Wednesday, 31 December 2025

बाल हनुमान जी ने गरुड़ और नागों की रक्षा की Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 274 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] आ ये क्या प्रतीत होता है गरुड़ और सर्पों में फिर से शत्रुता आरंभ हो गई है किंतु बचपन जी ने तो कहा था कि गरुड़ और नागों ने सदैव मित्र रहने का प्रण लिया था फिर यह गरुड़ कैसा अधर्म कर रहे हैं मुझे इन्हे रोकना होगा ये गरुड़ सर्प को क्यों परेशान कर रहे हैं रुक जाइए मत करिए ऐसा रुक जाइए मुझे इन्हें रोकना ही होगा मुझे शीघ्र ही उनके समीप जाना होगा कहीं सर्प को कोई क्षति ना पहुंच जाए [संगीत] चिता तक मित्रता का अपमान करना अधर्म होता है इस सर्प को कष्ट पहुंचाने का दुस्साहस कैसे किया तुमने और मैं तुम्हें कब से पुकार रहा हूं तुमने सुना क्यों नहीं हमको लगा कि गरुड़ के सेनापति चित्र केतु अपने साथियों के साथ हमारा पीछा कर रहे [प्रशंसा] हैं प्रणाम महाबली हनुमान यह मेरा मित्र तां तक है और यह मुझे कष्ट नहीं पहुंचा रहा था अपितु इसने तो मेरे प्राणों की रक्षा की मैं नागराज पंच फन का पुत्र भूषण हूं हमारे नागवंश पर संकट के काले बादल छा गए हैं और गरुड़ पर भी भारी आपदा आने वाली है नागवंश पर संकट गोड़ों पर भारी आपदा मैं कुछ समझा नहीं मैं आपको विस्तार से समझाता [संगीत] हूं आज मैं पिताजी के साथ भ्रमण पर निकला [संगीत] था गरुड़ राज जटायु यहां आपके आगमन का कारण चाहे जो भी हो मित्र का दर्शन सदैव सुखदाई होते हैं आइए मित्रवर आइए स्वागत है [संगीत] आपका पिताजी छोड़ दो पिताजी को क्या कर रहे हैं मित्र ये छल है मित्र मित्र ये अच्छा नहीं हो रहा है मित्र पिताजी को छोड़ दीजिए महाराज जटायू ये आप क्या कर रहे है जटायू ये अधर्म है ये छल है छलावा थी ये मित्रता ये गरुड़ कभी हम नागों के मित्र हो ही नहीं सकते इन पर कभी हमें विश्वास करना ही नहीं चाहिए था मेघसर ठीक कहता है इन गरुड़ का सर्वनाश में ही हमारा हित है मित्र वेश में आकर शत्रु ने हमारे ही महाराज का अपहरण कर लिया अब हमारी रक्षा केवल और केवल मेघसर ही कर सकता है चलो हमने जटाय को रोकने की भरपूर चेष्टा [संगीत] की पता नहीं वह पिताजी को लेकर कहां चले गए और उसके बाद मैंने यह सब अपनी दादी मां को बताया विश्वास नहीं होता जटायु ने मित्रता का प्रपंच करके हमसे छल किया है मैंने स्वयं जटायू को पिताजी को ले जाते हुए देखा है दादी मां नागों में रोश व्याप्त है और उन्हें विश्वास है कि केवल मेघसरी पिताजी को वापस ला सकता है उन्होंने तो मेघसर को कारावास से मुक्त भी कर दिया मेघसर व कपटे कुटिल नाग हमारे सर्वनाश का कारण बनेगा पुत्र कभी कभी जो दिखाई देता है वो सत्य नहीं होता है इसलिए तुमने जो देखा उसे पूर्ण सत्य मत मानो प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे कोई रहस्य है मेघसर को मुक्त करना बहुत बड़ी भूल है [संगीत] [संगीत] विर विकराल हूं मैं शत्रुओं का काल हूं मैं मेघा सुर हूं मैं सुर हूं मैंर सुर मैं संघार करूंगा उन छली गरुड़ का जिन्होंने महाराज पंच भन का अपहरण किया है उद्धार करूंगा का संपूर्ण नाग वंश का मेरे बल से नागों का सम्मान स्थापित होगा मेघसर की जय बे घासरल की जय बे घासरल का महाविनाश कर खग विद्या का रहस्य प्राप्त करूंगा अब हम नाग भी आकाश में उड़ान भरेंगे हां हां हम भी उड़ान भरेंगे हम भी उड़ान भरेंगे उड़ान भरेंगे विष्णु की सैया हैं हम महादेव के तन का आभूषण है फिर क्यों युगों युगों से हम तिरस्कृत और वंचित हैं क्यों सदैव हमारे साथ ल किया जाता है अमृत मंथन में हमने सहयोग दिया पर क्या हमें अमृत प्राप्त हुआ नहीं वहां भी हमें चला गया पर अब मैं ऐसा नहीं होने दूंगा विटर विकराल हूं मैं असुरों कासुर मेघा सुर हूं [संगीत] मैं अब जो भी हम नागों से शत्रुता करेगा उसे हमारे बल का सामना करना पड़ेगा सर्वप्रथम कपटी करोड़ों का महाविनाश करेंगे महाराज पंच फन को मुक्त कराएंगे महायुद्ध करेंगे हम नाग महायुद्ध करेंगे हा हा महायुद्ध करेंगे हम महायुद्ध करेंगे हम महायुद्ध करेंगे गरुड़ का महाविनाश होगा नागवंश की नागवंश की मेघसर की मेघसर की जय [संगीत] यह तो सबको सम्मोहित कर रहा है पुत्र पुत्र अपनी आंखें बंद कर लो अब यह सब मेरे वश में है अपने अपने शीश झुकाओ अब सब अपने अपने शस्त्र उठाओ स्वयं पर प्रहार करो रुक जाओ रुक जाओ अब ये वही करेंगे जो मैं चाहता हूं किसी का भी वध करेंगे अपना अपने परिवार का अब करोड़ों से युद्ध करने में अत्यंत आनंद आएगा श जा पुत्र भूषण और जाक गरूर को सूचित करो कि नाग उनसे युद्ध करने के लिए आतुर है य जटा से तुम्हारी भेट होती है उनसे विनती करना तुम पिता श्री को मुक्त अन्यथा अनर्थ हो जाएगा किसी भी प्रकार हमें इस युद्ध को रोकना है जा पुत्र शिक जाओ जो आज्ञा दादी मां मैं जब गरुण को सूचित करने गया तब गरुण के सेनापति चित्र गेत ने मुझे अंदर जाने नहीं दिया उन्होंने मेरी हत्या करने की चेष्टा की यदि मेरा मित्र जीता तक ना होता तो वह तो मेरा वध ही कर देते कल संध्या तक तो हम सबने जटायु जी और पचपन जी के म मध्य मित्रता देखी फिर ऐसा अनर्थ कैसे हो सकता है मित्र यदि यह युद्ध हो गया तो अनेक प्राणी हताहत होंगे करोड़ों और नागों को भी भारी क्षति पहुंचेगी हनुमान ऐसा नहीं होने देगा तुम दोनों मेरे साथ [संगीत] चलो मुझे माता पिता की आज्ञा लेनी होगी कि मैं तुम दोनों के साथ जा रहा हूं किसी भी स्थिति में हमें इस युद्ध को रोकना ही होगा हा हम य को रो होगा [संगीत] [संगीत] हम [संगीत] रुक जाओ मेघसर सब कुछ योजना के अनुसार हो रहा है सबको पूर्ण विश्वास हो गया है कि पंच भन का अपहरण जटायु ने ही किया है किंतु मेघसर तुम उस जटायु से सावधान रहना उससे युद्ध करना बहुत कठिन है तुमने अपना कार्य कर दिया है मित्र कालने में अब चटाई को परास्त करना मेरा काम है मैं कर लूंगा परंतु एक बात बताओ तुम इतनी सहजता से वेश कैसे बदल देते मैं लंकेश दशानन रा का सेवक कुछ भी कर सकता हूं मेघसर जटायु बनकर पंच फन का अपहरण किया और नाग बनकर तुम्हें मुक्त कराने का आहवान किया मेघसर यदि तुमने गरुड़ के उड़ने की खग विद्या का रहस चलाकर लंकेश रावण को प्रसन्न कर दिया तो तुम्हें भी अनेकों मायावी शक्तियां प्राप्त हो जाएंगी खग विद्या का रहस्य महाराज रावण को अवश्य प्राप्त होगा यह वचन है मेरा परंतु एक बात बताओ पंच फन को कहां छुपा रखा है तुमने मेघसर उचित समय आने पर तुम्हें यह भी ज्ञात हो जाएगा परंतु अभी इस समय मैं तुम्हारे साथ एक नाग के भेस में रहूंगा अवश्य रहो परंतु किसी को भी तुम पर संदेह ना हो पाए इसलिए अन्य नागों के समान मेरे आदेशों का पालन करते रहना ठीक है [संगीत] [प्रशंसा] मेघसर यदि य युद्ध आरंभ हो गया तो उसे रोकना असंभव हो जाएगा हमें हस्तक्षेप करना चाहिए परंतु महाराज हमने जटायु के राजकाज में कभी हस्तक्षेप नहीं किया संभव है हमारे जाने से उनको अपमान का अनुभव हो और हमसे शत्रुता कर ले तब हमारी सेना को हथियार उठाने पड़ेंगे और इस युद्ध की ज्वाला चारों ओर फैल जाएगी महाराज यह कार्य हमें गुप्त रूप से करना होगा बाली जी जब से तपस्या करके लौट के आए हैं और भी दम भी हो गए हैं हनुमान महानायक के चुनाव के लिए इनकी प्रतीक्षा करने के इच्छुक थे अच्छा हुआ ये या नहीं देखना अब सब हनुमान को ही महानायक चुनेंगे भागो भागो उसके समक्ष गए तो व हमें हमलोग की यात्रा करा देंगे शीघ्र दूर हो जाओ इनकी दृष्टि से भागो भागो सही कहता था रावण ये हनुमान बहुत ही धूर्त है नहीं तो महानायक का चुनाव मेरी अनुप स्थिति में ही क्यों किया गया अवश्य अवश्य ही यह हनुमान और उसके पिता केसरी का ही षड्यंत्र था अभी जाकर पूछता हूं केसरी से ऐसा पाठ सिखाऊंगा कि पुनः कभी मेरी हेठी करने का साहस ना कर सके पिता श्री यदि आपकी आ हो तो मैं वहां जा सकता हूं नहीं हनुमान तुम अभी एक विकट परिस्थिति का सामना कर कर आया मैं तुम्ह नए संकट का सामना करने नहीं जाने दूंगी अब मेरा सिर्फ यही लक्ष्य है सुमेरू पहुंचकर हनुमान को पकड़ना नहीं अंजना हनुमान ठीक कह रहा है यदि इस युद्ध को रोकने में कोई सक्षम है तो वह है [संगीत] हनुमान अब सुमेरू पहुंचकर उस मर्कट को दिखाता हूं बाली महानतम ने क्या शक्ति अर्जित की [संगीत] है मित्रों अब और विलम नहीं इस यत को रोकने के लिए हमें यहां से शीघ्र ही करोड़ रात पहुंचना होगा मां पिता श्री [संगीत] प्रणाम चलो [संगीत] मित्रों [संगीत] हो हनुमान मर्कट तेरे विनाश की प्रतीक्षा कर रहा है बाली महानायक हनुमान उस उपाधि के योग्य तू नहीं मैं हूं मा महानतम वाली पुत्र बाली स्वागत है आओ [संगीत] पुत्र इतने समय पश्चात तुमसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है प्रणाम महाराज केसरी जी पुत्र हनुमान भी अत्यंत उत्साहित था तुमसे मिलने के लिए यदि कुछ क्षण पूर्व आते तो उससे भी भेट हो जाती अभी गया है हनुमान हनुमान हनुमान थक गया हूं यह नाम सुन सुनकर और केसरी आप कितना भी हनुमान का गुणगान कर ले अब हर कार्य में विजेता हनुमान नहीं बाली महानतम होगा प्रतीत होता है यही है करुण राज

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...