Wednesday, 31 December 2025

बेटी चली पराए देश - गीत Raj Kamal Mahabharat Song EP - 36 Pen Bhakti

[संगीत] बेटी चली पराए देश बेटी चली पराए देश पंख लगाकर उड़ चली पंख लगाकर उड़ चली धर चिड़िया का भेस बेटी चली पराए देश बेटी चली पराए देश [संगीत] सुनी आंखों ताकती महल अटार द्वार आज पिघलती दिखती आज पिघलती दी खती पत्थर की दीवार बेटी चली पराए देश बेटी चली पराए देश [संगीत] [प्रशंसा] घड़ी विदा की है खड़ी केवल दो पल दूर [संगीत] मुखड़े पर मुस्कान है मुखड़े पर मुस्कान है आंखों में है पूर बेटी चली पराए देश बेटी चली पराए [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] देश दे ये चाहते बंधु सखा मांबा जहां रहे सुख से रहे जहां रहे सुख से रहे रहे दूर संता बेटी च चली पराए देश बेटी चली पराए देश हो पंख लगाकर उड़ चली पंख लगाकर उड़ चली घर चिड़िया का भेस बेटी चली पराए देश बेटी चली पराए देश [संगीत] [संगीत] हो [संगीत] अग्नि सुता यह द्रौपदी धर्म कर्म के साथ पांडु सुतो संग जा रही लाने नया प्रभा सीख हम देते युगों से नए युग का करे स्वागत करे स्वागत करे स्वागत करे स्वागत [संगीत] महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महा h [संगीत]

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...