Saturday, 27 December 2025

दुर्योधन ने अपमानजनक कार्य क्यों किया था Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] महाभारत [संगीत] हट जाओ मेरे रास्ते से जानते नहीं मैं कौन हूं मैं गंधर्व राजकुमारी हूं और शायद तुम नहीं जानती कि हम कौन हैं हम युवराज दुर्योधन हैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझो कि आज रात्रि हम तुम्हें अपने शिविर में बुला रहे हैं मैं तुम्हारी प्रतीक्षा [संगीत] करूंगा समझ में नहीं आता मुखिया जी कि पांडव अपने अधिकार के लिए क्यों नहीं लड़े उन्होंने य अपमान सहन कैसे कर लिया युधिष्ठिर धर्मराज हैं उन्होंने जो कुछ भी किया सोच समझ कर ही किया होगा बद श्री ब्रद श्री ब्रद श्री क्या हुआ ब तुम रो क्यों रही हो किसी ने तुमसे कुछ कहा क्या हां बोलो ना क्या हुआ प्रत श्री उस दुष्ट दुर्योधन ने क्या किया उस दुर्योधन ने उसने मेरे साथ अता का वहार किया है [संगीत] दुर्योधन [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [हंसी] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] आ [संगीत] योराज दुर्योधन हम तुम्हारी बाती असभ्य नहीं हमारी पंचायत यह निर्णय लेगी कि हमारी बहन का अपमान करने का तुम्हें क्या दंड दिया जाए [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] प्रिय भीम हस्तिनापुर जाने के विषय में तुम लोगों से मेरी राय भिन्न है प्रणाम आइए राजिए बैठने का समय नहीं है महाराज युवराज को गंधर्व ने बंदी बना लिया है क्या गंधर्व का यह साहस कि हसना राज्य की सीमा के भीतर युवराज को बंदी बना ले तुम दोनों जाकर दुर्योधन की सहायता करो हमें चूहे के लिए सखी लकड़ियां और सोने के लिए सूखी घास इकट्ठी करनी है बड़े भैया और फिर यह तो बताइए भता श्री कि हम दुर्योधन की सहायता करने जाए क्यों गंधर्व से ऐसी भी हमारी कोई दुश्मनी तो है नहीं और फिर दुर्योधन के लिए हमारे हृदय में कोई विशेष स्थान भी नहीं है तो फिर उसकी सहायता के लिए गंधर्व से झगड़ा क्यों मोल ले मैं झगड़ा मोल लेने की बात नहीं कर रहा हूं प्रिय भीम मैं दुर्योधन की सहायता की बात करर आप ऐसी बातें करते क्यों है भ्राता श्री क्योंकि दुर्योधन हमारा भाई है भाई आप उसे भाई कहते हैं वह ऐसा भाई है जिसने कपट से आपको दत में हराया वह ऐसा भाई है जिसने भरी सभा में पांचाली के साथ दुर्व्यवहार किया और आप उसे भाई कहते हैं हां वह फिर भी हमारा भाई है और उसकी सहायता करना हमारा कर्तव्य है यदि संकट के अवसर पर हम उसकी सहायता नहीं करेंगे तो उसमें और हमारे में अंतर ही क्या रह जाएगा क्या इस समय उसकी सहायता ना करने के उपरांत तुम लोग जेष्ठ माता श्री का सामना कर पाओगे क्या तुम उनसे य कह सकोगे कि तुम उनके आशीर्वाद के योग्य हो अनुज दुर्योधन से हमारा झगड़ा एक आपसी झगड़ा है एक घरेलू झगड़ा है हम आपस में निबट रहेंगे एक दूसरे से परंतु इस आपसी झगड़े कार्थ यह तो नहीं कि बाहर वाले इसका लाभ उठाए इसलिए आवश्यक है कि इस आपत्ति की घड़ी में उसकी सहायता करें ठीक है तुम लोग सूखी घास इकट्ठा करो दुर्योधन की सहायता के लिए मैं चलता हूं तुम्हारे [संगीत] साथ युवराज दुर्योधन तुमने केवल एक कन्या का अपमान नहीं किया है तुमने केवल गंधर्व का भी अपमान नहीं किया है तुमने अपमान किया है समूची मानव जाति का मानव समाज का मानव मर्यादा का ह हस्तिनापुर जैसे शक्तिशाली राज्य का युवराज होने का अर्थ यह नहीं है कि तुम्हारे हाथ इतने लंबे हो सकते हैं कि जिन वस्त्रों पर तुम्हे कोई अधिकार ही नहीं उन तक पहुच जाए महारानी द्रौपदी का अपमान करके तुमने यह कैसे समझ लिया कि भारतवर्ष की हर नारी अनाथ है हम में से कोई धर्मराज युधिष्ठिर नहीं हम में से कोई भीम की भाति सर्वश्रेष्ठ गदाधर या अर्जुन की भाति सर्वश्रेष्ठ धनुर भी नहीं ना हम द्रोणाचार्य हैं न कृपाचार्य और ना ही हम में से कोई गंगापुत्र भीष्म हो सकता है यह महामानव है महान जीव है इन्ह अपमान का विष भी जाना आता है परंतु हम साधारण लोग हैं इस अपमान के विष को पचा नहीं सकते युवराज तुम्हें अपने बचाव में कुछ कहना है अरे चुप तू क्या समझता है कि मैं अकेला हूं मेरा मित्र करण आता ही होगा मैं करण की बात नहीं कर रहा हूं मैं बात कर रहा हूं मान अपमान की मैं तुम्हारे अपराध और तुम्हें मिलने वाले दंड की बात कर रहा हूं मैं जानता हूं तुम अनाथ नहीं हो मैं यह भी जानता हूं कि तुम्हें दंड मिलने के पश्चात हस्तिनापुर की सैन्य शक्ति हमें जीने नहीं देगी परंतु मैं उस मृत्यु का स्वागत करूंगा जो आत्म सम्मान की रक्षा के मार्ग पर आएगी अपना निर्णय सुनाइए मुखिया जी निर्णय इसने मेरी बहन का अपमान किया है तेरी बहन का मान ही क्या जो मैं इसका अपमान करूंगा दुधन अपमान के इस पेड़ को मैं काट दूंगा शांत हो जा शांत न्याय की मांग तो यही है और मैं महाराज दत राष्ट्र भी नहीं हूं जो अपने हित में न्याय की परिभाषा ही बदल दूं इसलिए युवराज दुर्योधन ये पंचायत तुम्हें मृत्यु दन देने का निर्णय लेती [संगीत] है प्रणाम कुंद पुत्र तुम यहां इसने चाहे जो भी अपराध किया हो हम उसके लिए आपसे क्षमा चाहते हैं इसने मेरी बहन के शरीर को छूने का अपराध किया है मारती भीम और क्या आपके क्षमा मांग लेने से अपमान का घाव भर जाएगा नवयुवक तुम्हारी बहन मेरी बहन जैसी है सुनिए इस दुष्ट के हाथों के बदले तुम मेरे हाथ कटवा लो बहन इसकी आंखों की असभ्य का दंड तुम मेरी आंखों को दे दो बहन किंतु इसे क्षमा कर दो हम दोनों भाई तुमसे क्षमा चाहते हैं क्षमा ना करना बहन क्षमा ना करना यदि हमारी क्षमा प्रार्थना के उपरांत भी आपने इसे क्षमा नहीं किया और इसकी रस्सियां नहीं काटी तो फिर आपको हमसे युद्ध करना पड़ेगा क्योंकि यही महाराज य जिस्टर का आदेश है कुंती पुत्र भीम यह तुम किसकी सुरक्षा कर रहे हो इस दुर्योधन ने भरी सभा में महारानी द्रौपदी का वस्त्र हरण करने का पाप किया है इस दुष्ट ने कपट से तुम्हारा राज पात जीत लिया है और इसी ने तुम्हें हमारे जेष्ठ भ्राता श्री का कहना है कि यह फिर भी हमारा भाई है हम तुमसे युद्ध नहीं करना चाहते इसलिए हमारी सुनो और इसे क्षमा कर दो हम अपनी मर्यादा के नाम पर मरने से नहीं डरते कुंती पुत्र भीम तुम चाहे अपनी पत्नी का अपमान भले ही सहन कर जाओ परंतु मैं अपनी बहन का अपमान सहन नहीं कर सकता और मैं यह भी जानता हूं कि मैं तुमसे युद्ध नहीं कर सकता फिर भी मैं तुमसे युद्ध करूंगा कि यही एक भाई की मर्यादा है सुन लिया तुमने तुम्हारे कारण भरत वंश को क्या सुनना पड़ रहा है फिर भी भ्राता श्री का आदेश है और हम तुम्हें मुक्त करा के ही जाएंगे आप आयु में मुझसे बड़े हैं मुझे यह बताइए कि इसको दंड देने का अधिकार किसे है हमें या आपको यदि आपने इसे मृत्यु दंड दे दिया तो मेरी उस प्रतिज्ञा का क्या होगा जो मैंने इसके विषय में कर रखी है बताइए तुम ठीक कहते हो इसकी मृत्यु पर तुम्हारा अधिकार हमारे अधिकार से अधिक है इस दुष्ट की रसियां तुम काटो जो ज्ञा धन्यवाद धन्यवाद अब हमें आज्ञा [संगीत] दीजिए महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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