Wednesday, 31 December 2025

बाली ने युद्ध में आसुरी मायावी शक्ति का प्रयोग किया Sankat Mochan Mahabali Hanuman 310 Pen Bhakti

[संगीत] मेरे प्रहार से पर्वत टुकड़ों में विभक्त हो गया कहीं इनसे सब आहत हो जाए मुझे इन्ह बचाना होगा सखा प्रतीत होता है अब कुछ और ही युक्ति लगानी [संगीत] होगी [संगीत] असंभव इस पर्वत के टकराने से भी इस मर्कट को कुछ नहीं हुआ और उसने खंडित पर्वत से उत्पन्न शीला को भी एक स्थान पर एकत्रित कर लिया वाली भैया अवश्य पुनः ऐसा वार करेंगे जिससे दूसरों को क्षति पहुंच सकती है मुझे युद्ध का स्थान ही बदलना होगा इन पर्वत खंडों से मैं इस असुर को रोकता हूं और वाली भैया को अंतरिक्ष में ले चलता हूं [संगीत] ये क्या कर रहा है मर्कट [संगीत] आ [संगीत] अरे ये क्या कर दिया इस मर्कट ने कहां जा रहा है [संगीत] बाली [संगीत] जंत चतुर है यह मानर बालक अवश्य य उसकी एक नई चाल है मुझे संदेह हो रहा है कि बाली संध्या तक उस वानर बालक के समक्ष टिक पाएगा थवा नहीं भी उसकी सहायता नहीं कर पाया मायावी जाओ और अपने माया का चक्र चलाकर उस वानर बालक को ऐसे फसाओ कि व सदा के लिए समाप्त हो जाए जो आ गया लंकेश तो मर्कट मुझे अंतरिक्ष में भेजकर सोच रहा है ये मुझसे युद्ध करने से बच जाएगा भूल है ये उसकी ली भैया अ यत को छोड़ के कहां जा रहे हैं महानतम वाली युद्ध छोड़कर जाने वालो में से नहीं है [संगीत] मर्कट अकस्मात वाली भैया की संख्या ऐसे बढ़ कैसे गई ऐसी शक्ति तो मेरे पास भी नहीं है जिससे एक व्यक्ति के इतने सारे स्वरूप हो य आसुरी मायावी शक्ति है अब बाली को आसुरी मायावी शक्तियों से और बल प्राप्त होगा वानर बालक की कठिनाइयां बढ़ जाएंगी और बाली इंद्र द्वारा दिए गए शक्तिशाली आभूषण की शक्ति का प्रयोग कर वानर बालक पर विनाशकारी आघात करने का अवसर प्राप्त [संगीत] [प्रशंसा] होगा नारायण नारायण यदि ये कुटिल कपटी असुर हनुमान का ध्यान बांटने में सफल हो गए तो वास्तविक वाली को हनुमान पर इंद्र के दिव्य भूषण से महा घातक दिव्य शक्ति का वार करने का अवसर मिल जाएगा हनुमान अपनी आधि शक्तियां पहले ही गवा चुका है ऐसी अवस्था में इस दिव्य शक्ति से हनुमान की प्रांत संकट में डाल सकती है मर्कट इस माया ने तो दुविधा में डाल दिया है पांच वाली भैया है किस पर वार करूं यदि मुझसे भूलवश वास्तविक वाली भैया पर वार हो गया और उन्हें कुछ हो गया तो नहीं नहीं वाली भैया का अहित नहीं चाहता मैं महारानी मां को दिए हुए वचन को भी निभाना है मुझे सुगर की रक्षा तो करोगे किंतु तुम्हारे और वाली के मध्य कभी युद्ध की स्थिति बनी तो तुम उसका वद नहीं [संगीत] करोगे महारानी मां मैं आपको वचन देता हूं कि आपने जैसा कहा है वैसा ही [संगीत] होगा कैसे पहचानू सत्य में कौन से है वाली भैया [प्रशंसा] [संगीत] वास्तविक वाली भैया को पहचाने बिना मैं कतक प्रहार नहीं कर सकता इतनी विकट परिस्थिति में भी किष्किंदा की महारानी जी इतनी श कैसे प्रतीत हो रही है इन्हे अपने पुत्र की या युद्ध के परिणाम की कोई चिंता नहीं हनुमान संभालो मेरा [प्रशंसा] प्रहार हनुमान आज तुम्हारा अंत निश्चित है हनुमान का ध्यान भटक रहा है यही उचित समय जब देव राजेंद्र द्वारा दिए गए दिव्या भूषण से अमोक शक्ति उत्पन्न करके हनुमान पर पार किया [संगीत] जाए वाली भैया के गले में यह कंठल अन्य सबको भी देखता हूं तो कंठर धारण किए हुए वाली भैया ही वास्तविक है अन्य सब मायावी राक्षस है अब होगा इस मर्कट का अंत साथ ही होगा इस युद्ध का भी अंत दिव्य कंठ हार अमुक शक्ति प्रकट करो हनुमत ज्ञान गुण के सागर बुद्धि विवेक में है आगर हनुमत युक्ति शक्ति सुफल ली की चाल करते [संगीत] विफल अमोघ शक्ति प्रकट हो ता ता ता ता ता ता स्वर्ग के हस्तग का कंठ हार इसकी दिव्य अमोग शक्ति तो महा घातक है हनुमान का आधा बल तो वाली के पास चला गया है हनुमान अपने आधे बल से इस दिव्य अमोग शक्ति का सामना कैसे कर पाएगा नारायण नारायण स्वर्ग के इस कंठ हार से उत्पन्न अमोघ इंद्र शक्ति तुम्हारा अंत कर देगी हनुमान अब तुम अपने आधे बल से इसका सामना नहीं कर सकते इंद्र शक्ति यदि वाली भैया ने इसका प्रहार कर दिया तो इंद्रदेव के सम्मान के लिए मुझे इसका सामना करना ही होगा उचित होगा मैं वाली भैया को प्रहार करने से पूर्व ही रोक दूं महारानी जी का यह व्यवहार कुछ समझ में नहीं आ रहा [संगीत] है मूर्ख वानर बाले तुम उस छोटे से वानर बालक के चतुराई के समक्ष कुछ नहीं कर पाओगे दुष्टता और अत्याचार में आखं डूबे हैं वाली भैया और दूसरी ओर हम सबसे ही नहीं वाली भैया से स्नेह रखने वाला निश्चल हनुमान जिसकी आधी शक्ति भी वाली भैया के पास चली गई होगी हे प्रभु सत्य और न्याय पथ का अनुसरण करने वाले हनुमान की रक्षा करना मेरा दिव्य कंठर मर्कट तुम्हारे कारण मेरा दिव्य कंठ हार ना जाने कहा गिर गया मर कट तुम्हे छोडूंगा नहीं मैं तुमसे ही प्राप्त हुई आधि शक्ति से मैं तुम्हारा अंत करूंगा मुझे सुग्रीव भैया की सुरक्षा के लिए विवश होकर ऐसा करना पड़ रहा है [प्रशंसा] सुग्रीव भैया की रक्षा करनी है [संगीत] मुझे [संगीत] यह हो क्या रहा है आ गया वो महानतम बाली जिसने मुझे लंकेश दशानन को परास्त किया था कहां गया मुक्त कर मुझे वानर फलक मुक्त कर मुझे वानर बाग जैसे आखेट से पूर मृग से क्रीड़ा करता है ऐसे क्रीड़ा कर रहा है यह वानर बालक बाली के साथ यह दुर्भाग्य है मेरा जो मेरे नेत्री देखने को विवश है कि एक अनुज भ्राता अपने जेष्ठ भ्राता को मार रहा है धीरे से हनुमान तुम्हारा हर प्रहार मेरे हृदय को आघात पहुंचा रहा है उ एक मां को दिया हुआ वचन स्मरण रखना महारानी जी का व्यवहार असमंजस उत्पन्न कर रहा है समझ में ही नहीं आ रहा है कि महारानी जी न्याय और सत्य की पक्षधर है या अन्याय और अत्याचार की नलक तो बाली की दूर दशा करके रख देगा यदि प्रथम दिवस ही बाली परास्त हो गया तो मेरी योजना विफल हो जाएगी नहीं मैं ऐसा होने नहीं दूंगा किंतु लंकेश वानर के तीव्र वार के समक्ष बाली सूर्यास्त तक नहीं टिक पाएगा लंकेश ऐसा प्रतीत हो रहा है ये युद्ध सूर्यास्त के पूर्व ही समाप्त हो जाएगा ने में नहीं रावण ये कदा पी नहीं होने देगा बाली के परास्त होने से पूर्व ही तुम मायावी मेघ से सूर्य को ढक दो सभी का ध्यान युद्ध में लगा होगा और तुम सूर्यास्त कर दोगे उन्हें लगेगा कि सूर्यास्त हो गया और वो युद्ध रोक देंगे शीघ्र ही जाओ लने में जाओ अवश्य लंकेश अपने ही पिता भ्राता और मित्र के साथ घात किया है इसने अंत कर दो इसका सारी प्रजा वाली का अंत चाहती कहीं उनकी बातो में आकर हनुमान सत्य में वाली का अंत ना कर [संगीत] दो सुमेरू के राज मुकुट पर आपका कोई अधिकार नहीं है तो फिर उतारिए उसे और रख दीजिए उसे मेरे चरणों [संगीत] पर

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