[संगीत] प्रकाश कहां से ए रहा है ऐसा ग रहा है जैसे मुझे अपनी और बुला रहा है [संगीत] [संगीत] [संगीत] कितना मनोहर रूप है इनका [संगीत] मुझे स्वप्न है मुझे भी विचित्र भी था मेरा स्वप्न और सुंदर भी बाहर सब कुछ इतना भावना है [संगीत] [संगीत] क्या हुआ पुत्र लगता है तुम्हें ठंड ग रही है [संगीत] पहले ही तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक नहीं है लगता है इसका स्वास्थ्य और बिगड़ गया है और उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत सावधान हो गई विशेष रूप से दोनों में छोटे माधव दास के प्रति मां मैं एक कमल में ही तप जा रहा हूं और अपने दूसरा भी उदा दिया तुम इसके साथ बैठी हूं मैं कथा लेकर आई हूं [संगीत] और बच्चा हुआ तुम भी पी लेना [संगीत] [संगीत] [संगीत] ये तो विद्युत तरंगे पुत्र [संगीत] [संगीत] और जब मैं रहूंगी तो मैं डरने की कोई आवश्यकता [संगीत] मैं वचन देती हूं मैं तुम्हारा हाथ कभी नहीं छोडूंगी [संगीत] प्रभु आपको ही देखा था ना मैंने स्वप्न में [संगीत] [प्रशंसा] यह मेरे पिताजी की पुस्तक का अर्थ समझना का प्रयास कर रहा था और अपने मां में उत्पन्न हुए प्रश्नों के उत्तर [संगीत] का भाव जग गया वह अपनी मां पर अत्यधिक निर्भर भी हो गया [संगीत] अध्यात्म और पूजा पाठ में ली राहत वहीं दूसरी और माधव दास सदा अपनी मां का हाथ थामे उन्हें के साथ घूमता राहत [संगीत] है फिर वह संतान के प्रति मां के स्नेहा की ही अति क्यों ना हो माधव दास अपनी मां पर इतना घर हो गया की भविष्य में जो होने वाला था उसके लिए वह तैयार ही ना था [संगीत] यही तो कहते हैं मुझे पता है मेरे पास अब समय नहीं है कभी भी कभी भी मुझे जाना पड़ेगा [संगीत] मेरी मां भी पुत्र मुझे क्षमा करना मैं तुम्हें दिया हुआ वचन पूरा नहीं कर शक्ति मेरा ध्यान कौन रखेगा और जब मुझे डर लगेगा तो मेरा हाथ कौन ठगा [संगीत] मेरे राम मेरे बड़े पुत्र अपने छोटे भाई का तुम ध्यान रखना उसे सहनशक्ति प्रधान करना किंतु माधव दास के साथ इसकी विपरीत हुआ अब वह पूर्ण रूप से अपने भाई पर निर्भर हो गया [संगीत] [संगीत] दिल [संगीत] [संगीत] भैया [संगीत] [संगीत] चलो माधव दास चल लेकर चलते हैं हम [संगीत] ऐसा लगे लगा जैसे माधव दास सदा इस भाई से ही ग्रसित राहत था की कहानी वो अकेला ना पद जाए अपनी माता के समाज अपने भाई पर निर्भर हो गया वो और ऐसा उनकी युवावस्था तक रहा [संगीत] [संगीत] लगता है मुझे भैया का ध्यान कब समाप्त होगा भैया भूख लगी है [संगीत] क्षमा करना ध्यान में समय का अनुमान ही नहीं लगा मैं अभी भजन परोस देता हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] किंतु अभी उन्हें अपने स्वप्न के बड़े में बताया तो वह यही सोचेंगे मैं कुछ बात का रहा हूं क्या हुआ कहना चाहते हो अचार भी लोग आनंद ए जाएगा [संगीत] मुझे पूजा में डर हो जाति स्वयं अपना भजन ले लिया करो अब तुम बड़े हो गए हो आपने घर बानो अपने कार्य स्वयं करना सीखो जब मेरा ध्यान रखना के लिए आप हो मुझे किस बात की चिंता किंतु मुझे तुम्हारी बहुत चिंता होती रहती है क्योंकि तुम कैसे इस तरह मेरा हाथ पकड़ कर चलते रहोगे कभी ना कभी तो आपने निर्भर बन्ना पड़ेगा भैया मैं जानता हूं आप ये बातें मुझे पहले भी समझा सुकून परंतु अभी भूख ग गई पहले भजन कर लो फिर कुछ और समझो भजन करते हैं [प्रशंसा] [संगीत] इसका मां किंतु कभी तू अपने दायित्व से संभल नहीं हूं कभी तो बड़ा हो ना हो मैं नहीं जा शक्ति अभी तो नहीं चल पाते भैया भैया [संगीत] अनुज बचपन से मेरी रुचि पूजा पाठ ध्यान और सत्संग की रही हो सकता नहीं [संगीत] प्रयास करें [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] अर्थात माधव दास ने अपने भाई को रॉक के रखा था सन्यासी बने की उसकी इच्छा को पूर्ण नहीं होने दे रहा था किंतु उन दोनों भाइयों का साथ रहना नियति को स्वीकार नहीं था| [संगीत] मनुष्य इच्छा करता है किंतु वह पूर्ण होगी या नहीं इसका निर्णय भगवान करते हैं रामदास अपनी नियति को पहचान चुका था उसे स्वीकार करना चाहता था तो प्रभु श्री कृष्णा ने उसकी सहायता करने का निर्णय लिया [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] प्रभु इतना निर्भर है मुझमें पर इसे छोड़कर अपने नियति पर कैसे चलूं सन्यास कैसे लूं आप ही कुछ संकेत दीजिए प्रभु कोई मार्ग दिखाई [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] जी पीछे क्या हुआ मैं सन्यासी की वेशभूषा में कैसे नियति को कोई ताल नहीं सकता बस तुमने जो समझा वो सत्य है यही तुम्हारा है जिसे लेने में तुम्हें आप और विलंब नहीं करना चाहिए किंतु प्रभु ना होगा जो उसे उसके पट तक ले जा सके जीवन साथी ही एक दूसरे का उचित मार्गदर्शन करते हैं [संगीत] अब आप मुस्कुरा रहे हैं क्यों तुम्हारा विवाह इसका विचार कर प्रश्न हो रहा हूं मेरा विवाह तुम्हारी [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] किया है मैंने अब जब तक तुम्हारा विवाह नहीं हो जाता मैं अपने विवाह की कल्पना भी नहीं कर सकता है तो तुम अपने विवाह के लिए ना नहीं कहूंगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] किंतु फिर रामदास के आगे उसे झुकना ही पड़ा और रामदास अपने छोटे भाई माधव दास के लिए योग्य कन्या ढूंढने में जट गया [संगीत] [संगीत] क्षेत्र में मुझे इतना विचित्र आभास क्यों हो रहा है [संगीत] ऐसा क्यों लगा जैसे मेरे पीछे कोई ध्वज फड़फड़ा हो क्या हुआ अनुज माधव नहीं कुछ नहीं भैया [संगीत] होगी [संगीत] कितना भाव मंदिर [संगीत] क्या हुआ आज प्रथम बार माधव मेरा हाथ छोड़कर खड़ा क्यों हो [संगीत] मैं तो अभी भी तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा हूं तुमने वचन दिया था तुम आओगे [प्रशंसा] तुम रुक क्यों गए [संगीत] एक और भैया मेरे विवाह की तैयारी [संगीत] मैंने यह कहूंगा की यहां प्रभु के स्वर का भाव मंदिर का आभास हो रहा है तो वह मुझे हर बालक समाज ही ना मां ले [संगीत] तुम्हारे मां में जो कुछ भी है तुम मुझे बता सकते हो जैसे मुझे यहां कोई बुला रहा जैसे शीघ्र वह भी अपनी नियति को पहचान ले किंतु उसके लिए उसे किसी ऐसे का हाथ थमना होगा जो उसे उसके पट तक ले जा सके तो भूल हिल को कौन समझ पाया है संभव है तुम्हारे सहभाष का तुम्हारे नियति से कोई संबंध है तुम चिंता मत करो आज नहीं तो कल तुम्हें तुम्हारे नियति का ज्ञान अवश्य होगा आओ अनुज शीघ्रता करते हैं कन्या पक्ष वाले हमारी र देख रहे होंगे [संगीत] [प्रशंसा] पिता होने के नाइट मैं अपनी पुत्री सुशीला के लिए योग्य व ही चाहता हूं [संगीत] [संगीत] जल चाहिए मुझे [संगीत] अतिथि का स्वागत करना ही सबसे बड़ा धर्म होता है किंतु जब कोई दरिद्र द्वारा पर ए जाए तो उसे दरिद्र नारायण मानकर उसकी सेवा करना सबसे बड़ा धर्म होता है [संगीत] क्षमा कीजिए [संगीत] मेरे अनुज के लिए ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] किंतु मैं माधव को भी बता नहीं सकता नहीं तो वह विवाह के लिए ना कर दे तुम ए गए दरिद्र नारायण की सेवा हो गई [संगीत] अभी तक ज्ञात नहीं [संगीत] [संगीत] आवश्यकता नहीं विवाह स्वीकार है तो मुझे भी यह संबंध स्वीकार है [संगीत] [संगीत] रामदास ही नहीं माधव दास की नियति उसे दिशा दे रही थी सब विधि के विधान के अनुसार घटित हो रहा था कुछ ही दोनों में माधव दास और देवी सुशीला का विवाह हो गया किंतु देवी सुशीला की ग्रह प्रवेश के साथ माधव दास को एक ऐसी सूचना मिलने वाली थी जिसकी उसने कल्पना भी ना की थी ऐसा क्या होने वाला था प्रभु [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] भैया को यहां होना चाहिए था वो कहा गए अपने शुभ चरण से प्रवेश करो अब यह घर तुम्हारा ही है आज [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] मैं तो तुम्हारी पड़ोसन हूं बहू रानी किंतु रामदास माधव दास मुझे मौसी पुकारते हैं तो तुम भी मुझे मासी मां समझो हां [संगीत] अभी तो यही था [संगीत] यह कैसा भेद लिया आपने मैंने तुमसे कहा था ना तुम्हारे विवाह के पश्चात मैं वो कार्य करूंगा जिससे मुझे प्रसन्नता मिलती है मुझे इसी ने आनंद मिलता है सन्यास ग्रहण करना चाहता हूं [संगीत] मां पिताजी के बाद भैया भी मुझे छोड़ कर चले जाएंगे नहीं मैं ये होने नहीं दे सकता नियति व्यक्ति को हर एक समस्या और स्थिति से निकालने का विकल्प देती है आवश्यकता है उसे समझना की
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