Wednesday, 31 December 2025

बाली ने त्रिशिरा को कौन सा कार्य दिया Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 291 Pen Bhakti

[संगीत] आप लोग चिंता मत कीजिए हनुमान की सहायता से हमें प्रवाल द्वीप पर अपने अंडों के लिए विशाल करणी पुष्प का रस मिल जाएगा और हम शीघ्र ही लौटेंगे प्रणाम आचार्य [संगीत] [संगीत] जी यह बाली तो एक मात्र मेरे अस्त्र है और अभी मैं अपने अस्त्र को धार दे रहा हूं जिससे मैं उस वानर बालक को समाप्त करूंगा युगों युगों तक हमारा राज रहेगा सागर के उस बार एक छत्र आपका राज और इस बार आपके मित्र यानी की मेरा यदि आप उस वानर बालक के समान उड़ना चाहते हैं तो महानतम बाली आपका प्रशिक्षण प्राप्त करना अति आवश्यक है और कौन देगा मुझ महानतम वाली को प्रशिक्षण खग विद्या के आचार्य वायु मार्गी ऋषि कुंभज और ऋषि कुंभज तक पहुंचने के लिए सर्वप्रथम आपको प्रवाल द्वीप जाना होगा और जिस दिन मेरे अस्त्र ने ये कार्य कर दिया तो उसके पश्चात महादेव की सगं में उस का भी अंत कर दूंगा क्योंकि रावण कालने में जाओ उस वानर बालक को रोको रावण स्वार्थ वश वाली का साथ दे रहा था और हनुमान निस्वार्थ भाव से सबके कष्ट हरने के लिए प्रयासरत थे रावण और वाली का मिलन अधर्म का अंधकार था तो हनुमान की निस्वार्थ सेवा सत्य और धर्म का [संगीत] [प्रशंसा] प्रकाश इसीलिए हनुमान जग के संकट मोचन कहलाए वो जो सबकी आशाओं का केंद्र है सबके संकट हरत हैं सबकी बाधाओं और व्याधियों का अंत करते [संगीत] हैं लंकेश ने कहा था कि मुझे सूर्यास से पूर्व पहुंचना होगा मुझ शीघ्रता करनी [संगीत] होगी संध्या काल तक इन अंडों का उपचार नहीं हुआ तो बीज का प्रभाव इन अंडों के भीतर चला जाएगा फिरर इन्ह विष मुख कराना असंभव हो जाएगा सूर्यदेव आचार्य जी ने कहा था संध्या काल से पूर्व इनका उपचार करना आवश्यक है महाराज जटायु हमें समय रहते पहुंचने के लिए अपनी गति और बढ़ानी होगी वो देखिए उसर है प्रवाल [संगीत] द्वीप यह हनुमान भी प्रवाल दीप की ओर और उधर बाली भी कहीं दोनों ही प्रवाल दीप में आमने सामने आ गए तो लंकेश को यह सूचना देनी होगी [संगीत] [संगीत] हो रे सिरा रे सिरा रा रे सिरा रा रा रा कहां हो तुम कहां हो तुम रे सरा रे [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] सरारे रुक जाओ कौन हो तुम और तिसरा कहां है उसे बुलाया है मैंने तुम तो धरती के भीतर हो मैं निकालता हूं तुम्हें मैं हूं त्रिश रा [संगीत] मुझ महानतम वाली पर आक्रमण करने वाले की आधी शक्ति छेन जाती है मेरी देह में समाहित हो जाती है किंत रा तुम मुझसे भयभीत नहीं हुए मेरा नाम वाली है मैं शत्रु नहीं मित्र हूं तुम्हारा लंकेश रावण का मित्र तुम्हारा मित्र लंकेश के मित्र आपको सर्वप्रथम यही कहना चाहिए था कहिए क्या क्या कार्य है मुझसे लंकेश नेने कहा था कि चतुरंग पर्वत के बारे में तुम ही बता सकते हो बताओ कहां है वो उस ओर जाइए वहां जाकर आपको चार ऊंचे पर्वत दिखाई देंगे उनके मध्य खड़े होकर आपको चतुरंग पर्वत दिखाई देगा धन्यवाद त्रिश मुझे शीघ्र वहां पहुंचना है किंतु स्मरण रहे चतुरंग पर्वत पर चढ़ना बहुत कठिन है कठिनाइयों का सामना करने में मुझ महानतम वाली को बड़ा आनंद आता है मर्कट इसे तो गरुड़ राज्य में उलझा के रखा था मैंने किंतु यह गरुड़ के साथ प्रवाल द्वीप की [संगीत] ओर यह मरका ट सोर क्यों आया होगा प्रतीत होता है जैसे उस मर्कट की मृत्यु हुई उसे प्रवाल द्वीप खींच लाई है मर काट तुम्हारा काल तुम्हें यहां ले आया है अब कोई भी मुझ महानतम वाली से तुम्हारी रक्षा नहीं कर सकता अरे सूर्य शीघ्र होने वाला है स्मरण रहे बा आपको सूर्यस्त होने से पूर्व ही वहां पहुंचना होगा अन्यथा वह दिव्य पंख के इस लघु अंश की दिव्यता समाप्त हो जाएगी मेरा दुर्भाग्य है तुम्हें पराजित करने का सुनहरा अफसर गवाना पड़ रहा है मुझे रा ध्यान से देखो उस वानर बालक [संगीत] को जो पक्षियों के साथ आकाश में उड़ता हुआ यहां आ रहा है वो मेरा और मेरे मित्र तुम्हारे महाराज लंकेश रावण का घोर शत्रु है महाराज रावण का शत्रु तो वो अब तक जीवित कैसे है वह जीवित है इसलिए क्योंकि उसके भाग्य में तुम्हारे हाथों मृत्यु प्राप्त होनी है स्मरण रहे उसे यहां से जीवित नहीं लौटने देना है दशानन रावण का यह सेवक उसकी जीवन लीला समाप्त कर [संगीत] देगा हनुमान मर्कट तुम प्रवाल द्वीप आ तो गए हो परंतु यहां आना तुम्हारे लिए घातक सिद्ध होगा यदि तुम इस त्रिशला से बच भी गए तोड़ने की शक्ति प्राप्त करने के पश्चात महानतम वाली सर्वप्रथम तुम्हारा वध करने की अपनी प्रबल इच्छा को पूर्ण [संगीत] करेगा अंडों की सुगंध आ रही है स्वादिष्ट भोजन की सुगंध प्रतीत होता है महाराज रावण का यह शत्रु मेरे लिए भोजन का उपहार ला रहा है वानर गरुड़ अंडे आज मुझे तीन-तीन स्वाद का भोजन प्राप्त होगा मुझे शीघ्र ही वहां जाकर इन सबको अपना ग्रास बनाना चाहिए प्रवाल द्वीप तो मैं पहले भी आ चुका हूं किंतु इसमें इतना परिवर्तन हो गया है कि जिस विषैले करणी पुष्प को मैं ढूंढने आया था वह पुष्प तो मिलना अब कठिन प्रतीत हो रहा है सूर्यास्त होने में कुछ ही समय शेष है यदि उससे पूर्व इन अंडों पर उस पुष्प के रस की औषधि नहीं डाली गई तो यह उस विष के प्रभाव से मुक्त नहीं हो पाएंगे निसंदेह उस दुष्ट असुर त्रिशला के कुप्रभाव से प्रवाल द्वीप में इतना परिवर्तन आ गया है परंतु विशाल करनी पुष्प को ढूंढना अति आवश्यक है मैं स आयोजन तक निर्वात देख सकता हूं संभव है अपनी दृष्टि से मैं उन पुष्पों को ढूंढ पाऊ यह क्या मुझे एक अत्यंत विचित्र और भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है एक विशाल काय तरंग का रूप लेकर तीव्र गति से हमारी ओर बढ़ती चली आ रही है यही त्रि शिरा है प्रवाल द्वीप पर तो त्रिश नामक एक भयानक मायावी राक्षस का अधिपत्य हो गया है और अब जो भी वहां जाता है उसे सिरा के हाथों मृत्यु मिलती है त्रिशर तुम्हारा स्वागत करता है बहुत ही उचित समय पर तुम्हारा आगमन हुआ है भूख से व्याकुल हूं मैं तुम मेरा भोजन बनकर मेरी भूख को शांत करोगे सान रा अपनी सुरक्षा चाहते हो तो हट जाओ हमारे मार्ग से तुम्हारे पास इतनी शक्ति नहीं कि तुम हमें हानि पहुंचा सको अच्छा लगता है तुम शांति से नहीं मानोगे मुझे अपनी शक्ति का परिचय देना ही पड़ेगा लगता है तुम शांति से नहीं मानोगे मुझे अपनी शक्ति का परिचय देना ही पड़ेगा ये किस प्रकार की ध्वनि है बंद करो असनी है ये ध्वनि बंद करो असहनीय है यह ध्वनि रे शिरा इतनी कर्कश और अपय ध्वनि का संचार क्यों कर रहे हो ये कोई साधारण ध्वनि नहीं है वानर बालक यह त्र शिरा का घातक ध्वनि तरंग वार है तुम्हें और तुम्हारे पक्षी मित्रों को आतंकित देखकर बड़ा आनंद आ रहा है अब ज्ञात हुआ मुझ में कितनी शक्ति है अब देखो मेरे अगले वार का प्रभाव सखा चिता तक बचाओ मुझे बचाओ तांक बचाओ शीघ्र गिरो पक्षी बालक तुम्हें अपना भोजन बनाने के लिए आतुर है [संगीत] त्रिश हनुमान भैया हनुमान h

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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