[संगीत] बस वाली भैया रुक जाइए आपने हनुमान के समक्ष कोई विकल्प नहीं छोड़ा इसीलिए हनुमान आपसे युद्ध करने के लिए प्रस्तुत है [संगीत] हनुमत सुत है आज्ञाकारी जनक जननी सम्मान रखी सब जन के रक्षक हनुमान रखते शीष निबल करमाना धर्म शांति मर्याद रखैया हनुमत जग कर बनत सहया कोई चले मार्ग अधर्म के मारुति धर्म युद्ध करे उससे अंतता मेरे शब्दों का कुछ प्रभाव तो पड़ा तुम पर तुम्हारे भीतर साहस का संचार तो हुआ और अब जब हम युद्ध करने ही वाले हैं तो फिर उसके नियम भी स्थापित कर लेते हैं मुझे विश्वास नहीं हो रहा यह सब मैं यथार्थ में देख रहा हूं पुत्र वाली तुम तुम क्या चाहते हो भोले बाले हनुमान से हा यह मर्कट हनुमान भोला भाला नहीं है अत्यंत शक्तिशाली है यह और अब इस युद्ध में इस मर्कट को पराजित कर मैं यह प्रमाणित कर दूंगा कि मुझ में इससे कहीं अधिक शक्ति है वाली भैया अब कुछ और सुनना कहना व्यर्थ है हमारा युद्ध होगा यह तो निश्चित हो चुका है आप उसके नियम स्थापित कर रहे थे इतनी बार अस्वीकार करने के बाद अब युद्ध के लिए तुम्हारी उत्सुकता देखकर बाली अत्यंत प्रसन्न हुआ सुनो [संगीत] मरक इस युद्ध के नियम को प्रकार होंगे सर्वप्रथम दोनों ही योद्धा अपने समर्थकों और सहयोगियों का चुनाव करेंगे और यह मैं घोषणा करता हूं कि मैं असुरों का सहयोग प्राप्त करूंगा असुरों का साथ और आप वाली भैया हमारा दुर्भाग्य है हमें तो साथ मिलकर अपनी शक्ति को एकत्रित कर असुरों से युद्ध करना चाहिए था परंतु उस मायावी ने जब सुग्रीव भैया का अपहरण किया था तब मुझे आभास हो गया था कि आप आसुरी शक्तियों का साथ दे रहे हैं पुत्र वाली यदि तुम हनुमान से युद्ध करना चाहते हो तो अवश्य करो किंतु राक्षसों का साथ लेकर अधर्म के मार्ग पर आगे ना बढ़ो पुत्र उसमें तुम्हारा विनाश निश्चित [संगीत] है हां वाली भैया आप किसी को भी अपने साथ चुन लीजिए परंतु राक्षसों का धे प्रभु के कार्य में विधान डालना है और हरि भक्तों को परेशान करने में उन्हें बहुत आनंद आता है यह धर्म के विरुद्ध है मुझे तुम्हारा उपदेश नहीं चाहिए मर्कट मैं वही करूंगा जो मेरी इच्छा होगी तुम बताओ तुम किसका सहयोग प्राप्त करोगे मुझे किसी की भी आवश्यकता नहीं है मेरे माता-पिता यहां उपस्थित है उनका आशीर्वाद ही मेरे लिए पर्याप्त है उनके आशीष से मुझे बल प्राप्त होता है जिससे मैं संसार की किसी भी शक्ति को परास्त कर सकता हूं जैसी तुम्हारी [संगीत] इच्छा यदि तुम किसी का सहयोग ना लेने का निश्चय करने की मूर्खता कर रहे हो तो ये तुम्हारा निश्चय है परंतु मैं आसुरी शक्तियों का सहयोग प्राप्त करूंगा और यह मेरा निश्चय स्थिर है नहीं वाली यह अन्याय पूर्ण होगा हनुमान के विरुद्ध युद्ध में तुम आसुरी शक्तियों का प्रयोग नहीं कर सकते प्रणाम वायद आप सबका [संगीत] कल्याण वायु देव यह युद्ध मेरे और हनुमान के मध्य है और इसमें हस्तक्षेप करने का आपको कोई अधिकार नहीं है वाली तुमने हमारा अपमान किया हमने उसे स्वीकार किया किंतु तुम वायु देव का अपमान करने का उद्दंड नहीं कर [संगीत] सकते वायु देव वाली भैया मेरे अग्रज है वह अपनी शक्ति के अहंकार से भ्रमित हो चुके हैं उनके इस व्यवहार के लिए मैं आपसे क्षमा मांगता हूं बस मरक बस महानतम वाली किसी से भी क्षमा नहीं मांगता और तुम्हें भी उसकी ओर से किसी से क्षमा याचना करने की कोई आवश्यकता नहीं है अब भी समय है मैं तुम्हें पुनः सचेत कर रहा हूं अपने अहंकार को त्याग कर धर्मो चित व्यवहार करो अन्यथा तुम्हारा यह अहंकार तुम्हारे लिए विनाश का कारण अवश्य बने इस युद्ध के परिणाम की प्रतीक्षा कीजिए वायु देव आपको स्वयं ज्ञात हो जाएगा कि कौन विजय होगा और और किसका पतन होगा वाली भैया वायु देव का अपमान कर आपको कुछ प्राप्त नहीं होगा बताइए हैसियत का कोई और नियम है क्या हां एक अंतिम नियम हमारा यह युद्ध प्रतिदिन सूर्य उदय से सूर्यास्त तक होगा और यह युद्ध तभी समाप्त होगा जब हम दोनों में से किसी एक की मृत्यु या निश्चित पराजय होगी मुझे स्वीकार है वाली भैया वाली तुमने सभी मर्यादाओं का हनन किया है अपने बड़ों का निरादर और तिरस्कार किया है तो हम कैसे विश्वास कर कि तुम्हारे द्वारा निर्धारित किए गए नियमों का तुम उल्लंघन नहीं करोगे यदेव आपके किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए मैं बाध्य नहीं हूं आप प्रस्थान कीजिए यहां से वाली मैंने तुम्हारी चेतना को जागृत करने का प्रयास परंतु तुमने तेरा भी अपमान किया अवश्य ही तुम अपने विनाश की ओर बढ़ रहे हो और शीघ्र ही तुम्हारे दम का परिणाम तुम्हारे समक्ष प्रस्तुत [संगीत] होगा [संगीत] मेरा आशीर्वाद हनुमान के [संगीत] साथ विनाश करेगा वाली अपने समक्ष आने वाली प्रत्येक विरोधी शक्ति का मानतम हूं मैं मरक कल सूर्योदय की वेला में हमारा युद्ध और तुम्हारे सर्वराज का प्रारंभ होगा [संगीत] माली भैया मैं प्रस्तुत हो जाऊंगा परंतु उसके पूर्व आपको वचन देना होगा हमारे इस द्वंद युद्ध के अंत होने तक सुग्रीव भैया का कोई अनिष्ट नहीं होना चाहिए बस इतनी सी बात बकार है मुझे कोक सभी वन राज्यों के वानरों को आमंत्रित करो वो यहां आकर हमारे द्वंद युद्ध और उसके परिणाम के प्रत्यक्ष दर्शी बने वो अपने नेत्रों से हनुमान की पराजय और काका केसरी जी के मुकुट को मेरे चरणों में पड़ा हुआ देखें हनुमान अब जितनी इच्छा हो उतना आशीष ले लो अपने माता पिता से कल युद्ध भूमि में तुम्हें उनकी आवश्यकता [संगीत] होगी [संगीत] [संगीत] ज वाली अत्यंत शक्तिशाली है परंतु हनुमान को पराजित करना इतना सहज नहीं इस युद्ध में जिसकी विजय होगी वही सर्व शक्तिशाली प्रमाणित होगा आज महाबली हनुमान और युवराज वाली के मध्य भयंकर युद्ध होने वाला है देखो युद्ध य स्थल के मध्य में इन दोनों की गदा रखी है और जैसे हीय उन्ह उठाकर एक दूसरे पर वार करेंगे युद्ध प्रारंभ हो जाएगा राज वाली के नेत्रों को देखो जैसे घृणा और क्रोध की ज्वाला से धक रहे हो अनेक प्रकार के वरदान मुझ में समाहित है [संगीत] अनेकों बार युद्ध अस्वीकार कर मुझसे बचता रहा है यह मर्कट सुग्रीव की सुरक्षा का उत्तरदायित्व मैं लेता हूं अतः मेरे जीवित रहते सुग्रीव का कोई अत नहीं कर पाएगा हनुमान तुम यहां क्यों आ गए वाली भैया मेरे साथ तुम्हारा भी अनिष्ट करेंगे सुमेरू के राज मुकुट पर आपका कोई अधिकार नहीं है तो फिर उतारिए उसे और रख दीजिए उसे मेरे चरणों पर बस माली भैया से य अनावश्यक युद्ध करने के लिए वश है हनुमान सुग्रीव भैया के प्राण की रक्षा और अपने पिता श्री के वचन को पूर्ण करने का और कोई उपाय ही नहीं छोड़ा है वाली भैया ने मर्कट अब होगा हमारा युद्ध तुम्हारी आधि शक्तियां प्राप्त कर तुम्हें पराजित करने की मेरी इच्छा पूर्ण होगी फिर देखता हूं कौन रोकेगा मुझे समस्त वन राज्यों पर अपना आदि स्थापित करने से यह कैसा दुर्भाग्य है अपने वाली भैया पर वार करना होगा हनुमान को नहीं मुझे पुनः वाली भैया से अनुरोध कर इस निरर्थक युद्ध को थामने का प्रयास करना चाहिए वाली भैया आप हनुमान के अग्रज है हनुमान आपसे अपार स्नेह करता है वाली भैया हनुमान आपका शत्रु नहीं आपका मित्र है वाली भैया हनुमान का यह निवेदन स्वीकार कर लीजिए शांति पूर्वक एक बार पुनः विचार कर लीजिए सुग्रीव भैया को मुक्त कर इस व्यर्थ युद्ध को डाल दीजिए टाल दू यह युद्ध जाने दू तुम्हें यहां से अपने परम शत्रु को स्वयं को सर्वश्रेष्ठ योद्धा प्रमाणित करने का अवसर गवा दूं मर्कट मूर्ख समझा है महानतम वाली को ऐसा कदापि नहीं होने दूंगा मैं महानतम वाली अपने निश्चय पर अटक है यह युद्ध भी होगा और महानतम ली के हाथों तुम्हारी पराजय भी अहंकार क्रोध ईर्षा भर आया हृदय वाली ने कलुषित पाया वाले युद्ध में रचे कु नीति हनुमत हृदय निश्चल सुनीति हनुमत वाली से रखते प्रीति वाली मन में बसे कुरीति विषधर चंदन लिपटे रहते किंतु चंदन विषम [संगीत] होते माता हूं तुम्हारी तुम्हारा हदय कितना निष्कपट और निर्मल है जानती हूं कि तुम्ह तुम्हारे भ्राता समान बाली से युद्ध करने में कितनी वेदना हो रही होगी किंतु वाली अपना हठ नहीं त्यागने वाला अपना अस्त्र उठाओ [संगीत] पुत्र उठाइए अपनी ग सत्य यदि वाली पराजित हो गया तो उसका अंत हो जाए और यदि वो जीत गया तो सुग्रीव का ब कर दोनों ही अवस्थाओं महाराज रिक्षा और महारानी को अपने दोनों पुत्रों में से एक पुत्र को खोना ही होगा मैं हनुमान के लिए बहुत चिंतित हूं किंतु उस मां के दुख की कल्पना भी नहीं कर सकती जिसके दोनों पुत्रों के जीवन संकट में हो और केवल एक प्राण रक्षा हो स तुम मुझे वचन दो कि तुम हमेशा सुगरी की रक्षा तो करोगे किंतु तुम्हारे और वाली के मध्य कभी युद्ध की स्थिति बनी तो तुम उसका वद नहीं [संगीत] करोगे महारानी मां मैं आपको वचन देता हूं कि आपने जैसा कहा है वैसा नहीं होगा हनुमान तुम्हें मुझसे युद्ध तो करना ही होगा तुम्हारे अंत के साथ ही इस युद्ध का अंत होगा
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