[संगीत] महाभारत आप पांडवों को अपना बाहुबल भले ना दे मद नरेश परंतु अपना आशीर्वाद तो अवश्य देंगे या आशीर्वाद भी दुर्योधन ही को दे आए मैं तो यह सोच भी नहीं सकता था वासुदेव के वह कपटी दुर्योधन मुझसे यह मांग बैठेगा वह तो भली भांति यह जानता था कि मैं पांडवों के पक्ष में युद्ध करने निकला हूं उसने मेरे साथ खुला कपट किया आतिथ्य की मर्यादा का उल्लंघन किया परंतु परंतु मेरा आशीर्वाद मेरा आशीर्वाद तो पांडु पुत्रों के साथ है हे प्रियवर युधिष्ठिर तुम्हारा मंगल हो मेरे हाथ उनके साथ हैं मेरे अस्त्र शस्त्र उनके साथ हैं मेरी सेना भी उनके साथ है परंतु परंतु मेरा आशीर्वाद मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है और मेरी जीवा भी तुम्हारे लिए है केवल तुम्हारे लिए मामा श्री आपने हमें बड़ी मां को मुह दिखने योग्य नहीं छोड़ा सहदेव अपनी सहनशीलता का मार्ग ना त्यागो प्रिय अनुज मैं परिवाद नहीं कर रहा हूं भ्राता श्री मैं परिवाद नहीं कर रहा हूं परंतु मैं उस दिन को कैसे भूलू जब हमारे वनवास के लिए निकलने से तनिक पहले बड़ी मां ने कल्याणी से कहा था हे द्रौपदी मेरे सदैव का ध्यान रखना अपने पुत्रों में मुझे सबसे अधिक प्रिय यही है मैं यह कैसे भूलू कि जब हम लोग छोटे थे तो बड़ी मां मुझे अपनी गोदी में बिठला करर आप लोगों से पहले भोजन करवाया करती थी क्या आपको याद नहीं किला से निकलते समय उन्होंने सबसे पहले मुझे निकाला था और मामा मामा युद्ध में आपका विरोध करेंगे छोटे भैया से द्वंद यु के लिए उस सूत पुत्र करण का रथ हाक कर मजले भैया के रथ के सामने ले जाएंगे हे मत्र नरेश उस सूत पुत्र का सारथी बनने से पहले हस्तिनापुर जाइए और हमारी माता कुंती से क्षमा मांगिए या उनसे कहिए क्या आप उनके आभारी नहीं हे मद्र नरेश आज आपने हमें अपने जेश ताओ का सौतेला भाई बना दिया सौतेला भाई तुम तो सग से भी अधिक सगे हो प्रिय सदेव अधिक सगे हो तुमने सौतेले शब्द का प्रयोग करके आज अपनी दोनों माताओं का अपमान किया है सदेव हम पांचों भाई तो वोह भाग्यशाली पुत्र हैं जिन पर दोनों माताओं ने अपनी ममता का सावन बरसाया है हमारी आत्मा के सरोवर अपनी दोनों माताओं की ममता से छलक रहे हैं मामा की ओर से मन मेला ना करो उन्होंने तो वही किया जो एक महारथी को करना चाहिए मैं तुमसे एक प्रश्न पूछता हूं सहदेव क्या तुम अपनी सेना के महारथियों के रथों के साथ एक ऐसे महारथी के रथ को चलने दोगे जो धन का आभारी हो बोलो सदेव मामा यदि उसे कुछ दिए बिना चले आते तो वो उसके ऋणी होते हमारे पितामह भी तो उधर है तो क्या उन्हें दुर्योधन हमसे अधिक प्रिय है गुरुवर द्रोणाचार्य भी तो उधर है तो क्या उनके हृदय में हमारे लिए कोई स्थान नहीं रह गया मामा के लिए ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग तुम्हें शोभा नहीं देता सदेव जाओ जाओ और मामा से क्षमा मांग लो और आज के उपरांत अपने आप को कभी सौतेला नहीं कहना व कभी सौतेला नहीं [संगीत] [संगीत] कहना मुझसे घोर अपराध हुआ है मुझे क्षमा कर दीजिए मामा श्री क्योंकि यदि मां को इस बात की सूचना मिल गई तो व क्रोध में आकर अपने स्नेह की छाया मेरे सर से हटा लेंगी तोड़े नाता या वचन है दुविधा में प्राण वीर गले में दिल सोचते किसको दे [संगीत] समान किसको दे [संगीत] समान आभार महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत [संगीत]
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
-
[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि स...
-
महाभारत इच्छा है तुम्हारी बस इसने तो एक ही रट लगा रखी है केशव इसे तो आपको गुरु बनाना है वस इस देश में गुरुजनों की क्या कमी है तुम हमें ह...
-
[संगीत] किंतु मेरे परिवार पर से किस पर संकट आने वाला है ऋषिवर बताइए ना ऋषिवर संकट किस पर होगा यह सोचने के स्थान पर तुम्हें यह सोचना चाहि...
No comments:
Post a Comment