Wednesday, 31 December 2025

ब्रह्मलोक का संतुलन किसने बिगाड़ा था Basant Bhatt Uzair Basar Vighnaharta Ganesh Episode 632

भ्राता अपने अस्त्र धारण [संगीत] करो हमें प्रभु के विश्वास का मान रखना है उस दुष्ट गजमुख को पराजित करना [संगीत] है [संगीत] कहां है गजमुख देवताओं को और उस बालक को जो देवताओं का सेनापति बना हुआ है उन्हें बंदी बनाकर अभी तक लौटा क्यों नहीं है और प्रतीक्षा नहीं करूंगा मैं शीघ्र उसका समाचार दो अराज युद्ध भूमि से अभी तक कोई नहीं [संगीत] लौटा तो जाओ और जाकर ज्ञात करो क्रच पर क्या घटित हो रहा है जो बीत चुका है उसे ज्ञात करने की कोई आवश्यकता नहीं है [संगीत] आवश्यकता है तो सूचना की जो भविष्य में घटित होने वाला है जिससे उसे अपने अनुसार तुम दिशा दे सको किंतु भविष्य का ज्ञान तो तभी होगा जब कोई पंचांग देखे और उन भाविक घटनाओं को तुम्हारे सामने व्यक्त करे और इसके लिए ब्रह्मदेव से उपयुक्त बला और कौन हो सकता [संगीत] है माता के सुझाव का पालन अवश्य होना चाहिए जो मैं करूंगी जेष्ठ ब्रह्मदेव को आपके सामने प्रस्तुत होने पर विवश कर [संगीत] दूंगी इतना दुस्साहस इनका उस दिव्य योद्धा के बिना ही आ गए उचित है फिर अब आ ही गए हैं तो मैं इन्ह उलझा कर रख दूंगा [प्रशंसा] आक्रमण [संगीत] दुष्टों तुम सभी को नष्ट करेंगे हम तुम नहीं मैं आहत करूंगा तुम्हें [संगीत] अब मेरे भ्राता के अस्त्रों के समान मेरा गदा इन असुरों का संघार करेगा इन मायावी असुर सैनिकों को अपने मार्ग से हटाकर मुझे गजमुख तक पहुंच कर उसका अंत करना होगा [संगीत] ये क्या हम तो अभी भी वही है जहां से हमने आरंभ किया था आरंभिक स्थान ही अंतिम स्थान बनेगा तुम्हारा इस माया का स्रोत तो वो गज मुखन है वो मिटेगा तभी यह माया भी [संगीत] मिटेगी गजमुख इस बार तुम्हारी माया भी विफल होगी व्यर्थ हो गया मेरा प्रहार गजमुख तो यहां था ही [संगीत] नहीं जय पराजय हमारी सोच पर निर्भर है मान लो तो पराजय ठान लो तो जय इसलिए निराश मत हो भ्राता हमें ठान कर आगे बढ़ना है और गजमुख तक पहुंचना है आ [संगीत] यह तो जैसे अभेद माया चक्र है जितना आगे बढ़ते हैं उतना ही पीछे रह जाते हैं गज मुकंद के तनिक निकट भी नहीं पहुंच सके हम और कितने समय इसी प्रकार का व्यर्थ युद्ध करते रहेंगे हम कच मुख सर्वप्रथम उन्ह थका चाहता है नहीं देवराज इसके पीछे तो अवश्य ही कोई बहुत बड़ी योजना है कोई और ही कारण है इस दुष्ट गजमुख ने स्वयं को अपनी माया से सुरक्षित किया हुआ है जब तक माया का वह चक्र नष्ट नहीं होता वीरबाहु उस तक कदापि नहीं पहुंच सकेगा और यदि ऐसा ही रहा तो भैया कार्तिके अपनी इस यात्रा पर आगे नहीं बढ़ सकेंगे फिर मैं उन्हें विवाह के लिए कैसे तैयार करूंगा तो प्रभु क्यों ना हम ही आगे बढ़कर इन वीर बंधुओ की सहायता करें भैया के आदेश के विरुद्ध जाकर नहीं मशक जी क्या आपको भैया के क्रोध का अनुमान नहीं मुझ तक कभी नहीं पहुंच सकते यह मूर्ख किंतु अति शीघ्र इनकी मृत्यु इनके निकट पहुंच जाएगी सुरमुखी सामने आओ मैं तुम्हारे लिए ऐसा कार्य लाई हूं जिसमें तुम्हें बहुत आनंद आएगा बोलो अजा मुखी क्या कार्य है देवताओं का पीछा करने में तुम्हें बहुत आनंद आता है ना और मैं तो तुम्हें देवियों को ढूंढने का कार्य देने जा रही हूं इसमें तो आनंद ही आनंद होगा कहो किस देवी को ढूंढना है इंद्र की पत्नी देवी शची और पुत्री देव सेना तुम उन्हें ढूंढ कर लाओ मैं ब्रह्मदेव को ढूंढती [संगीत] हूं ब्रह्मदेव बाहर आइए स्वागत कीजिए अपनी अतिथि का देखिए इसका आगमन हुआ है आपके द्वार पर आप पर छाया वो भयंकर संकट जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की [संगीत] होगी सहजता नहीं तो विवशता में ही सही पर चलना तो होगा आपको ब्रह्मदेव नहीं तो आप जानते ही होंगे कि मैं संपूर्ण ब्रह्मलोक को अपने सिंघो पर उठाकर ले जा सकती हूं अब आप निर्णय कर लीजिए कोई उत्तर नहीं दिया आपने तो कदाचित मुझे अपने शक्ति का प्रदर्शन करना ही होगा [संगीत] कौन है यह जिसमें ब्रह्म लोक का संतुलन बिगाड़ने का सामर्थ्य है यदि ब्रह्मलोक अपने स्थान पर नहीं रहा तो संपूर्ण सृष्टि असंतुलित हो जाएगी [संगीत] नहीं मैं इस संकट को पृथ्वी ता कदापि नहीं पहुंचने दूंगा रुको मत करो य अना मैं प्रस्तुत हूं तुम्हारी जो भी इच्छा हो पूर्ण कर लो किंतु इस संपूर्ण को हानि मत पहुंचाओ ये कैसा स्वभाव है आप देवताओं का कनिक भी कठिनाई नहीं हुई और आप अपने खटने टेक देते हैं अच्छा है मैं जो कार्य के लिए आई थी वो तो संपूर्ण हो ही गया आनंद तो अब आएगा पीछे हटो दुष्ट सुर जेस्ट यह मुझसे क्या हो गया मुझे क्षमा कर दीजिए स्वयं को दोष ना दे यह माया जाल है जिसका उपयोग उस दुष्ट ने इस युद्ध में किया है हमें इस माया को रोकने के लिए कोई उपाय करना [संगीत] होगा भ्राता अब ठीक तो है ना भ्राता क्षमा भ्राता क्षमा यदि ये गजम किसी प्रकार अपनी माया से इन्ह आहत करता रहा तो मैं अधिक समय तक मोग दर्शक बनकर स्वयं को रोक नहीं पाऊंगा मुझे शीघ्र ही कुछ करना होगा नहीं कुमार कार्तिक आपने वचन दिया था जब तक व आपकी सहायता के लिए पुकारेंगे नहीं आप अपनी ओर से शुद्ध मैनिक भी हस्तक्षेप नहीं करें भाई भाई के रक्त का प्यासा हो जाए इसमें तो सर्वाधिक आनंद आता है अमसों को मैं वचन बद्ध हूं इसलिए बबस अन्यथा इस गजमुख की माया को तो कब का नष्ट कर दिया होता मैंने इस माया को भेदने का एक ही उपाय है जिसमें मैं इनकी सहायता कर सकता हूं किंतु कैसे करूं वीर बंधुओं के पुकारे बिना यदि मैं गया तो भैया मुझे क्षमा नहीं करेंगे हम तो जैसे उस दुष्ट के हाथों की कठपुतली बन गए हैं प्रभु कार्तिक कितने निराश होंगे कैसा विघ्न है यह जो हटने का नाम ही नहीं ले रहा विघ्न विघ्न को टालने का तो एक ही उपाय है राता अब समस्या समझ गया मैं इस युद्ध के आरंभ में हमने प्रथम पूज्य विघ्न हर्ता गणेश जी का स्मरण जो नहीं किया है इसीलिए विघ्न संकट बनकर हमारे सामने खड़ा है किंतु अब हम क्या करें अब एक भी पग उठाने से पहले हम सर्वप्रथम प्रभु गणेश जी का नाम [संगीत] लेंगे ओम विघ्न हरता श्री गणेशाय नमः ओम विघ्न हरता श्री गणे नम श्री गणेशाय नम त्वमेव केवलम धरता स त्वमेव केवलम हरता स त्वमेव सर्वम ल विंदम ब्रह्मा [प्रशंसा] [संगीत] से प्रभु गज मुखन की माया नहीं मैं स्वयं हूं यहां कुरु देव सर्व कार्यशु सर्वदा मैंने तो गणेश से स्पष्ट रूप में कहा था कि उसे युद्ध में भाग लेने की अनुमति कदा भी नहीं कि फिर भी व वहा क्यों चला गया माया की शक्ति को एकमात्र भक्ति से ही भे जा सकता है वीरबाहु और तुम्हें भक्ति भाव से किसका स्मरण करना है यह तो तुम्हें भली भाति ज्ञात है [संगीत] योगीश्वर महासेन कार्ति केयो अग्नि नंदन सं कुमार सेना स्वामी शंकर [संगीत] संभव इस गजमुख की माया के अंत का समय अब आ गया [संगीत] है सत्पुरुष विहे महा सेराय धीमही षणमुख प्रचोदयात ओम त महाद ी मनी [प्रशंसा] [संगीत] प्रचोदयात जीवन विहे महा सेवाय ब नहीं यह कैसे संभव है गजमुख अब माया रहित हो गए हो तुम इसलिए अब तुम्हारी रक्षा कोई नहीं कर सकता [संगीत] [संगीत] ओ ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय माता मैं प्रभु की पूजा के लिए बेलपत्र लेकर आती हूं रुको पुत्री देव सेना सावधान रहना देव सेना अर्थात दुर्मुखी ने इन देवियों को ढूंढ लिया [संगीत] माता आप चिंता ना कीजिए प्रभु के आशीर्वाद के रूप में स्वयं प्रभु मेरे साथ हमें कुछ नहीं [संगीत] होगा [प्रशंसा] [संगीत] कोई तो है यहां पर यहां तो कोई नहीं [संगीत] है [संगीत] अब यह मुझसे बच नहीं [संगीत] सकती तुम सभी इसको पकड़ो मैं इंद्र की पत्नी सची को लेकर आती [संगीत] हूं स्वामीनाथा स्वामीनाथा स्ना स्वामीना [संगीत] [संगीत] स्वामीना ये मयूर का स्वर कहां से आया वा [संगीत] यह मयूर नृत्य करने के स्थान पर देव सेना की रक्षा करने आया है मारो [संगीत] इसे कदाचित मुझे अजा मुखी को यहां लेकर आना [संगीत] चाहिए मु से अचानक स्वामीनाथ क्यों निकल [संगीत] गया और मुझे यह दृश्य क्यों दिखाई दे रहे हैं यह आपके भूत और भविष्य दोनों का संकेत है जो आप पर शीघ्र उजागर होगा [संगीत] देवी कौन है जिनके दृश्य मुझे बार-बार दिखाई पड़ते हैं क्या संबंध है मेरे वर्तमान का इन दृश्यों से अपने इष्ट पर विश्वास और उनकी भक्ति सभी शक्तियों पर विजय पाने का सर्वोत्तम उपाय है

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...