Wednesday, 31 December 2025

बाली ने बाल हनुमान पर प्रहार किया Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 294 Pen Bhakti

[संगीत] हनुमान को बार-बार मां का ध्यान आ रहा है हनुमान को सुमेरू मां के पास पहुंचना होगा उत्तर दो सुग्रीव तुमने अपनी सेना के साथ सुमेरू में प्रवेश करने का दुस्साहस कैसे किया विवश हूं मैं माता अंजना विवश हो मित्र राज्य पर आक्रमण करने की व्यवस्था मेरी समझ से परे है मुझे ज्ञात है सुग्रीव विवश क्यों है स्वामी देखिए ना आपकी अनुपस्थिति में ग ने हमारे साथ कैसा विश्वास घात किया है प्रणाम काका केसरी जी तुम्हारा कल्याण हो पुत्र सुग्रीव अंजना सुग्रीव की व्यवस्था को मैं भली बात जानता हूं दोष सुग्रीव का नहीं वाली का है ली पत भ्रष्ट हो गया है भटक गया है अपने मार्ग से उसने स्वयं को किष्किंदा का महाराज घोषित कर दिया मित्र रिक्षा को बंदी बना लिया अब राजा मैं हूं मेरे आदेश का पालन करो बंदी बना लो इ बना [प्रशंसा] लो उसी ने सेना सुग्रीव के साथ जाओ और सुमेरू को अपने अधीन कर लो और यदि काका केसरी तुम्हें रोके तो उन्हें भी समाप्त कर दो काका केसरी जी जब से वाली भैया की मित्रता रावण से हुई है तब से उन्होंने सारी मर्यादाओं को बुला दिया है सर्वप्रथम आप उस वानर बलक के समान शक्तियां प्राप्त करें युवराज पाली मेरी मित्रता स्वीकार कर लीजिए युवराज हम दोनों मिलकर उस वानर बालक को परास्त कर सकते हैं अब आपके समस्त स्वप्न पूर्ण होंगे महाराज बाली महानता के शीर्ष पर आपको पहुंचाएगा आपका मित्र रा इच्छा होती है वो वही करते हैं मुझे तो उन्होंने आपका वध कर कर सुमेरू पर अधिपत्य स्थापित करने का आदेश दिया है यह युवराज सुग्रीव को क्या हो गया यह महाराज वाली के विरुद्ध हो गए तो वे तो इनका वध ही कर देंगे कुसंगति मनुष्य की बुद्धि और उसका विवेक हर लेती है वो उचित और अनुचित का मार्ग भूल जाता है मर्यादा और धर्म के मार्ग को भूलकर कुपथ के मार्ग पर अग्रसर हो जाता है अतः वह स्वयं के ही अंत और पतन का कारण बनता है दुख मुझे इस बात का है कि वाली पर अनुचित मार्ग का इतना प्रभाव पड़ चुका है कि मैं उसे उचित मार्ग पर लाने के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं काका केसरी तब पूर्ण करने के पश्चात वाली भैया अत्यंत ही शक्तिशाली हो गए हैं उनका विरोध करना असंभव है इसीलिए मैं भी उनका आदेश पालन करने के लिए बाध्य हूं सावधान यदि किसी ने राजकुमार सुग्रीव पर प्रहार करने का प्रयास किया तो को कट उसके प्राण हर [संगीत] लेगा [संगीत] हनुमान तुम्हारी इस दृष्ट के पश्चात भी तुम जीवित हो तो वो इसीलिए क कि मेरा पुत्र हनुमान यहां नहीं है अन्यथा वो अपने पिता और सुमेरू के महाराज केसरी जी के अपमान करने का तुम्हें कठोर दंड देता महाराज वाली की शक्ति के आगे आपके पुत्र का बल कुछ भी नहीं है महारानी महानतम महाराज वाली सर्व शक्तिमान है अब उन्हें आपका पुत्र हनुमान भी परास्त नहीं कर सकता महानतम वाली की शक्तियों में और भी वृद्धि हो गई है यदा पि वाली महानतम उड़ नहीं सकता किंतु ऋषिक कुंभज की सहायता से महानतम वाली अब पहले से अधिक स्फूर्ति के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहां अवश्य ही पहुंच सकता है मर्कट हनुमान की प्रतीक्षा कर वाली को तुझसे द्वंद युद्ध करके तुझे पराजित करने से कोई नहीं रोक [संगीत] सकता महानतम वाली को प्रवाल द्वीप पहुंचने में थोड़ा सा विलंब हो गया अन्यथा वह मर्कट वहां से जीवित नहीं जाता निसंदेह वोह त्रिशला का वध करके सुमेरू ही गया होगा अब मैं भी सुमेरू जाकर उसका वध करूंगा इतने समय पश्चात मैं अपने पिता श्री के स्नेह और मां की दुलार से वंचित रहा था किंतु आज उनके इस सुखमय दर्शन के लिए कितना अधीर हो रहा हूं मैं मैं शीघ्र आ रहा हूं मां और पिताश्री आपसे [संगीत] मिलने मेरे आदेश अनुसार सुग्रीव उस मर्कट हनुमान के सुमेरू पहुंचने से पूर्व ही मेरे अर्थात सुमेरू के महाराज महानतम वाली का अधिपत्य स्थापित कर चुका होगा काका की श्री जी यह सब मेरे लिए भी इतना ही दुखद है जितना आपके लिए परंतु मैं विवश हूं यदि मैं किष्किंदा के वर्तमान महाराज वाली भैया के आदेश से बंधा नहीं होता तो मैं स्वप्न में भी आपका शत्रु बनकर आपके या यह मित्र हनुमान के राज्य में कभी प्रवेश करता ही नहीं सुग्रीव मैंने अपने मित्र रिक्षा को वचन दिया है कि मैं वाली का अहित नहीं करूंगा उसे सन्मार्ग पर लाने की चेष्टा करूंगा इसीलिए मैं कारागृह से उसे बिना बताए चुपचाप उसका सामना किए बिना चला आया किंतु मैं उसकी अधीनता स्वीकार कर लूं यह मुझे स्वीकार नहीं मैं अपने राज धर्म से बंधा हुआ हूं सुमेरो की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है काका केसरी में यह युद्ध डालने का प्रयत्न कर रहा हूं यदि हम शांतिपूर्वक सहमत हो जाए सुमेरू को अपने अधीन करने के लिए तुम मुझे सहमत नहीं कर सकते सुग्रीव मैंने तुम्हें अपने पुत्र हनुमान के समान माना है परंतु सुमेरो की सुरक्षा मेरा धर्म [संगीत] है मैं सुमेरू की स्वतंत्रता नष्ट होने नहीं दे सकता यदि तुम उसके लिए बाध्य हो तो अपना धर्म निभाओ युद्ध करो मुझसे रण भूमि में पराजित करो मुझे महाराज केसरी जी मैं महाराज वाली की आज्ञा का अवमानना नहीं होने दूंगा शांति पूर्वक किष्किंधा की अधीनता स्वीकार कर लीजिए अन्यथा मैं आपका वध करके किष्किंधा की प्रभुता स्थापित कर दूंगा मेरी राजसभा के नियमों का उल्लंघन करने का अधिकार किसी को नहीं है कोक मैं तुम्हारे शत्रु और दुर दृष्ट व्यवहार के लिए तुम्हें मृत्यु दंड दे सकता हूं तुम इस समय पुत्र सुग्रीव और मेरे मित्र रिक्षा के प्रतिनिधि हो बाली [संगीत] भैया कितना सुखद आश्चर्य है वाली भैया लगता है उनकी तपस्या पूर्ण हो गई है वाली [संगीत] भैया वाली भैया वाली भैया वाली भैया नहीं शांत हो जाइए आप सब कोई किसी पर वार नहीं करेगा कोई युद्ध नहीं होगा यहां पर सुग्रीव हम सब वाली का शुभ चाहते हैं उसम निहित उसके समस्त सद्गुणों को निखरता हुआ देखना [संगीत] चाहते संगति से प्रभ हो वो अधर्म के मार्ग पर चल पड़ा हमारा कर्तव्य है कि हम उसे पाप करने से रोके किंतु आप सभी इसके विपरीत उसकी आज्ञा मानकर उसके पाप का भागी बनकर यहां चले [संगीत] आए भाली भैया भाली भैया यहां तो कोई भी दिखाई नहीं दे रहा है मुझे ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि जैसे वह मायावी मर्कट मुझे पुकार रहा हो मैं अभी आता हूं आपके पास [संगीत] मर्कट इस मर्कट से अधिक घणा मुझे और किसी से [संगीत] नहीं वाली भैया प्रणाम वाली भैया मैं तो अपनी माता श्री और पिता श्री से मिलने सुखद कल्पना से खोया सुमेरू चला जा रहा था परंतु मार्ग में आपके दर्शन होंगे इसकी तो हनुमान ने कल्पना भी नहीं की थी वाली भैया आप यहां कैसे और आपकी तपस्या कब पूर्ण हुई कहां जा रहे हैं आप आप मेरे साथ चलिए ना सुमेरू हम दोनों साथ चलकर मां और पिताश्री को चकित कर देंगे सुमेरू पहुंचकर चकित तो तुम होते हनुमान परंतु अब तुम स्वयं मेरे सामने आए हो तो इस बार मैं तुम्हें बचक नहीं जाने दूंगा आप यह तो बताइए आपको अपनी तपस्या से क्या वरदान प्राप्त हुआ अवश्य ही कोई बड़ा वरदान प्राप्त हुआ होगा इतनी घोर तपस्या जो की है आपने जब वाली तुम्हारी आदि शक्ति प्राप्त कर उन का प्रयोग तुम्हारे ऊपर ही करेगा तब तुम्हें सत ज्ञात हो जाएगा कि मुझे क्या वरदान मिला है वाली भैया आप मेरे प्रश्नों का उत्तर क्यों नहीं दे रहे हैं आप किसी कारणवश मुझसे रुष तो नहीं है ना गणा करता है वाली तुमसे मर्कट घृणा वाली भैया आप मुझसे बा नहीं करना चाहते तो मत कीजिए परंतु अनुज के समान हनुमान को अपने गले से तो लगाइए वाली भैया आप मुझसे बात नहीं करना चाहते तो मत कीजिए परंतु अनुज के समान हनुमान को अपने गले से तो लगाइए [प्रशंसा] लगाइए वाली भैया वो [संगीत] [संगीत] ह आश्चर्य है मेरे इतने कठोर प्रहार का इस मर्कट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा वाली भैया हनुमान से कोई अपराध हुआ है क्या जो आप उसे दंड दे रहे हैं यदि अपराध भी हुआ हो तो उसे अनुज की भूल मानकर हनुमान को क्षमा कर दीजिए ना तुम्हारे अपराध का दंड मृत्यु है मर्कट ओ हो मैं अब समझा आप मेरी परीक्षा ले रहे हैं कि आपकी अनुपस्थिति में मैंने कितनी शक्तियां अर्जित की है है ना वाली [संगीत] भैया वाली भैया नहीं महानतम महाराज बाली कहो वरदान प्राप्त करने के पश्चात जिससे भी मैंने युद्ध किया है उसकी आधी शक्ति तुरंत मुझ में समाहित हुई है परंतु इस मर्कट के साथ ऐसा क्यों नहीं हो रहा है मुझे और वार करने की आवश्यकता है मैं पुनः प्रयत्न करता हूं मुझे और बर करने की आवश्यकता है मैं पुनः प्रयत्न करता हूं [संगीत] वाली भैया वहां कहां जा रहे हैं मुझे ढूंढने किंतु मैं तो आपके पीछे खड़ा [संगीत] हूं अब इस पर मेरे इस वार के पश्चात इसकी आधी शक्ति मुझे अवश्य प्राप्त होगी [संगीत] अरे वाली भैया [संगीत] वाली भैया और कितनी परीक्षा लेंगे मेरी वार पर वार कर रहा हूं परंतु इसके पश्चात भी इसकी आधी शक्ति इससे निकलकर मुझ में विलीन क्यों नहीं हो रही है वाली भैया कब तक परीक्षा लेंगे मेरी अब तो बताइए वाली भैया अब तो आपको ज्ञात हो गया है ना कि मेरी शक्तियों में नी वृद्धि हुई है अब आप यह परीक्षा समाप्त कर दीजिए अन्यथा आप थक जाएंगे बिना इसकी शक्ति प्राप्त किए इस मरकटम बाली के लिए भी कठिन [संगीत] है

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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