[संगीत] महाभारत राश चित को तुम्हें अवश्य करना चाहिए द्रोण पुत्र क्योंकि तुम्हें निसंदेह अपने कुल को कलंकित किया है किंतु पांडव तो जीवित है जिन पांचों को तुम पांडव समझे वे पांचों तो द्रोपती अब समझ में आ [संगीत] रिसीवर के पीछे ने छुप [संगीत] समया प्रम आमान [संगीत] [संगीत] नम [संगीत] हे ब्रह्मा पांडवों का सर्वनाश कीजिए ओ ब्रह माय नमः ब्रह्मास्त्र [संगीत] [संगीत] अर्जुन अश्वत थामा ये वो अस्त्र है जो भूमंडल को नष्ट कर देगा लौटा लो इस अस्त्र को क्या द्रोणाचार्य ने तुम्हें यह नहीं बताया था ऐसी शक्तियां युद्ध के लिए नहीं होती हे वासुदेव तुमने भी अर्जुन को नहीं रोका अश्वथामा अपना ब्रह्मास्त्र चला चुका था रे शिवर और उसे काटने के लिए अर्जुन अपना ब्रह्मास्त्र चलाने पर विवश था अर्जुन अश्वत थामा लटा लो इस जो देख क्या रहे हो अवमा लौटा अपना ब्रह्मा मुझे अस्त्र लौटाना नहीं आता ऋषिवर लौटाना नहीं आता तो फिर च क्यों था मूर्ख दिशा बदल अपने अस्त्र की क्या तू स्वय अपने अ शक्ति भी नहीं जानता क्या तू यह भी नहीं जानता रचता का चलेगा तो फिर क्या बच सकता है क्या तू यह चाहता है कि परमपिता ब्रह्मा को किसी और भूमंडल की रचना करनी पड़े पाच बालको के रक्त में डूबे हुए ब्रह्मा दिशा बदल अपने अस्त्र की अरे मर यदि पांडव रहे तो क्या तू निर्माण करेगा उस समाज का जिसम मनुष्य का आत्म समान सुरक्षित रहेगा क्या तेरी लहू भरी आंखे मानव जाति को किसी उज्वल भविष्य का सपना दिखा सकेंगी नहीं इसलिए दिशा बदल अपने अ की अ दिशा तो अवश्य बदल दूंगा ऋषिवर किंतु यह जाएगा फिर भी पांडवों की ओर यदि उनका नाश नहीं कर सकता तो उनके बीज को अवश्य नष्ट कर दूंगा [संगीत] क्या हुआ [संगीत] पुत्री दासी राजवेद को बुलाओ शीघ्र च र [संगीत] [संगीत] [संगीत] हे अश्वथामा तुम एक अति घिना व्यक्ति हो जिसका स्पर्श कीचड़ को भी मैला कर देगा क्या तुम यह समझते हो कि तुम अपने ब्रह्मास्त्र के दुरुपयोग से अभिमन्यु पुत्र की उत्तरा के गर्भ में ही हत्या कर सकते हो तो उसे कोई जीवित नहीं कर सकता यह वासुदेव कृष्ण उसे जीवन दान देगा और तुम समय की चरम सीमा तक पृथ्वी पर अपने कभी न समाप्त होने वाले जीवन का शव उठाए भटकते रहोगे अकेले अपने इस खोर पाप का बोझ उठाए संवेदना के स्नेह लेप के लिए तरसते हुए अश्वथामा और आज तुम्हारे माथे पर जहा एक मणि दमक रही अश्वथामा घव होगा जो सदैव रिश्ता और दुखता रहेगा बड़े भैया इसके माथे से य मणि निकाल लीजिए क्योंकि यह मानव जाति के धरोहर है य मण ले लीज [संगीत] वासुदेव लीजिए इस फता [संगीत] हे वासुदेव लीजिए यह मणि स्वीकार [संगीत] कीज किंतु अपने शाप से मुझे मुक्त कर दीजिए वासुदेव मुक्त कर दीजिए यह शाप नहीं था अश्वथामा कि मैं तुझे इससे मुक्त कर दू यह तो तेरे पापों का भुगतान है और समाज की से तुझे मुक्त करने वाला मैं कौन होता हूं अनुशंसा ऋषिवर अनुशंसा [संगीत] अनुशंसा बड़े भैया यह मणि ले लीजिए हम उत्तरा के पास भी जाना [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] संतान की मृत्यु गर्भ हो चुकी है महारानी जी यदि गर्भपात ना हुआ तो सूतिका का बचना असंभव हो जाएगा महाभारत महाभारत महाभारत [संगीत] महाभारत महाभारत i
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
-
[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि स...
-
महाभारत इच्छा है तुम्हारी बस इसने तो एक ही रट लगा रखी है केशव इसे तो आपको गुरु बनाना है वस इस देश में गुरुजनों की क्या कमी है तुम हमें ह...
-
[संगीत] किंतु मेरे परिवार पर से किस पर संकट आने वाला है ऋषिवर बताइए ना ऋषिवर संकट किस पर होगा यह सोचने के स्थान पर तुम्हें यह सोचना चाहि...
No comments:
Post a Comment