Wednesday, 31 December 2025

भीम के क्रोध का कारण कौन था Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] महाभारत क्या बात है भ्राता श्री इतना क्रोध किस पर अपने आप पर क्यों आपने क्या किया मैंने सहम किया मुझे तो बड़े भैया की ओर पीट करके वही द्यूत भवन में दुर्योधन की गर्दन मरो चाहिए [संगीत] थी तो आपने भी उनका पड़ाव देख लिया देखता कैसे नहीं यदि आंखें मूत लू तो उसके अश्लील थों का क्या करूं और यदि नाक कान बंद कर लू तो उसके अश्लील व्यक्तित्व की दुर्गंध में सांस लेना भी असंभव है वह यहां वन में भी हमें चैन की सांस नहीं लेने देगा सूंघ हो भुते हुए मृग की गंध जैसे हमने तो कभी अच्छा भोजन किया ही ना हो पड़ाव के बहर पचास दास झूठी थालियां धो रहे थे मैं वही अपने झूठे पतल फेंक आया तो ये ईर्षा क्यों प्रिय अनुज ईर्षा हमें उससे ईर्षा क्यों होने लगी भ्राता श्री किंतु दुर्योधन के असभ्य होने पर लाहट तो होगी ही ना क्योंकि वो हमारे चेष्ठ पिता श्री का जेष्ठ पुत्र है क्या यह वो जानता नहीं कि 13 बरस के उपरांत हम उसे अपनी एक एक वस्तु गिन करर वापस लेंगे 13 बरस के पश्चात तो स्म सब कुछ लटा देगा अर्जुन अरे बड़े भैया आप तो यही सोचते हैं कि वह सब कुछ लौटा देगा अरे बड़े भैया हमें तो अपने भाका कौर भी उसके मुंह से उंगली डालकर निकालना पड़ेगा और यदि समय कोई वृक्ष होता तो मैं अभी उसकी 13 टहनिया काट के उसके पड़ाव में घुस जाता समय कोई वृक्ष नहीं है अनुज उसे कोई काट नहीं सकता वह तो स्वयं कटता है और उसके कटने की भी अपनी एक गति होती है अरे मित्र दुर्योधन यह तो बताओ कि इस समय वह पांच वनवासी कर क्या रहे हू मैं बताता हूं अर्जुन तो जंगल में लकड़िया काटने गया और भीम तो घास इकट कर रहा होगा और धर्मराज युधिष्ठिर कोने में खड़े मुंह लटका कर के प्रायश्चित कर रहे हैं और वो दिव्य जन्मा द्रौपदी चूल्हा जला रही होंगी अरे दुशासन जी वो बचा गुचा भोजन उन पांडवों की कुटिया में भेजा या नहीं चिंता ना करे भ्राता श्री पहले हमारे पालतू जानवर तो खा ले उसके बाद [हंसी] महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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