Wednesday, 31 December 2025

बाल हनुमान ने मेघासुर का अंत किया Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 289 Pen Bhakti

[संगीत] मेघा सोर बहुत विश् वमन कर लिया तुम [संगीत] सबने [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ज मेघसर यह उचित नहीं किया तुमने [संगीत] हन हनुमान नहीं मित्र मित्र हनुमान मेरे कारण ही तुम पर इतना बड़ा संकट आया है मित्र हनुमान हनुमान तुम्ह ऐसा नहीं महाराज केसरी को क्या उतर दूंगा हनुमान तुम सबका संकट मोचन हनुमान समाप्त कर दिया मैंने [प्रशंसा] उसे [संगीत] हनुमान जैसे वरदानी बालक को भी समाप्त कर दिया इस दुष्ट [संगीत] [प्रशंसा] ने [संगीत] अंतता हनुमान का अंत कर दिया [संगीत] [संगीत] मैंने ये ये क्या हो रहा [संगीत] है [संगीत] मेरे विष से तो पत्थर भी तरल हो जाते हैं किंतु हनुमान पर मेरे विष का प्रभाव नहीं हुआ दुष्ट वानर तुम भी बचोगे नहीं ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हनुमान की वज्र समान देह पर मेघसर के विष का कोई प्रभ नहीं हो रहा है नहीं हनुमान नहीं नहीं हनुमान को लीलकर तुमने स्वयं ही अपनी मृत्यु को आमंत्रण दे दिया है मेघसर नहीं हनुमान मेरे उदर में स्थित के घातक प्रभाव को अधिक समय तक सहन नहीं कर पाओगे [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ देख लो गरुड़ तुम्हारे रक्षक हनुमान का भी अंत हो गया मेरे उदर में मिस्टर विकराल हूं मैं अब ये क्या होने लगा नहीं आ ये क्या कर रहा है दुष्ट [संगीत] वानर हनुमान अवश्य ही अपने देह का आकार बढ़ा रहा [संगीत] है नहीं नहीं बाल [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] नागेश्वर हनुमान की जय संकट मोचन हनुमान की जय महाबली हनुमान की जय वंकट मोचन हनुमान की जय महाबली हनुमान की [संगीत] जय नागेश्वर अति प्रबल उदारा तव महिमा को भरने पारा शत्रु हृदय परिवर्तन कीन सत्य उ घारी दर्स तुम दीन करे प्रणाम झोरी दो पानी नेत्र भरे छवी हदय समानी हनुमंता तव चरित सु पावन भुवन चतुर्दश मोद बढ़ाव [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] हनुमान आपने गरुड़ के अंडे बचाकर आपने नाग समाज पर लगने वाले बहुत बड़े कलंक से हमें बचा लिया पंच भन जी जब तक हनुमान है तब तक हनुमान नागों पर कोई भी कलंक नहीं लगने [संगीत] देगा हनुमान आपने हमारे अंडे बचाकर हम पर बहुत बड़ा उपकार किया [संगीत] है महाराज जटाय यह लीजिए आपका [संगीत] पंक बहुत-बहुत धन्यवाद हनुमान तुमने हमें बहुत बड़े संकट से उभारा है हम इसके लिए जितना भी धन्यवाद करें उतना कम है हनुमान सत्ता के लोभ ने मेरा विवेक हर लिया था मुझे क्षमा कर दो आप मुझसे बड़े हैं चित्रकेतु जी बड़े क्षमा नहीं मांगते आशीर्वाद देते [संगीत] हैं कल्याण हो धन्यवाद चित्रकेतु जी महाराज मैंने अपने ही समाज से द्रोह किया मैं अपना अपराध स्वीकार करता हूं इसके लिए कोई भी दंड स्वीकार्य है सेनापति चित्र केतु पश्चाताप की भावना ही अपराध का निवारण करती है आपका दंड यही है कि आप अपना कर्तव्य सचेत रहकर पर्वत करते रहे महाराज जटायु आप सबका अपराधी मैं हूं मैंने ही वह दिव्य पं नाग भूषण अंत भला तो सब भला पुरोहित जी य लीजिए दिव्य पंख और इन्ह अभिमंत्रित कर हम गरुड़ के उड़ने की शक्ति प्रदान कीजिए महाराज जटायु मेघसर से यह दिव्य पंख तो प्राप्त हो गया किंतु इसका कुछ अंश अभी भी शेष है महाराज जटायु मेघसर से यह दिव्य पंख तो प्राप्त हो गया किंतु इसका कुछ अंश अभी भी शेष है जो इन नाग सैनिकों के पास है भागो यहां से भागो हमारे भी प्राण संकट में है अभी भी दिव्य पंख का कुछ ंज नाग सैनिकों के पास है रुक जाइए देखिए यदि आप सबके पास दिव्य पंक का अंश है तो वापस लौटा दीजिए सैनिकों लौटा दो दिव्य पंक का अंश अन्यथा मेघसर के साथ क्या हुआ यह तो तुम देख ही चुके हो [संगीत] आचार्य [संगीत] जी यह लीजिए आचार्य जी आचार्य जी आप इनको अभिमंत्रित करने के लिए विधिवत यज्ञ आरंभ कीजिए ताकि महाराज जटायु को और सबको उड़ने की शक्ति पुन प्राप्त हो सके अवश्य ऐसा ही होगा पुत्र हनुमान महाराज जटायु मैं समस्त नागों की ओर से क्षमा प्रार्थी हूं महाराज पचपन एक दुष्ट नाक की वजह से सबको दंड नहीं दिया जा सकता महाराज जटायु आशा है हमारे बीच पुनः मित्रता और सौहार्द का संबंध स्थापित हो जाएगा अवश्य महाराज पचपन मित्रता सदैव बनी रहेगी [संगीत] [संगीत] यह मर्कट बार-बार हमारे मार्ग में बाधा बन कर आ रहा है मेघा सुर का भी अंत कर दिया इसने इसका अर्थ यह है कि मुझे दिव्य पंख प्राप्त नहीं हो पाएगा ऊंची उड़ान नहीं भर पाएगा यह महानतम वाली हुआ क्या मेघसर की मृत्यु के पश्चात वो दिव्य पंख गया तो गया कहां मेघसर के मृत होते ही वह दिव्य पंख वानर बालक के हाथ में चला गया जिसे उसने गरुड़ के हाथ में दे दिया फर तुम तुम यहां आए कैसे मैं सबकी दृष्टि से छुपते छुपाते हुए मैं किसी प्रकार सबकी दृष्टि से छुपकर यहां तक रेंगते हुए आया [संगीत] दिव्य पंख तो लाए नहीं तो फिर क्या नर्गल प्रलाप करने के लिए मेरे सामने आए हो किंतु मैं रिक्त हाथ नहीं आया हूं मैं उनसे छुपाकर उस दिव्य पंख का एक लघु अंश लेकर आया [संगीत] हूं [संगीत] [प्रशंसा] यह यह तो एक लघु अंश मात्र है क्या इसी का स्वप्न दिखाया था आपने मुझे दशानन यह कुछ काम का [प्रशंसा] [संगीत] नहीं [प्रशंसा] लंकेश महाराज बा को क्या हो [संगीत] [प्रशंसा] गया न निर्वाण ओ भद्र करण विम प ओ भद्र करण विम ओ नमाम निर्वाण आ [संगीत] ज [संगीत] [संगीत]

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...