इस अर् [संगीत] का अधर्म को चती [संगीत] है दिलना यही कर्मों का फल धर्म वही परमान है [संगीत] ही का स परवा [संगीत] है [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ मित्र अंत हो गया अधर्म का अंत हो गया जे पांचाली से कहना मैंने अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण कर ली मैंने अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण कर ली पूर्ण कर ली पूर्ण कर ली यह 100 हाथी के बाल वाला भीम 100 भता का हत्यारा बन बैठा आज यह देव पुत्र अपने भ्राता का रक्त पीने वाला राक्षस बन बैठा मैंने अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण कर ली [संगीत] पांचाली तुम्हारे अपमान का प्रतिशोध मैंने ले लिया इस महायुद्ध में इस महाभारत में मैं विजय हो गया [संगीत] इस म युद्ध में इस महाभारत में मैं विजय हो गया परंतु आज स्वयं को हार गया ये वदर [संगीत] भीम हार गया यह यह वृकोदर भीम [संगीत] मैंने कहा था ना भीम यदि किसी ने नियम तोड़कर विजय पाई तो मैं स्वयं उसके प्राण हर लूंगा रमा देवा [संगीत] अहं तुमने दुर्योधन की जंगा पर प्रहार करके वंत का नियम तोड़ा है भीम अब मैं तुम्हें जीवित नहीं छोडूंगा धर्म स्थापना के लिए यह आवश्यक था और मेरी प्रतिज्ञा पूर्ण होने के लिए भी मा माधव ने मुझे माग दिखाया परंतु यदि माधव के जेष्ठ मुझे यम के मार्ग पर भेजना चाहते हैं तो मैं उसके लिए भी सच्चा हूं श्री बलराम बलराम अंत कर दो इस दुष्ट का यह हत्यारा है इसने मेरे 100 पुत्रों की निर्दयता से हत्या की है जिन पांडवों ने मेरे वंश के वृक्ष की जड़ों को काटा है काट डालो उनके वंच के वृक्षों को यह क्या अनर्थ हो गया महादेव आपके दिए गए वरदान के पश्चात भी यह माता यह माता अपने पुत्र अपने दुर्योधन को उस कृष्णा के जल से नहीं बचा पाए ये कैसा न्याय है आपका इसने 100 पुत्रों के गर्वित पिता को पुत्र हीन कर दिया इसने एक अंधे के सभी स्वप्नों को अंधकार में डाल दिया अंत कर दो इसका मार डालो इसको हलदर यदि मुझे कोई तर्पण करने वाला जीवित नहीं तो इनका तर्पण करने वाला भी शेष नहीं होना [संगीत] चाहिए एक क्षण रुक जाइए दाऊ नहीं काना अब मत रोकना मुझे अब मैं बंधित नहीं हूं मैं अधर्म को तो नहीं रोक पाया परंतु अधर्मी का नाश अवश्य करूंगा किंतु अधर्म कहां हुआ है [संगीत] दाऊ भीम ने नियम भंग करते हुए दुर्योधन की जंगा पर प्रहार किया क्या यह अधर्म नहीं तुमने स्वयं अपनी आंखों से देखा है काना फिर भी तुम मुझसे प्रश्न कर रहे हो हां ता क्योंकि यह प्रश्न उचित है माना कि गदा युद्ध में कमर से नीचे प्रहार करना गदा युद्ध के नियमों के विरुद्ध है परंतु गदा युद्ध तो तभी समाप्त हो गया था ताओ जब दुर्योधन ने भीम के हाथों से गदा गिरा दिया था किंतु उसके पश्चात क्रोध के कारण दुर्योधन निहत्थे भीम पर निरंतर गदा से प्रहार करते रहे क्या यह उचित था [संगीत] दा तो दुर्योधन ने तोड़ा था विको दर भीम तो केवल आत्मरक्षा का प्रयास किया था हो जिसके कारण बको दर को विवश होकर दुर्योधन की जंघा पर प्रहार करना [संगीत] पड़ा ह ह [संगीत] ह और दाओ स्मरण रहे नियमों को भंग करना तो दुर्योधन ने प्रारंभ [संगीत] किया जब दो योद्धा आपस में युद्ध करते हैं तो वह एक दूसरे को उते हैं किंतु किसी की कुल वधु का मान मध्य में लाना और उसका अपमान करना क्षमा योग्य नहीं होता है त आप क्या चाहते थे दाऊ कि दुर्योधन इस युद्ध में विजय हो जाए और पांचाली को अपनी जंघा पर बैठा
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