Wednesday, 31 December 2025

बाली ने बाल हनुमान की आधी शक्ति छीन ली Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 308 Pen Bhakti

[संगीत] हनुमान तुम्हें मुझसे युद्ध तो करना ही होगा तुम्हारे अंत के साथ ही इस युद्ध का अंत होगा मैंने हनुमान के साथ अन्याय तो नहीं कर दिया जिस वाली के जीवन की रक्षा के लिए मैंने हनुमान से वचन लिया वही हनुमान के जीवन को क्षति पहुंचाने पर तुला तुम्हें अनेक दिव्य और वरदानी शक्तियां प्राप्त है परंतु मेरे पास वो वरदान है जिससे मैं तुम्हारी शक्ति का प्रयोग तुम्हारे विरुद्ध करूंगा महानतम वाली तुम्हारे अंत अथवा तुम्हें परास्त करने के पश्चात ही युद्ध भूमि से हटेगा भले ही मेरे प्राण चले जाए हनुमान परद इनके साथ युद्ध मत करना ऐसा करने से तुम्हारी आदि शक्ति इनमें पूर्ण रूप से समाहित हो जाएगी क्या सोच रहे हो हनुमान अपने पिता श्री का वचन पूर्ण करना है सुग्रीव भैया को बचाना है तो उठाओ अपने शस्त्र और वार करो मुझ पर मेरी आधी शक्तियां क्या यदि वाली भैया मेरी समस्त शक्तियां प्राप्त कर अत्यंत शक्तिशाली भी बन जाए तब भी अपने पिता के वचन का मान रखने के लिए और सुग्रीव भैया के जीवन की रक्षा के लिए हनुमान को उनसे युद्ध करना ही होगा [संगीत] अब मिलेगी मुझे हनुमान की आधी [संगीत] शक्ति यह प्रथम अवसर है जब मैं हनुमान के लिए इतना चिंतित अब तक हनुमान अपनी दिव्य एवं वरदानी शक्तियों के कारण अपराजित रहा था किंतु इस युद्ध के आरंभ होते ही हनुमान की आधि शक्तियां वाली को प्राप्त हो जाएंगी और हनुमान के लिए वाली को प्रात करना अत्यंत कठिन होगा आपकी चिंता उचित है वायु देव वाली पहले से ही अत्यंत बलशाली है इससे पहले हनुमान ने कभी उसे शत्रु भाव से नहीं देखा इसलिए वाली उसे कोई हानि नहीं पहुंचा पाया परंतु आज युद्ध में देवराज इंद्र के वरदान की सहायता से एक और तो वाली को हनुमान की आदि शक्तियां प्राप्त हो जाएंगी और दूसरी ओर देवराज के दिव्य आभूषण की शक्ति से वह कभी क्लांत नहीं होगा नारायण नारायण कैसी लीला है प्रभु आपकी आपके परम भक्त के ऊपर ये कैसा संकट आ गया है हनुमान को अत्यंत सतर्क रहना होगा अन्यथा उस पर छाया वाली रूपी संकट विकराल रूप ले सकता है [संगीत] युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय हनुमत की आधी शक्ति प्राप्त हुई वाली की शक्ति अगाध जिनके केवल राम ही नाथ वही विवश है वाली के हाथ वाली को हनुमान की आध शक्तिया प्राप्त हो रही है ना जाने क्या होगा ईश्वर दोनों परिवारों के पुत्रों की रक्षा की पुत्र मोह में आकर मैं ये क्या कर बैठी महारानी अंजना अब भी मेरे पुत्रों की जीवन की रक्षा की कामना कर रही है परंतु मैंने मैंने उनके पुत्र की चिंता किए बिना हनुमान से वाली का वद ना करने का वचन लेकर उनके पुत्र को इतने बड़े संकट में डाल दिया तुम हमेशा सुग्रीव की रक्षा तो करोगे किंतु तुम्हारे और वाली के मध्य कभी युद्ध की स्थिति बनी तो तुम उसका वद नहीं [संगीत] करोगे महारानी मां मैं आपको वचन देता हूं कि आपने जैसा कहा है वैसा ही होगा क्या करू महारानी अंजना को बता दू क्या परंतु उसका क्या लाभ मैंने हनुमान को वचन मुत कर दिया तो व अवश्य ही बाली के प्राण हर लेगा कदाचित स्वार्थी हो रही हूं मैं परंतु अपने पुत्र को खोना नहीं चाहती नहीं व्यर्थ ही व भीत हो रही है बाली कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो जाए रुद्राक्ष हनुमान का अनिष्ट नहीं कर पाएगा परंतु हनुमान से वाली की रक्षा इसी में है कि मैं शांत रहूं [प्रशंसा] उस वानर बालक की आधी शक्तियां बाली में समाहित हो चुकी है बाली उससे अधिक शक्तिशाली हो चुका है रावण की एक चाल सफल हो रही है अब उस वानर बालक को बाली से कोई नहीं बचा सकता कोई भी नहीं एक और प्रबल इच्छा है लंकेश दशानन रावण की तुमसे विकता तुम्हारे इस धुमर पट में मैं एक और दृश्य देखना चाहता हूं बाली का आगे बढ़ते हुए और मेरे परम शत्रु उस तुच्छ वानर बालक पर प्राण घातक हमला करके उसे मृत्यु लोक बचाते हुए वो वाला दृश्य देखना चाहता हूं [संगीत] मैं मर्कट हनुमान हम यदि मेरे प्रहार से बच सकते हो तो बच कर दिखाओ कितना पशु बत और आसुरी व्यवहार कर रहा है बाली मैं उसके इस आचरण के लिए आपसे क्षमा मांगता हूं पुत्र जब अधर्म के मार्ग पर चल पड़े तो सबसे अधिक गलानी माता और पिता को ही होती है हनुमान वाली पर वार नहीं कर रहा है प्रतीत होता है मुझे दिया हुआ वचन फूल कर रहा स्पष्ट सुन नहीं पाई मैं महारानी जी किस वचन की बात कर रही थी धीरज रखिए महाराज राज वाली में अवश्य परिवर्तन आएगा आपका पुत्र है आपके संस्कार है उसमें वाली पत भ्रष्ट हो गया है परंतु निश्चिंत रहिए व अवश्य कुपथ को छोड़कर सुप पर लौट [संगीत] आएगा अच्छा यदि तुम महानतम वाली के वार से स्वयं को बचाकर यह सोच रहे हो कि तुम महानतम वाली को क्लांत कर दोगे तो अपनी भ्रांति को अपने मस्तक से निकाल दो देखो इसे धारण करने के पश्चात तुम कितना भी श्रम करो कभी क्लांत नहीं हो देवराज इंद्र के दिए इस दिव्य आभूषण की शक्ति के प्रभाव से महानतम वाली कभी क्लांत नहीं होगा [संगीत] अब तो हनुमान को कोई और युक्ति सोचनी होगी हनुमान हनुमान अंजना [संगीत] सॉरी मेरा पुत्र सकुशल है या नहीं इतना तीव्र मार किया है बाली ने हनुमान नारायण नारायण हनुमान की आदि शक्तियां पाकर बाली हनुमान पर निरंतर प्रहार कर रहा है परंतु हनुमान हनुमान उससे लड़ने के लिए अपनी शेष शक्तियों का भी प्रयोग नहीं कर रहा है हां देवऋषि क्योंकि हनुमान अब भी इस युद्ध को टालने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि हनुमान ने बाली की मां को वचन दिया है कि वह किसी भी अवस्था में बाली का वध नहीं करेगा अपने अधर्मी पुत्र की रक्षा के लिए बाली की मां ने संकट मोचन को ही संकट में डाल दिया नारायण नारायण वायु देव मातृत्व के अनेक रूप होते हैं एक और अंजना जैसी मां जो सब मांओं के दुखों को अपना समझती है और दूसरी ओर वाली की मां है जिनको मातृत्व के भाव ने इतना स्वार्थी बना दिया है कि वह अपने पुत्र की सुरक्षा के अलावा कुछ और देख ही नहीं पा रही है स्वामी हनुमान वाली पर वार करने से झिझक रहा है वाली को अपने परिवार का सदस्य मानता है जिसे वो शत्रु के रूप में देख नहीं सकता उस पर र कैसे करेगा मुझे विश्वास है हनुमान बाली पर वार नहीं करेगा उसने वचन दिया था मुझे मेरा पुत्र सुरक्षित [संगीत] रहेगा क्या हुआ मर्कट हनुमान अभी तो ठीक से युद्ध का प्रारंभ भी नहीं हुआ और तुमने पराजय स्वीकार कर ली यदि तुम में मेरा सामना करने का साहस ही नहीं था तो पहले ही अपने पिता श्री को कह देते कि अपना राज मुकुट उतार कर मेरे चरणों में रख [संगीत] दे [संगीत] वाली भैया कभी क्लांत नहीं होंगे उनका क्रोध शांत नहीं होगा तो अपना बचाव करते रहने का कोई लाभ नहीं मुझे किसी और युक्ति से उनको रोकना [संगीत] [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] ये क्या वाली भैया मेरी ही बाती विशाल आकार धारण कर सकते [संगीत] हैं स्वामी यह युद्ध तो विकराल रूप लेता जा रहा है तु महारानी जी को देख इतनी शांत लग रही हैसे उन्हें कोई चिंता ही ना हो [संगीत] इस प्रकार तो धीरे-धीरे हनुमान की संपूर्ण शक्तियों का आधा भाग वाली में समाहित हो जाएगा यही तो ज्यादा है लंकेश दशानन रावण एक एक करके उस वानर बालक की आधी शक्तियां प्राप्त कर लो बाली और उस वानर बालक का वाद कर दो माली भैया को मेरी आदि शक्तियां प्राप्त हो रही है इसलिए मुझे उनसे युद्ध करना अत्यंत कठिन प्रतीत हो रहा है किंतु सुग्रीव भैया की रक्षा करने के लिए हनुमान को उन्हें पराजित करने की कोई युक्ति सोचनी होगी तुम अपनी जिस दिव्य शक्ति का प्रयोग कर मुझ पर वार करोगे मैं उसी शक्ति से तुम्हारे वार का उत्तर दूंगा [संगीत] आ [संगीत]

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