Wednesday, 31 December 2025

बाल हनुमान कल्पवृक्ष के लिए पाताललोक गए Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 324 Pen Bhakti

[संगीत] इस दिशा में इस मार्ग पर चलने से हम कल सूर्योदय के महूरत से पूर्व लौट पाएंगे जिस मार्ग से हम आए थे उससे कहीं छोटा और सुगम मार्ग है ये हमारे लौटने का समय हो गया है अब एक क्षण का विलंब किए बिना हमें यहां से प्रस्थान करना [संगीत] चाहिए इस अनंत अंधकार और इस गुफा के अनेकों द्वार क्या करें हनुमान पाताल के अधिकार में हनुमान को कुछ नहीं सूझ रहा है किस दिशा में जाऊ कहां ढूंढू दिव्य कल्प वृक्ष को यदि विलंब हो गया तो अनर्थ हो [संगीत] जाएगा दिव्य कल्पवृक्ष तो सबकी इच्छा पूर्ण करते हैं मैं भी उनसे प्रार्थना करता [संगीत] हूं हे दिव्य कल्प रक्ष मुझे ज्ञात है आप यहीं कहीं पाताल लोक में ही है मैं आपकी रक्षा कर आपको यहां से ले जाने आया हूं पाताल में आपको कहां ढूंढू उसका संकेत दीजिए मुझे हनुमान की मात्र य इच्छा पूर्ण कर उस पर कृपा कीजिए उस कृपा कीजिए कीजिए तुम्हारी चिता का प्रबंध कर दिया है यपा ने कल्पवृक्ष [संगीत] ताल राज पक्ष एक अवसर और देता है तुम्हें मेरी समस्त इच्छाओं की पूर्ति करो अन्यथा मैं तुम्हें भस्म कर दूंगा आहा अच्छा है प्रतीत होता है मुझसे भयभीत होकर तुमने अपना हट त्याग दिया है कल्प वृक्ष ये क्या ये क्या हो रहा है ये तो पत्र तुमसे टूटकर गिर रहा है कल्प रक्ष तेज भी समाप्त हो गया तुम्हारे इस पत्र का गिरकर निस्तेज हो गया है ये ूर्त वृक्ष पाताल राज यपा के साथ इस छल का दंड अवश्य मिलेगा तुझे नष्ट कर देगा यक्ष तुझे हे कल्पवृक्ष मेरी प्रार्थना स्वीकार [संगीत] [संगीत] कीजिए यह दिव्य प्रकाश पुंज अवश्य ही यह किसी दिव्य शक्ति से उत्पन्न हुआ है इसकी आभा बढ़ रही है और यह क्या इसके मध्य तो दिव्य कल्पवृक्ष की छवि दिखाई दे रही है प्रतीत होता है दिव्य कल्पवृक्ष ने मेरी पुकार सुन ली है और मेरा मार्गदर्शन करने के लिए इस दिव्य प्रकाश पुंज को भेज दिया [संगीत] [संगीत] [संगीत] शिश हमें सूर्योदय के पूर्व पहुंचना है और अधिक तीव्र गति से चलना होगा [संगीत] [संगीत] मेरी इच्छाओं को सुनकर निस्तेज हो और कुमला गए तुम तो अब झुलस मेरी अग्नि से यहां इसी क्षण पाताल में ही तुम्हारा अंत होगा कल्पवृक्ष क्षण भर में ही तुम्हारी जीवन लीला समाप्त हो जाएगी नष्ट हो जाओगे तुम कल्प नष्ट हो [संगीत] जाओगे [संगीत] [संगीत] प्रतीत होता है यह वही असुर उपा है जिसके बारे में गुरुदेव ने बताया था अच्छा तो तुम ही हो वो मर्कट वानर बालक हनुमान तुमने मेरे द्वारा जलाई हुई अग्नि को बुझाने का दु साहस किया हां और तुमने इस दिव्य कल्पवृक्ष को चरा कर लेके आने का दुस्साहस किया हां मैं ही लाया हूं इसे यहां अब यह मेरा है इसे यहां से लेकर जाने के प्रयत्न को विफल कर दूंगा मैं यह यही रहेगा क्योंकि मैंने लंकेश रावण और महाराज वाली को वचन दिया है क्या वाली भैया भी षडयंत्र में भागीदार है हा परंतु तुम्हारे नेत्रों में धूल झोक कर अपने छल से इसे यहां लाने की सामर्थ्य मेरी ही थी यह दिव्य कल्पवृक्ष का स्थान नहीं है मुझे इन्ह यहां से ले जा ने दीजिए अन्यथा मुझे इन्हें ले जाने के लिए बल प्रयोग कर इन्हें इनके स्थान पर स्थापित करने के लिए बाध्य होना होगा यक्ष तुम्हें यहां से कल वृक्ष नहीं ले जाने देगा वानर बालक [संगीत] अब तुम्हें यपा की शक्ति का आवास हो जाएगा वानर [संगीत] [संगीत] बालक [संगीत] तुम अपनी शक्ति लगा सकते हो यपा तो हनुमान शक्ति और युक्ति दोनों लगा सकता [संगीत] है [संगीत] [संगीत] प्रतीत होता है अब तुम्हें यूपा का वास्तविक रूप दिखाना ही पड़ेगा वानर [संगीत] आ तो यह है यक्ष का वास्तविक रूप जिसके बारे में गुरुदेव बता रहे थे इस प्रकार मेरे मार्ग में से हटकर तुम कुछ नहीं कर सकते हनुमान इस कल वृक्ष को तुम मुझसे नहीं बचा सकते हनुमान तुम्हारे देखते देख देखते मैं इस कल वृक्ष को अग्नि से भस्म कर दूंगा हनुमान और तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे हनुमान हे प्रभु नारायण जी माता लक्ष्मी जी हनुमान आपसे प्रार्थना करता है अपने वरदान को फलित कीजिए मुझे वराह रूप धारण करने की अनुमति दीजिए [संगीत] [संगीत] [संगीत] ये क्या इसने भी बरा रूप ले लिया इसका अर्थ यरी का रहस्य जान गया है किंतु मैं इससे पूर्वी इस वानर बालक का वद कर [संगीत] दूंगा आ [संगीत] आ [संगीत] हा [संगीत] इसने तो पाताल राज विभ का बंद कर दिया भागो कहीं ये हम पर वार ना कर दे [संगीत] भागो [संगीत] [संगीत] हो [संगीत] कल फ्रश पुनः अपनी दिव्यता प्राप्त कर रहे [संगीत] हैं प्रणाम दिव्य कल्प हनुमान आपको पूर्ण वैभव में देखकर धन्य हो गया अब मैं आप पर कोई संकट नहीं आने दूंगा आपको सुरक्षित लौटा करर ले जाऊंगा [संगीत] मैं [संगीत] [संगीत] पूर्व दिशा से सूर्य की लाली मा यह संकेत दे रही है कि सूर्य दय होने वाला सूर्योदय किसी भी क्षण हो सकता है और उत्तर दिशा से विशु दुर्वासा कभी भी आ सकते [संगीत] है मुझे तो हनुमान और कल वृक्ष की चिंता हो रही [संगीत] है जगत कल्याण और पर हित के लिए पूर्ण समर्पण और सच्ची लगन से जो कार्य करते हैं उनके मार्ग में बाधाएं तो आती ही है किंतु उन्हें विजय अवश्य प्राप्त होती है मुझे पूर्ण विश्वास है हनुमान अपने माता-पिता के वचन का अवश्य मान रखेगा और ऋषि दुर्वासा के आने से पूर्व कल्प वृक्ष को उसके स्थान पर ले आएगा [संगीत] महाराज महाराज वो देखिए युवराज [संगीत] हनुमान जय [संगीत] जय [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] जय [संगीत] प्रणाम दिव्य कल्पवृक्ष हे कल्पवृक्ष विपत्ति के क्षण टल गए हमें आपके दिव्य दर्शन प्राप्त हो गए हम कीर्थ [संगीत] [संगीत] हुए प्रणाम [संगीत] मां प्रणाम पिता श्री तुम्हारा कल्याण हो पुत्र मुझे ज्ञात था तुम समय से पूर्व यहां वापस लौट आओगे हनुमान मेरे लाल तुमने मेरी चिंता दूर कर दी पुत्र पिता श्री माता श्री इस कार्य को पूर्ण करने का श्रेय तो मुझे आप दोनों को ही देना चाहिए आप दोनों ने ही मुझे शक्ति दी मेरा विश्वास जागृत कर मुझे सफलता के लिए प्रेरित [संगीत] किया आप दोनों के कारण ही मैं सफल हुआ हूं तुमने हमारी लाज रख ली पुत्र मुझे विश्वास था पुत्र अपने कर्तव्य निष्ठा और साहस से इस संकट पर अवश्य विजय प्राप्त करोगे मुझे तुम पर गर्व है [संगीत] पुत्र

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