Wednesday, 31 December 2025

बाली ने हनुमान पर घातक प्रहार किया Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 313 Pen Bhakti

[संगीत] अंतिम बार स्वयं के नेत्रों से जीवन के इन दृश्यों को देख लो शक्तिहीन हो गए हो तुम आज तुम्हारा अंत निश्चित है मर्कट परिणाम तो आज पूर्व निर्धारित है [संगीत] मेरी यह दोनों भुजा ही तुम्हें परास्त करने के लिए पर्याप्त [संगीत] है [संगीत] [संगीत] [संगीत] महाबली कहलाए जाने वाले मर्कट इतने भयभीत हो गए मुझसे युद्ध का प्रारंभ होने से पूर्व ही समर्पण कर दिया मेरे समक्ष काका केसरी जी अब आपके पास और कोई विकल्प शेष नहीं है निकालिए अपना राज मुकुट और रख दीजिए उसे यहां महानतम वाली के चरणों पर स्वामी मेरे पुत्र ने इतनी आसानी से पराजय स्वीकार कैसे कर लिया युद्ध के नियम और उनकी प्रथाओं को वाली अहंकार वश भूल गया है जिन्हें हनुमान निभा रहा है युद्ध से पूर्व योद्धा युद्ध भूमि को प्रणाम करता है [संगीत] [संगीत] तो अभी भी तुम में मुझसे युद्ध करने का सामर्थ है तो ये लो मेरे प्रहार से स्वयं की रक्षा करो हे ईश्वर हनुमान पहले ही अपनी सारी वरदानी शक्तियां दान कर चुका है और उसकी शेष शक्तियों में से भी आधि शक्तियां वाली में समाहित हो रही मेरे पुत्र की रक्षा करना [संगीत] ईश्वर ईश्वर इस मां की ममता की लाज रखना मेरे पुत्र की रक्षा करना [संगीत] प्रभ [संगीत] [संगीत] [संगीत] वाली भैया भले ही हनुमान की शक्तियां उसके पास नहीं है परंतु द्वंद यत कौशल जो मेरे पिता श्री ने मुझे सिखाया था वह अभी तक हनुमान नहीं [संगीत] भूला [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] मायावी दर्पण में बंधक सुग्रीव भैया की पीड़ा बढ़ती जा रही होगी मुझे उन्हें वहां से शीघ्र मुक्त करना होगा हनुमान [संगीत] नारायण नारायण हनुमान की नी शक्तिया उसे पृथक हो सकती है परंतु उसके आंतरिक बल से और अपने पिता के सिखाए द्वंद यु कौशल से उसे कोई कैसे वंचित कर सकता हनुमान का जन्म एक पवित्र कार्य के लिए हुआ है उसे पराजित करना अत्यंत कठिन है संभव है यह बात अवाली भी समझ जाए और रावण भी महानतम बादी मेरे दिए हुए अस्त्र का प्रयोग [प्रशंसा] करिए राम महाराज दशानन आपके आदेश अनुसार मैंने हनुमान की शक्तियां प्राप्त कर ली है परंतु मात्र एक दिवस के लिए एक दिवस ही पर्याप्त है आज उसी वानर बालक की शक्तियों का प्रयोग करके आज रण भूमि में भेजूंगा इस ब्राह्मण को मैं होगा उस वानर बालक का [संगीत] वत ये क्या यह क्या हो रहा है मेरा मस्तिष्क अनियंत्रित क्यों हो रहा है असाधारण शक्ति है उस बालक की उनका ऐसा प्रभाव ब्राह्मण को इतना बलशाली बना दिया लंकेश ऐसा प्रतीत हो रहा है वदानी श तो कर लिए लेकिन इन वरदानी शक्तियों पर इसका वश नहीं है लंकेश इसकी बुद्धि और शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है मैं इतना तप क्यों रहा हूं ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे ज्वालामुखी विस्फोट होने वाला है मेरे भीतर रक्षा करो कोई मेरी रक्षा करो कोई [संगीत] मेरी [संगीत] रक्षा करो कोई मेरी रक्षा करो रक्षा करो मेरी मैं तप रहा हूं रक्षा करो मेरी देवेश्वरी सत्य है जैसी करनी वैसी भरनी बुरा करने वाले को बुराई का प्रतिकूल फल ही प्राप्त होगा इस ब्राह्मण ने रावण का साथ देकर अधर्म का समर्थन किया है हनुमान की शक्तियां दान में ले ली परंतु उन शक्तियों को अपने भीतर समाहित करने योग्य शरीर और मस्तिष्क भी होना चाहिए शक्ति प्राप्त करने के पूर्व स्वयं को उस शक्ति के योग्य बनाना भी आवश्यक है अन्यथा उस शक्ति से स्वयं की ही हानि होती है अयोग्य व्यक्ति को प्राप्त हुई शक्ति उसी की ही शत्रु बन जाती है कालनेमी ममा कल नेम शीघ्र ही इस ब्राह्मण को बाली की सहायता के लिए युद्ध भूमि में प्रस्तुत करो बुट वानर को परास्त किए बिना मेरी योजना असफल है [संगीत] छोड़ो मुझे मर्कट [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] आ [संगीत] महानतम बाले वह दुष्ट वानर बालक कोई चतुराई कर आपको कठिनाई में डाल सकता है मेरा यह मायावी अस्त्र स्वीकार करिए आवश्यकता पड़ते ही आपके हाथ में स्वयं ही प्रस्तुत हो [संगीत] जाएगा [संगीत] मेरा अत्यंत विकराल तामस अग्नि अस्त्र है यह इससे आप मायावी अग्नि विनाशकारी शूल भयानक राक्षस ऐसी घातक शक्तियां उत्पन्न कर उस वानर बालक का वध कर सकते हैं [संगीत] सत्य कहा था लंकेश रावण ने यह मर्कट अवश्य ही कोई ना कोई चाल चलकर स्वयं का बचाव कर लेगा परंतु अब उस मायावी अस्त्र के प्रयोग का समय आ गया है नारायण नारायण हनुमान के लिए तो संकट और बढ़ गया है व अपने समस्त वरदानी शक्तिया दान कर चुका है परंतु वाली के पास देवराज इंद्र के वरदान के साथ साथ राक्षसों की मायावी शक्ति भी प्राप्त है अब वो हनुमान पर और घातक प्रहार करेगा नारायण [संगीत] नारायण ये क्या वाली भैया के हाथ में मायावी अस्त्र प्रहार अच्छा था तुम्हारा मर्कट परंतु इस प्रहार को महानतम वाली की हार समझने की भूल मत करना इसके हाथ में तो माया भी अस्त्र है इस मायावी अस्त्र का हनुमान सामना कैसे करेगा हनुमान की अपनी शक्तियों में से भी आधी शक्तियां वाली को प्राप्त हो चुकी है हे प्रभु रक्षा कीजिए अधर्म युद्ध की पराकाष्ठा है कल भी बाली ने असरो की सहायता ली थी

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