[संगीत] महाभारत सारथी रथ रोको ठहरो प्रणाम गुरुदेव मैं आप ही की प्रतीक्षा कर रहा था [संगीत] दाऊ प्रणाम दाऊ आप ठीक समय पराय दाऊ आपके दोनों शिष्यों में गदा युद्ध होने जा रहा है देवर्षि नारद से यही तो सुनकर मैं सीधा यहां चला आ रहा हूं क्योंकि यह मेरे दोनों ही शिष्य गदा युद्ध की नीति में निपुण है धृत राष्ट्र पुत्र होने के नाते आपके चरण स्पर्श करने का सम्मान पहले मुझे मिलना चाहिए अवश्य तुम तो यूं भी मेरे हित शिष्य हो किंतु मैं तुम्हें विजय का आशीर्वाद नहीं दूंगा कुमार मैंने आज तक इस युद्ध में विजय श्री के आशीर्वाद का कवच पहना नहीं गुरुदेव परंतु आज का युद्ध तो विशेष है और मैं यह युद्ध विजय श्री के आशीर्वाद के बिना ही जीतना चाहता हूं परंतु गुरुदेव आप विजय श्री के आशीर्वाद का कवच इस भीम को अवश्य पहना दीजिए यह युद्ध आप विजय श्री के आशीर्वाद के बिना होने दीजिए दाऊ गदा युद्ध आरंभ [संगीत] हो [संगीत] [संगीत] [संगीत] हे [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] हे [संगीत] [संगीत] [संगीत] बबन [संगीत] है [संगीत] [संगीत] [संगीत] मु और बा और मार म [संगीत] मार भी [संगीत] और ब [संगीत] मुझे दुधन का पारी होता दिखाई दे रहा य रणभूमि है य व्यापारियों की भाषा ना बो कि यय यु नियमानुसार चलता रहा तो मजले भैया की पराजय निश्चित है मजले भैया के पास बाहुबल अधिक है परंतु दुर्योधन के पास भी है और माता गाधारी का आशीर्वाद भी यय होता पा न दुधन की ग का सौंदर्य देखता गा किंतु यह क्रीड़ा नहीं युद्ध है प युद्ध [संगीत] है मजले भैया को उनकी प्रतिज्ञा याद दिलाओ कौन सी प्रतिज्ञा क्या तुम भूल गए कि उन्होने हस्तिनापुर राजसभा में द्रौपदी के अपमान के उपरांत दुर्योधन के विषय में क्या प्रतिज्ञा ली थी उन्होंने दुर्योधन की जंगा तोड़ने की प्रतिज्ञा ली थी किंतु ये गदा युद्ध है केशव और गधा जंगा तक जा ही नहीं सकती तो क्या मजले भैया दुर्योधन के शव की जंगा तोड़ेंगे पाथ तुम उन्हे उनकी प्रतिज्ञा याद दिला दो फिर वो जाने और उनका काम नहीं क मैं ऐसा नहीं कर सता तो युद्ध [संगीत] देखो मजले भैया मजले भैया आहो चिल्लाते क्यों हो अनुज युद्ध देखो दाऊ मजले भैया का यह पत तो अ प्रशंसनीय था दाऊ देखिए ना आहो मजले भैया भया आहो मजले भैया आहो मजले भैया आ हो पा भैया आहो म भैया पा [संगीत] भैया आहो मजने भैया [संगीत] आहो तुमने मुझे चल से मरा [संगीत] ी क्या पूरा नहीं प्रयोजन ये वही जंगा है ना जिस पर तू ती को बखाना चाहता था भीम नहीं नहीं भाई ये केवल भाई ही नहीं ये जब भी है उसकी मृत्यु का अपमान ना करो भी अब ये किसी का अपमान करने के लिए जीवित ही नहीं रहेगा हे कनय भीम आज तूने अपने गुरुजनों का अपमान किया है क्या आचार्य द्रोण और स्वयं मैंने तुझे ये शिक्षा नहीं दी थी कि ग युद्ध कम से नीचे नहीं उतरता ये पीड़ा से तड़पता हुआ दुर्योधन नहीं ये तेरे गुरु की मर्यादा उठाए पड़ी है जिसे केवल तेरे काय रक्त का स्नेह ले भी ठीक कर सकता हूं हट जाओ कृष्ण आज मैं इस काय को जीवित छो मेरी बात सुन लीजिए फिर आप जो आज देंगे मैं उसका पालन करूंगा क्या कहोगे तुम और तुम क भी कह सकते हो आपका क्रोध सेराऊ फिर भी यदि आप य आज्ञा देंगे तो मले भैया स्वयम अपना सिर काटक आपके चरणों में अर्पित कर देंगे मैं जानता था मैं जानता था कि तुम कोई ना कोई किम तो अवश्य बीच में लाओगे तुम यह भी जानते हो कृष्ण अब तुम इसके बचाव में कुछ भी नहीं कह सकते यदि कुछ ना कह सकता दाऊ तो आपके बीच में आता ही क्यों मैं ये नहीं कहता कि मजले भैया ने दुर्योधन की जंघा तोड़कर किसी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया है अवश्य किया है किंतु आप ये भी तो सोचिए कि ये दुर्योधन कितनी मर्यादाओं का उल्लंघन कर चुका है पांडवों के साथ तो इसने कपट के अतिरिक्त और कुछ किया ही नहीं दाऊ लाक्षा ग्रह में आगे सीने लगवाई द्यूत क्रीड़ा में गंधार नरेश शकुनी के पासों ने कपट किया ये आप जानते हैं भारत कुलवधू द्रौपदी बालों से पकड़कर भरी राजसभा में घसीट कर लाई गई ये भी आप जानते हैं और इससे सभ्य योद्धा ने जंगा खोलकर उसे उस पर बैठने के लिए आमंत्रित किया था क्या यह नहीं जानते आप कि दाऊ आपने कभी दुर्योधन को तो नहीं टोका क्या मर्यादा भी पक्षपात करती है दाऊ यदि दुर्योधन किसी मर्यादा का उल्लंघन करे तो व ठीक और यदि मजले भैया भीम से किसी मर्यादा का उल्लंघन हो जाए तो उनके लिए मृत्यु दंड यह तो कोई न्याय नहीं हु टूटना ही था इस श को क्योंकि मले भैया बध थे मुझे यह बताइए दाऊ यदि मजले भैया के स्थान पर आप रहे होते तो आप क्या करते हे दाऊ यह ना भूलिए कि जब अर्जुन और दुर्योधन दोनों इस धर्म युद्ध का निमंत्रण लेकर आपके पास आए थे तो आपने समय की इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया था आप तीर्थ यात्रा पर निकल गए थे दाऊ तीर्थ यात्रा पर जब धर्म और अधर्म के बीच युद्ध होने जा रहा हो तब केवल एक तीर्थ स्थान रह जाता है दाऊ केवल एक तीर्थ स्थान रणभूमि जिस युद्ध से आप भाग गए थे दाऊ उसके अंतिम क्षणों में आकर उस पर अपना प्रभाव डालने का प्रयत्न ना कीजिए वैसे आप दाऊ है यदि फिर भी आप भीम का वध करना चाहते हैं तो यह लीजिए मैं हट जाता हू बीच से मैं फिर भी तुमसे सहमत नहीं कशन मैं सदैव इस बात पर लज्जित रहूंगा कि स्वय मेरी बुआ का य पुत्र मेरा शिष्य भी है और मैं सद इस बात पर गर्व करूंगा कि मैं दुर्योधन का गुरु हूं दाऊ की बात का क्या बुरा मानना मझले भैया वह मर्यादा को लगव में देखते हैं किंतु मर्यादा शून्य में नहीं उगती इसलिए आप अपना मन मैला ना कीजिए दुर्योधन को उसके मृत्यु के साथ अकेला छोड़ दीजिए क्योंकि इसके मृत्यु उसके पराजय से अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं [संगीत] है यह धर्म के विजय और अधर्म की पराजय का दिन है सूर्यास्त भी सामने ही है और विजय की पहली रात तो गौरव शिविर में ही बितानी चाहिए ना मजले भैया [संगीत] चलिए प्रण पूरा कर भीम ने जंघा डाली [संगीत] तो माता का वरदान भी गया दुष्ट को [संगीत] छोड़ समझाया श्री कृष्ण ने क्रुद्ध ना हो बलराम यह तो है फल पाप का यही न्याय का [संगीत] काम सीख हम दते युगों से नए युग का करें स्वागत करे स्वागत करे स्वागत करे स्वागत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत h
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