महाभारत [संगीत] आगा आपके चरणों में स्थान पाकर मैं धन्य हो गया ऋषिवर ऋषि पर शब्द जाल ना फेंको राजन जो कहने आया हूं उसे ध्यान से सुनो तुम्हारे होते तुम्हारे अनुज पुत्रों के साथ जो कुछ हुआ वो ठीक नहीं हुआ वो किसी दृष्टिकोण से ठीक नहीं था उनके साथ होने वाले अन्याय का दायित्व तुम पर है क्योंकि तुम राजा हो और कदाचित इस अन्याय का भुगतान भी तुम्हें ही करना पड़ेगा ऐसा ना कहिए ऋषिवर ऐसा क्यों ना कहूं कैसे ना कहूं ऐसा यह समझ लो राजन कि 13 वर्ष 13 वर्ष में समाप्त हो जाएंगे इसलिए उस दिन को आज इसे ध्यान में लाना आरंभ करो जो 13वें वर्ष का अंतिम दिन होगा क्या तुम यह समझते हो कि पांडव 13 वर्ष में अपने अपमान और अपने साथ होने वाले अन्याय को भूल [संगीत] जाएंगे दुर्योधन मेरा कहान नहीं मानता ऋषिवर मैं मैं क्या करूं यदि वो तुम्हारा पुत्र ना होता राजन तब क्या करते हम तुम्हारे राज्य में राजा की आज्ञा का पालन ना करने वाले को क्या दंड दिया जाता है राजन वो मेरा पुत्र है ऋषिवर पुत्र भी एक नागरिक होता है राजन और विधि नातो का मुह नहीं देखती उसे समझाओ कि राजा तुम हो उसे समझाओ कि कुरु वंश के जेष्ठ गंगापुत्र भीष्म है और तुम दोनों के जीवन काल में राजनीति या राज्य पर उसका कोई अधिकार नहीं उसे समझाओ और यदि वह ना समझे तो उसे आदेश दो कि वह पांडवों से संधि कर ले और फिर भी यदि वह आज्ञा का पालन ना करे तो दंड दो उसे क्योंकि राजा होने के नाते यही तुम्हारा परम कर्तव्य है अहंकार के वृक्ष पर विनाश का फल आता है राजन विनाश मारत महाभारत [संगीत] महाभारत महाभारत
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