[संगीत] तुम्हारी बात सुनने का ही दुष्परिणाम है वो नाग बालक भूषण तुम्हारी सहायता से हमारे मध्य रहकर दिव्य पंख चुरा कर ले गया यदि मैंने ऐसा किया होता तो मैं स्वयं ही यहां नहीं होता बस वानर अब तुमने अपनी बात कहने का अधिकार खो दिया है चित्रकेतु जी चित्रकेतु हनुमान पर मिथ्या दोषारोपण करना बंद कीजिए ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान मन के भोले मंगल दय बान रेश केसरी कुल नायक कुट लाई सपने नहीं व्याप अधर्म जिनके सम्मुख कापे उन पर दोष को दोष लगावे जिनके निकट को दोष ना आवे अद्भुत जग अनुपम वीराय महा कपीश्वर निबल सहाय ये गाधा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान महाराज पंख अशक्त हो रहे हैं महाराज बहुत पीड़ा हो रही है महाराज हमें बचा लीजिए उठो सैनिक धीरज रखो देख रहे हैं महाराज हमारा सर्वनाश आरंभ हो चुका है हे ईश्वर गरुड़ के उड़ने की शक्ति क्षीण हो रही है यह हमारे समुदाय के लिए महाविनाश का संकेत है अवश्य ही दिव्य पंख हमारे राज्य की सीमा से बाहर जा रहा है गरुड़ पर संकट है यह महाविनाश है महाराज टायू मैं बचा उा इन सबको किसी के भी प्राण जाने नहीं दूंगा मैं [संगीत] बचाओ हमारे पंख अशक्त हो रहे हैं हम उड़ने में असमर्थ है बचा ब हम गिर रहे [संगीत] हैं बचाओ उ नहीं रहे महाराज मुझे भी हनुमान भैया की सहायता करनी है नहीं जिता अंतक थोड़ी देर में तुम्हारे पंख भी अशक्त हो जाएंगे नहीं मुझे करनी है मुझे जाना [संगीत] होगा मुझे भी सबकी रक्षा के लिए जाना [संगीत] पड़ेगा [संगीत] देख रहे हो तुम सब उस नाग बालक ने हमारे साथ कपट किया है भले ही महाराज जटायु मुझे मृत्यु दंड दे दे किंतु सत्य मैं सबको अवश्य बताऊंगा कि उस वानर पर विश्वास करने के कारण ही हम गरुड़ का अनिष्ट हो रहा है प्रहरी सुनो वाली से भयभीत हूं महाराज केसरी जी अपने परिवार के कर्तव्य निभाने के लिए मेरा जीवित रहना आवश्यक है अन्यथा आपको और अपने महाराज रिक्षा जी को यहां बंदी देखकर मेरी आत्मा चित्कार कर रही है इसमें तुम्हारा कोई दोष नहीं है प्रहरी मैं अपनी स्वीक्षा से यहां पर हू अन्यथा इस कारागार की बेड़ियों में इतनी सुद्र होता नहीं है जो केसरी को रोक सके परंतु अब समय आ गया है अब मुझे यहां से बाहर जाना ही होगा [संगीत] महाराज केसरी जी आप जाइए आपके लिए मुझ कोई भी दंड स्वीकार है नहीं प्रहरी उसकी कोई आवश्यकता नहीं है यदि बाली पूछे तो कह देना कि केसरी स्वक्षा से कारागार की बेड़िया तोड़कर चले गए तुमने रोकने का प्रयास किया परंतु नहीं रोक [संगीत] पाए हे ईश्वर केसरी जी वाली को सद मार्ग पर लाने में सफल [संगीत] हो वो देखो तांक वहां से गिर रहा [संगीत] है प्रतीत हो रहा है कि अब मैं नहीं बच पाऊंगा भैया हनुमान मुझे बचाओ जिता तक आ रहा हूं उड़ने की शक्ति दशी हो गई [संगीत] है हनुमान भैया बचाओ बचाओ मुझे भैया हनुमान मैं रे चता तक मैं आ रहा [संगीत] हूं प्रतीत होता है तां तक चट्टान से टकरा जाएगा हनुमान बचाओ जिता अंतक को हनुमान जिता को [संगीत] बचाओ हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हन हनुमा हनुमान तुमने तांत एवं अन्य गरुड़ की रक्षा कर उनके प्राण बचाए मैं इसके लिए तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं बस महाराज आपके नेत्रों पर केसरी जी की मित्रता का आवरण पड़ा हुआ है जिसके कारण हनुमान का हर कृत्य आपको उचित दिखाई देता है मेरे गरुण भाइयों यह हनुमान हम सबको मूर्ख बना रहा है चित्रकेतु जी गरुड़ को मत भड़का सत्य कह रहा हूं मैं आप सबको क्या हनुमान का ढोंग दिखाई नहीं दिया कि किस प्रकार से अंतिम क्षणों में उसने तां तक के प्राण बचाकर आप सबकी प्रशंसा लूटी और एक पल को सब यह भूल गए कि इस संकट का मूल हनुमान ही है सेना जी क रहे हैं कपट गया [संगीत] है और अब मित्र के प्राण बचाने का ढोंग रचा है छल किया है हमारे साथ गरु भाइयों [संगीत] [हंसी] हर विकराल हूं मैं शुओ का काल हूं [संगीत] मैं ले आए पंख बालक पुरोहित भी है यहां बहुत अच्छे बहुत अच्छे ला बालक ये दिव्य पंख मुझे दे दो आपने कहा था कि आप मेरे पिता श्री को मुक्त कर देंगे अवश्य कर देंगे शीघ्र ही मिलोगे तुम अपने पिता से यह धूत है इसे पंख मत देना बालक यदि इसने तुमसे ये पंख छीनने का प्रयास किया तो इसकी दिव्य शक्ति समाप्त हो जाएगी इसकी दिव्य शक्ति तब तक है जब तक किसी निष्पाप निर्दोष बालक द्वारा शक्षा सेे दिया जाएगा भले ही हमारे प्राण हर ले हमें इसके षडयंत्र को सफल होने नहीं देना चाहिए [संगीत] पुरोहित हनुमान भैया मुझे क्षमा कर देना मेरे पिता श्री की मुक्ति के लिए विवश होके मुझे आपके साथ इतना बड़ा छल करना पड़ा बालक लाओ यह पंख मुझे दे दो इस ूर्त के हाथों में नहीं आना चाहिए य दिव पंख मत दो [संगीत] पंख [संगीत] रुक जाओ बालक रुक [संगीत] जा इस दूत के हाथों में नहीं आना चाहिए य दि पंख छोड़ दो मुझे छोड़ दो [संगीत] मुझे मेघ सुर से कड़ा देखता हूं कहां तक भागते हो आचार्य आचार्य जी के प्राण संकट में है मैं पंख नहीं [संगीत] दूंगा छोड़ दो आचार छोड़ दो मुझे मैं कहता हूं छोड़ दो मुझे छोड़ दो मुझे छोड़ दो मुझे असंभव महानतम वाली को यह सूचना देते हुए तुम्ह भय नहीं लगा महाराज केसरी जी वहां कारागार तोड़कर भाग गए और तुम कुछ नहीं कर सके महाराज आपके समान बल सामर्थ्य मुझ में नहीं है कि मैं महाराज केसरी जी को रोक पाता यदि मुझ में इतना बल होता तो भी मैं उनको रोक नहीं पाता क्योंकि अनुचित का साथ देना अनुचित कर्म करने के समान होता है दृष्ट अधम प्रहरी तुझ में इतना सा की तू मुझ महानतम वाली की आंखों में आंखें मिलाकर बात कर रहा है वाली तुझे इसका दंड तत्काल देगा वाली भैया में इतना [संगीत] परिवर्तन भैया आप यह अन्याय क्यों कर रहे हैं इतना रोश कहां से आ गया आप में सुग्रीव जाओ जाकर महाराज केसरी जी को ढूंढ कर लाओ और उन्हें मेरे समक्ष प्रस्तुत करो हनुमान सारी परिस्थितियां नाग भूषण के विरुद्ध हो गई हैं किंतु मुझे विश्वास नहीं होता कि पंच का पुत्र भूषण ऐसा कर सकता है हो सकता है तुम्हारे साथ भी विश्वासघात हुआ हो अब तुम ही संकट का निवारण करो हनुमान तुम ही रक्षा करो महाराज जिसने संकट उत्पन्न किया उसी से संकट के निवारण की याचना कर रहे हैं आप बस चित्रकेतु जी हनुमान को आपसे ज्यादा मैं जानता हूं आपने ऐसा कुछ नहीं किया है हनुमान अब हम गरुड़ के उड़ने की शक्ति क्षीण हो गई है अब तो हम उड़कर अपने अंडों की भी रक्षा नहीं कर सकते हैं नाग उड़कर हम सबको पराजित कर देंगे अब तुम ही हमारी रक्षा करो हनुमान अब तुम ही संकट का निवारण [संगीत] करो नहीं महाराज हनुमान ऐसा नहीं होने देगा यह निश्चित है कि यह षड्यंत्र बहुत बड़ा है और जिसने भी यह षड्यंत्र रचा है बहुत शीघ्र ही आपके समक्ष होगा और वह दिव्य पंख भी अपने स्थान पर स्थित होगा मुझे भी पीड़ा हो रही है देखो [संगीत] [संगीत] हनुमान पीड़ा हो रही है मैं अभी नागों के मध्य जाता हूं शीघ्र ही सबकी पीड़ा दूर करनी है हनुमान को मेघसर को अब तक आ जाना चाहिए था मेरी सहायता के लिए प्रतीत होता है मेघसर ने मेरे साथ भी कपट किया है मेरी पीड़ा भी बढ़ती जा रही है हनुमान भैया हमारे लिए उन नागों के मध्य जाकर स्वयं को संकट में मत डालिए भैया मित्र तुम चिंता मत करो मुझे कुछ नहीं होगा मैं वो दिव्य पंक और नाग भूषण को दोनों को लेकर [संगीत] आऊंगा हे महादेव हे भोले बाबा आप मुझे आशीष दें कि मैं अपने कार्य में सफल होकर सबकी रक्षा कर सकूं ओम नम शिवाय जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया है नाग झुंड में आ रहे हैं हनुमान मैं अपनी दूर दृष्टि से देख सकता हूं नागलोक से कोई बड़ी आपदा आ रही है यदि मैं उड़ सकता तो मैं नागलोक में जाकर देख लेता कि क्या हो रहा है परंतु अब मैं उड़ने में असमर्थ हूं हनुमान अब तुम हमारी रक्षा करो महाराज आप चिंता मत कीजिए मैं जाता हूं नाग भूमि प्रणाम [संगीत] उड़ गया यह भी हम सबके साथ छल करके यह लौट कर नहीं आने वाला यदि यह कल प्रात काल तक लौट कर नहीं आया तो तो हमारी उड़ने की शक्ति समाप्त हो जाएगी हे भगवान क्या होगा हम गरुड़ का अब मुझे शीघ्र से शीघ्र नाग भूमि पहुंचना [संगीत] होगा
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