[संगीत] महा [संगीत] भारत मजले आहो मजले भैया आहो आहो चिल्लाते क्यों हो अनुज युद्ध देखो दाऊ मजले भैया का ये पतरा तो अ प्रशंसनीय था दाऊ देखिए ना आहो मजले भैया आहो भैया आहो मजले भैया आहो मजले भैया आहो प भैया आहो मजले भैया भैया आहो मज भैया आहो [संगीत] [संगीत] आइए तुमने मुझे ल से मारा भीम क्या पूरा नहींन ज कोही ंगा है ना जिस पर त को बखाना चाहता [संगीत] था भी नहीं नहीं य केवल भाई नहीं यह राजा भी है इसकी मृत्यु का पा अब किसी कान करने के लिए जीवित रहेगा हे भीम आज तूने अपने गुरुजनों का अपमान किया है क्या आचार्य द्रोण और स्वयं मैंने तुझे ये शिक्षा नहीं दी थी कि गयु कमर से नीचे नहीं उतरता इस पीड़ा से तड़पता हुआ दुर्योधन नहीं ये तेरे गुरु की मर्यादा उठाए पड़ी है जिसे केवल तेरे काय रक्त काह ले ही ठीक कर सकता है थक जाओ कशन आज मैं इस र को जीवित नहीं छोडूंगा मेरी बात सुन लीजिए फिर आप जो आज्ञा देंगे मैं उसका पालन करूंगा क्या कहोगे तुम आप तुम क भी कह सकते हो आपका क्रोध सेरा आखो बताऊ फिर भी यदि आप य आज्ञा देंगे तो मले भैया स्वय अप सिर काटक आपके चरणों में अर्पित कर देंगे मैं जानता था मैं जानता था कि तुम कोई ना कोई किं तो अवश्य बीच में लाओगे तुम यह भी जानते हो कृष्ण कि अब तुम इसके बचाव में कुछ भी नहीं कह सकते यदि कुछ ना कह सकता दाऊ तो आपके बीच में आता ही क्यों मैं यह नहीं कहता कि मजले भैया ने दुर्योधन की जंगा तोड़कर किसी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया है अवश्य किया है किंतु आप यह भी तो सोचिए कि ये दुर्योधन कितनी मर्यादाओं का उल्लंघन कर चुका है पांडवों के साथ तो इसने कपट के अतिरिक्त और कुछ किया ही नहीं दाऊ लाक्षा ग्रह में आग इसीने लगवाई दूत कड़ में गंधार नरेश शकुनी के पासों ने कपट किया यह आप जानते हैं भरत कुलवधू द्रौपदी बालों से पकड़कर भरी राजसभा में घसीट कर लाई गई यह भी आप जानते हैं और इस सभ्य योद्धा ने जंगा खोलकर उसे उस पर बैठने के लिए आमंत्रित किया था क्या यह नहीं जानते आप किंतु दाऊ आपने कभी दुर्योधन को तो नहीं टोका क्या मर्यादा भी पक्षपात करती है दाऊ कि यदि दुर्योधन किसी मर्यादा का उल्लंघन करे तो वह ठीक और यदि मजले भैया भीम से किसी मर्यादा का उल्लंघन हो जाए तो उनके लिए मृत्यु दंड यह तो कोई न्याय नहीं हुआ द टूटना ही था इस शं को क्योंकि मजले भैया प्रतिज्ञाबद्ध थे मुझे यह बताइए दाऊ यदि मजले भैया के स्थान पर आप रहे होते तो आप क्या करते हे दाऊ यह ना भूलिए जब अर्जुन और दुधन दोनों इस धर्म युद्ध का निमंत्रण लेकर आपके पास आए थे तो आपने समय की इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया था आप तीर्थ यात्रा पर निकल गए थे दाऊ तीर्थ यात्रा पर जब धर्म और अधर्म के बीच युद्ध होने जा रहा हो तब केवल एक तीर्थ स्थान रह जाता है दाऊ केवल एक तीर्थ स्थान रणभूमि जिस युद्ध से आप भाग गए थे दाऊद उसके अंतिम क्षणों में आकर उस पर अपना प्रभाव डालने का प्रयत्न ना कीजिए वैसे आप दाऊ यदि फिर भी आप भीम का वध करना चाहते हैं तो यह लीजिए मैं हट जाता हूं बीच से मैं फिर भी तुमसे सहमत नहीं कृष्ण मैं सदैव इस बात पर लज्जित रहूंगा कि स्वयं मेरी बुआ का यह पुत्र मेरा शिष्य भी है और मैं सदैव इस बात पर गर्व करूंगा कि मैं दुर्योधन का गुरु [संगीत] हूं दाऊ की बात का क्या बुरा मानना मझले भया वो मर्यादा को अलग में देखते हैं किंतु मर्यादा शून्य में नहीं उगती इसलिए आप अपना मन मैला ना कीजिए दुर्योधन को उसके मृत्यु के साथ अकेला छोड़ दीजिए क्योंकि इसके मृत्यु उसके पराजय से अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं है यह धर्म के विजय और अधर्म की पराजय का दिन है सूर्यास्त भी सामने ही है और विजय की पहली रात तो गौरव शिविर में ही बितानी चाहिए ना मजले भैया चलिए प्रण पूरा कर भीम [संगीत] ने जंघा डाली तो माता का वरदान भी गया दुष्ट को छो समझाया श्री कृष्ण ने क्रुद्ध ना हो बलराम ये तो है फल पाप का यही न्याय का काम सीख हम बीते युगों से नए युग का करें स्वागत करें स्वागत करें स्वागत करे स्वागत महाभारत महा भत महाभारत महाभारत महाभारत
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