[संगीत] महाभारत अरे अंगराज कर्म क्या तुम यह जानकर प्रसन्न नहीं हुए कि तुम्हारे इकलौते मित्र दुर्योधन के मार्ग के सारे कांटे जलकर भस्म हो गए हैं अब तो दुर्योधन से सिंहासन तक का मार्ग बिल्कुल दर्पण की भांति चौरस और स्वच्छ हो गया है अंगराज अब तुम देखोगे कि तुम्हारा प्रिय मित्र दुर्योधन पहले युवराज बना और फिर तुम देखोगे कि मेरा दुर्योधन राज मुकुट पहने हस्तिनापुर के राज सिंहासन पर विराजमान [हंसी] है अरे कर यह तो समारोह की ड़ी है पुत्र मुझे सुख भी है मम श्री और दुख भी यदि किसी शूरवीर को छल कपट से मारा जाए तो उसका दुख सब वीरों को मनाना चाहिए और मैं तो पांच पांच वीरों की हत्या का दुख मना रहा हूं करण की इस बात से तो मैं भी सहमत हूं मामा श्री अब गदा युद्ध में भीम को हराने की अभिलाषा तो अभिलाषा ही रह गई भीम को युद्ध में हराने का स्वाद हस्तिनापुर का राज मुकुट पहनने के स्वाद से कहीं अधिक है मामा श्री यदि मैं उसे युद्ध में गदा मार मार कर मार डालता तो मैं समारोह अवश्य करता महावीर में बस यही एक दोष होता है प्रिय पुत्र कि वो महामूर्ख होते हैं अरे तुमसे यह किसने कह दिया कि तुम्हारे प्रिय पांडव युद्ध में नहीं मारे ग षड्यंत्र भी एक प्रकार का शस्त्र होता है और यदि इस शस्त्र का प्रयोग तुम नहीं जानते तो इसका यह अर्थ तो नहीं कि ये शस्त्र ही नहीं तुम्हारे शूरवीर पांडव युद्ध ही में मारे गए इसलिए दुख ना करो वो बड़े वीर थे परंतु तुम्हारा यह मामा उनसे अधिक वीर निकला परंतु उस आग ने महारानी कुंती को भी भस्म कर दिया मामा श्री तो क्या हुआ अंगराज वही पुरानी कहावत है कि गेहूं के साथ खुन भी पिस जाता है तो पिस गई बेचारी कुंती पिस गई पिस गई और आनंद की बात तो यह है कि बच्चों के पितामह भीष्म भी हार मानकर कक्ष में जा छुपे हैं किस मुंह से सामने आए किस मुह से सामने आए मैं आज से पहले इतना अधिक कभी नहीं हसा कभी नहीं हसा गंगा पुत्र भीष्म गंगा पुत्र भीष्म महा भारत महा भारत महाभारत महाभारत हो महाभारत [संगीत]
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