Wednesday, 31 December 2025

महर्षि व्यास के जन्म की कहानी Guru Purnima Special Mahabharat Scenes B R Chopra Pen Bhakti

महाभारत [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] ओ गंगा पुत्र भीष्म आए हैं उन्हें आदर सहित ले आओ जो आज्ञा गुरुदेव [संगीत] प्रणाम मुनिवर मैं जानता हूं तुम यहां क्यों आएगा पुत्र तो फिर क्या आज्ञ है मुनिवर राजमाता सत्यवती तुम्हारी माता नहीं इसलिए तुमने उनका कहा नहीं माना कोई वचन मां और मातृभूमि से बड़ा नहीं हो सकता गंगापुत्र यह निर्णय तो वजन बद्ध होने वाले को ही लेना चाहिए मुनिवर हां मैं अपनी सीमा पार कर गया था गंगापुत्र परंतु सत्य यही है कि राज माता सत्यवती तुम्हारी माता नहीं इसी कारण तुमने उनका कहा नहीं माना परंतु वे मेरी माता है आपकी माता मुनिवर हां [संगीत] [हंसी] [संगीत] भयभीत ना हो मत सुगंध सत्यवती मैं पराशर हूं ऋषिवर क्षमा चाहती हूं ऋषिवर मैंने आपको पहचाना नहीं मनुष्य स्वयं अपने आप को कभी नहीं पहचान पाता सत्यवती तो वह दूसरों को क्या पहचाने का परंतु तुम्हें अपने विषय में यह जान लेना आवश्यक है कि तुमने यात्रियों को नदी पार करवाने के लिए ही जन्म नहीं लिया इतिहास तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा है मेरी प्रतीक्षा ऋषिवर हां अब समय आ गया है कि तुम मतस्य गंधा से योजन गंधा बन जाओ कि तुम्हारी सुगंध द कोस आगे चलते समय को यह बता दे कि तुम आ रही हो परंतु इसके लिए तुम्हारे गर्भ से ज्ञान का एक अंकूर फूटना आवश्यक है परंतु मैं अक्षत योन हूं ऋषिवर निष्कलंक क्या मुझे इसका ज्ञान नहीं मत से गं तुम अक्षत योने ही रहोगी निष्कलंक परंतु ऋषिवर तुम्हारे कोमल कंधों पर भारतवर्ष के इतिहास का भारी बोझ पड़ने वाला है मत्स गंदा सत्यवती उसके योग्य बनना तुम्हारा कर्तव्य भी है और धर्म भी अपने धर्म का पालन करो अथवा निर्णय लेने में शीघ्रता से काम लो मैं निर्णय कैसे ले सकती हूं ऋषिवर परंतु आज से तुम्हारे जीवन के हर परंतु का उत्तर देना मेरा दायित्व [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] है महर्षि पराशर की कृपा से माता सत्यवती ने मुझे जन्म दिया और इसी कारण उनकी आज्ञा का पालन करना मेरा परम कर्तव्य बन जाता है चलो [संगीत] गंगापुत्र मारत महाभारत [संगीत] महाभारत महाभारत [संगीत]

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