[प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] पुत्र पंडित यह प्रभु की दिव्या और सुंदर प्रतिमा कहां से प्रकट हुई [संगीत] प्रभु आए थे प्रभु का आगमन हुआ था [संगीत] मैं अपने गोविंद को उनके स्वागत [संगीत] [संगीत] क्यों नहीं मिलता हमसे क्या भूल हुई थी जो प्रभु यहां आए भी और हमें दर्शन दिए बगैर चले गए नहीं पिताजी कोई भूल नहीं हुई प्रभु के दर्शन तो मुझे भी नहीं मिले [संगीत] तुमने [संगीत] बाहर प्रतीक्षा करने के लिए कहा [संगीत] क्या तुमने [संगीत] [संगीत] तुम्हारे जैसा पुत्र प्रकार हम धन्य हो गए किंतु पुत्र प्रभु के साक्षात दर्शन से तो हम भी वंचित र उन ने कहा था की वह प्रतीक्षा करेंगे मैं तो अभी भी प्रतीक्षा कर रहा हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] स्वागत है प्रभु आपका स्वागत है [संगीत] तुम्हारी भक्ति [संगीत] तुम्हारे प्रभावित किया तुमने भक्ति और भगवान के बीच का संबंध [संगीत] कर दिया [संगीत] [संगीत] मुझे धन्य कर दिया प्रभु अब इस भक्ति को आपसे कुछ नहीं चाहिए मुझे सब कुछ मिल गया है प्रभु मुझे सब कुछ मिल गया है [संगीत] लगता है पूर्ण रात्रि तुमने मुझे प्रतीक्षा करवाया और अब फिर प्रतीक्षा करवा रहे हो वरदान तो तुम्हें अवश्य मिले तो क्या होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] ए [संगीत] आपने हमें जीवन दिया और इसमें अनेक प्रकार के अनुभव और अब हमारे पुत्र को देख कर हम पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं अब तो एक ही इच्छा अपूर्ण र [संगीत] इससे अधिक बड़ा वरदान क्या हो सकता है आप हमें अपने हृदय में स्थान देने की कृपा कीजिए [संगीत] [संगीत] [संगीत] माता-पिता की अपनी इस अद्भुत भक्ति से तुमने इस संपूर्ण क्षेत्र को पवन बना दिया इसलिए आज से इस स्थान को पंढरपुर तीर्थ क्षेत्र के नाम से जाना जाएगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सच्ची भक्ति और श्रद्धा से आएगा वो अपने सभी पाप होकर धर्म का परम ज्ञान प्राप्त करेगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] आपकी कृपा से हम सभी कृतार्थ होंगे जो मांगा था उसे कहानी अधिक प्रधान कर दिया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] पर विराजमान [संगीत] हमारे श्री कृष्णा जरूर हमारे विट्ठबा की सेवा भक्ति से प्रभु गोविंद का प्रभावित कर मैं सदा सदा के लिए [संगीत] कुंडली [संगीत] की कथा से जगत को यह सिख मिलती है की प्रभु भक्ति का सर्वोच्च रूप है माता पिता की भक्ति जो माता पिता का आशीर्वाद पता है वह स्वयं भगवान का कृपा पत्र बंता है और कुंडली कृष्णा के श्री विट्ठल स्वरूप की कृपा प्राप्त हो रही है [संगीत] जी प्रकार प्रभु परम श्री कृष्णा ने कुंडली के बार-बार भूल करने पर भी उसे क्षमा करते रहे वो बार-बार भूल करता रहा प्रभु उसका मार्गदर्शन करते रहे इस तरह गणेश जी आपने भी तो मेरा साथ नहीं छोड़ मैं बाहर बाहर भूल करता हूं जी प्रकार मैं भी पर पर भाग जाता हूं आप मुझे वापस बुलेट हैं भक्तों की कथाएं सुनते हैं मेरा मार्गदर्शन करने के लिए इसके लिए गणेश जी मैं सदैव आपका कीर्तन रहूंगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] क्योंकि इसी के करण मुझे ज्ञानेश्वर श्री गणपति से भक्तों की अद्भुत कथाएं सुनने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है [संगीत] इससे पहले की आपके भीतर का पिशाच पुनः आपके भक्ति पर हेवी हो जाए [संगीत] अभी तो भक्ति से भारी बातें कर रहे थे और अब भक्ति की कथा सुनने से माना क्यों कर रहे हैं [संगीत] मुझमें पर कृपा की मुझे निकॉन भक्ति कथाएं सुने मेरे बारंबार भागने के बाद आप मुझे ढूंढने आए मैंने बहुत कष्ट दिया प्रभु आपको इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी मैं आपका पूजन करना चाहता हूं आप मुझमें पर इतनी कृपा कर रहे हैं प्रभु तुम मुझे भी अवसर दीजिए प्रभु [संगीत] बादल गए स्वामी में जल लेकर आई हूं [संगीत] जय गणेश जय गणेश जय गणेश देव माता जाकी पार्वती पिता महादेव [संगीत] [संगीत] एक दांत दयावंत चारभुजा धारी माथे सिंदूर [संगीत] सोए मस्की सवारी पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े में लड्डू उनका भोग लगे संत करें सेवा [संगीत] [प्रशंसा] बंधन को पुत्र देते निर्धन को माया और शमशरण सफल की जैसे [संगीत] [संगीत] स्वामी कहां चले गए स्वामी [संगीत] मुझे तो लगा था वह बादल गए हैं [संगीत] क्या करूं नहीं नहीं यह तो उचित नहीं होगा किंतु उन्हें नहीं उठाया तो स्वामी को लोटा कर कौन लेगा वह बहुत दूर चले गए तो उन्हें ढूंढा कठिन नहीं होगा [संगीत] ये प्रभु चिंता मत कीजिए वो चिंता कैसे ना करूं गजानंद मुझे लगा था वो बादल गए हैं उनका रूप भी बादल रहा था की तू ऐसा कुछ नहीं हुआ वो फिर भी भाग गए जो कुछ भी उन्होंने भक्तों को भक्ति को लेकर कहा था सब झूठ था एक छलावा था वो तो अब भी वही है बदलने का प्रयास कर रहा हूं [संगीत] मुझे लगा प्रभु ने इतने समय से कुछ खाया नहीं तो उनके लिए भजन लेने चला गया और हां तुम भी तो मेरे लिए इतने समय से बिना कुछ खाए काशी में कथा सुन रही हो तो कुछ तुम्हारे लिए भी ले आया [संगीत] श्री गणेश और भक्तों की कथा [संगीत] [संगीत] प्राप्त करने के लिए मुझे पर्यटन करना होगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] क्या हुआ प्रभु आप रुक क्यों गए फल स्वादिष्ट नहीं है क्या [संगीत] होगा अरे नहीं प्रभु वहां तो कोई नहीं था ना पहले नाबालिग इतने सारे फल दिखे मैं तोड़ के ले आया किंतु यह तो चोरी हुई ना हां आपको ऋषि शंकर और लिखित की कथा स्मरण नहीं अपने भ्राता के बगीचे से बिना अनुमति फल का लेने के दंड स्वरूप जिन्होंने अपने हाथ से दिए थे [संगीत] [संगीत] किंतु मैं अब क्या करूं [संगीत] मौसी वह बदलने का प्रयास कर रहे हैं विश्वास करना होगा उन्हें प्रोत्साहित कर उन्हें अपनी पिसाची प्रवृत्ति पर नियंत्रण अपने में सक्षम बने के लिए प्रेरित करना होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] भगवान ने प्रभु श्री कृष्णा ने अपने भक्तों को प्रेरित भी किया और जब उसने चोरी की और वो पड़ा गया तो भगवान उसे वहां अकेला छोड़कर चले भी गए [संगीत] तुमसे तुम मेरे शाखा हो सेवक नहीं उचित कहां अपने प्रभु और आपकी सेवा में ही आनंद आता है मुझे और मेरा आनंद उसकी कोई चिंता नहीं तुम्हें [संगीत] तुम मुझे सबसे बड़ा आनंद आता था अपने मित्रों के साथ माखन चूड़ा के खाने [संगीत] आप इन तो प्रभु उसे बगीचे का स्वामी तो कोई और है रहरी भी होंगे वहां अभी तो तुमने कहा मेरा आनंद सर्वोपरि है और अब जो मैं चाहता हूं उसे करने में संकोच कर रहे हो मैं तो चिंता क्यों करते हो [संगीत] कहो शाखा तुम चलोगे या मैं अकेले ही जाऊं [संगीत] मैं भी चला आपके साथ [संगीत] मत करो मैं हूं ना [संगीत] लगता है आपको इस वृक्ष का फल चाहिए प्रभु [संगीत] क्या हुआ असर था तुम तो कहते थे की मेरी सेवा में तुम्हें आनंद आता [संगीत] अब मैं तुम्हें अपनी सेवा का अवसर दे रहा हूं तो तुम यही खड़े हो लगता है मुझे स्वयं ही वहां चढ़ना होगा मैं चढ़ता है ना आप बस बता दीजिए की कौन सा फल चाहिए [संगीत] [संगीत] तू कौन सा वाला आप ये वाला या वो वाला कुछ समझ में नहीं आया थोड़ा ऊंचे स्वर में बोलो की कौन सा वाला फल चाहिए दोनों पैक हुए हैं यह वाला या वो वाला है प्रभु लगता है [संगीत] मेरे रहते कहां भगोड़े [संगीत] [संगीत] [संगीत] भगवान में चोरी करवाई अपने भक्ति क्यों प्रभु क्या उसमें भी कोई भगवान की लीला थी और वह भक्ति वह कौन था किंतु एक समय पर तो एक ही प्रश्न का उत्तर दिया जा सकता है [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] जिसकी महकता का गुणगान धरती पर ही नहीं देवलोक में भी किया जाता है यह कथा है पुरी में प्रभु श्री कृष्णा के भगवान श्री जगन्नाथ स्वरूप के मंदिर की प्रभु जगन्नाथ पुरी में इनके भाविन मंदिर दास का क्या योगदान था हमें शेर बताने की कृपा करें प्रभु उसके लिए तो आपको भक्ति माधव दास की ही कथा सनी होगी ना अवश्य प्रभु जगन्नाथ पुरी क्षेत्र से कुछ दूर एक गांव में एक संभ्रांत परिवार में माधव दास का जन्म हुआ माधव दास और उसके भाई रामदास के पिता चल बेस [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] विधर विचित्रानी भाग्य कब कैसी करवट ले ले कौन जानता है और किसी की नियति अपने के पहले निकॉन परीक्षाएं देनी होती हैं तब भगवान भी कृपा करते हैं बस भगवान के उन संकेत को पहचाना आना चाहिए [संगीत] [संगीत] [संगीत] जैसे मुझे अपनी और बुला रहा है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] भगवान की कृपा निश्चित रूप से उन लोगों पर होती है जिनके मां हृदय वाणी तथा इंद्रियों में शांति और प्रेम का भाव होता
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[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
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