महारानी तारा के रुको के घर जगराते में जाने के निर्णय से रुको की समस्या का समाधान तो हो गया किंतु एक और विकट समस्या कहीं पनप रही थी प्रणाम पंडित जी मैंने आपकी शर्त पूरी कर दी महारानी ने वचन दिया है वह आज जगराते में आएंगी तो अब आपको भी आना ही होगा महारानी इस निर्धन के घर आएंगे अच्छा जी उचित है तुम सामग्री जुटा मैं भी वहां पहुंच जाऊंगा किंतु स्मरण रहे जगराता महारानी के आगमन के बाद ही आरंभ होगा महारानी के आगमन के बाद शाइना तुम्हारी सेवा पाने के लिए मुझे थोड़ी और प्रतीक्षा कर करनी होगी जो भी हो शायन नाई प्रतीक्षा नहीं करेगा यदि यह झूठ कह रही है तो इसका झूठ उजागर करेगा और यदि यह सत्य कह रही है तो महारानी द्वारा राज परिवार की मर्यादा भंग करने की सूचना महाराज तक भी [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] पहुंचाएगा कला है तुम्हारे हाथों में शायन मालिश करते हो तो एक पल में थकान मिट जाती है धन्यवाद महाराज आपका सेवक हूं यह तो मेरा कर्तव्य है महाराज किंतु कर्तव्य और भी है महाराज राज भवन को लेकर कुछ सुना हो तो व आप तक पहुंचाना भी तो मेरा कर्तव्य है ना महाराज यदि तुमने जो सुना है वह राजा के कानों तक पहुंचना चाहिए तो तुम्हे अवश्य कहना चाहिए क्षमा करें महाराज सूचना यदि महारानी को लेकर हो तो भी जो कहना है स्पष्ट कहो शायन क्या सुना है तुमने महाराज महाराज मेरे नहीं एक एक सेविका के शब्द है कि महारानी स्वयं उसका निमंत्रण स्वीकार कर उसके घर जाने वाली है असंभव क्या यह तुमने महारानी के मुख से भी सुना है नहीं महाराज हमने तो सेविका को पंडित से कहते हुए सुना था महाराज अपने कानों से सुना था हमने महारानी उसका निमंत्रण स्वीकार कर उसके घर जाने वाली है माता रानी के झगरा पर यदि स्वयं महारानी ने ऐसा नहीं कहा तो मुझे तुम पर विश्वास नहीं है अब तुम जा सकते हो प्रणाम महाराज [संगीत] शंका का बीज तो मैंने बो दिया मेरा कार्य तो हो गया हे मां प्रथम बार कुछ ऐसा करने जा रही हूं जो स्वामी को ज्ञात किंतु किसी की भलाई के लिए किया गया कार्य अनुचित कैसे हो सकता है माता रानी अपनी कृपा बनाए [संगीत] रखना मारा [संगीत] नितारा बैठे बैठे सो गया था मैं स्वप्न देखा था [संगीत] मैंने द्वारपाल किसी सेविका को भेजो पात्र गिरकर टूट गया [संगीत] है उस रात महारानी को सेविका से बात करते तो मैंने देखा था मुझे यह भी लगा था उन दोनों में एक आत्मीयता है एक अपनत्व का बंधन है महाराज आज मैंने माता रानी की पूजा रखी है और फिर महारानी माता रानी के अनन्य भक्त है तो उनकी पूजा में जाना तो स्वाभाविक है किंतु मैं जागता रहूंगा यदि महारानी जाने की निर्णय लेती है तो मैं उ रोक [संगीत] [संगीत] द अब मुझे नींद नहीं आएगी महाराज कुछ चाहिए आपको मैं ला दूं क्या नहीं आप थक गए होंगे ना आपके पैर दबा देती हूं नहीं मरा आप सो जाइए विश्राम कीजिए [संगीत] [संगीत] क्या मैं स्वामी को बता दूं मैं क्या करने वाली [संगीत] हूं क्या मैं पूछ ही लू महारानी से [संगीत] [प्रशंसा] किंतु कहीं ऐसा ना लगे कि मैं इन पर संदेह कर रहा हूं नहीं स्वामी को बताकर उन्हें किसी प्रकार की दुविधा में डालने का कोई लाभ नहीं वैसे भी मेरी किसी भी इच्छा को अपूर्ण कहां रहने दिया है उन्होंने महाराज को निद्रा आएगी तो मैं चली जाऊंगी महारानी सो जाएगी तो मैं निश्चिंत हो [संगीत] जाऊंगा प्रणाम पंडित जी आपका स्वागत [संगीत] है माता रानी की पूजा का ज्ञान है इसे सभी सामग्री बड़ी कुशलता से एकत्र की है इसने किंतु अभी यह देखना है महारानी इसकी कुटिया में आती है या नहीं और सब तो ठीक है किंतु वचन अनुसार महारानी कहां है जिस दिन स्वामी आखेट करते हैं शैया पर लेटते ही सो जाते हैं तो आज इन्ह निद्रा क्यों नहीं [संगीत] आई मेरी दृष्टि तो आप पर मात्र इसलिए है कि आप कोई भूल ना कर सके वचन दिया भी था महारानी ने पंडित जी आप पूजा प्रारंभ कीजिए महारानी आएंगी तो जगराते का भाग बन जाएंगी नहीं मैंने तुम्हारे पत्नी से स्पष्ट कहा था जगराते का आरंभ महारा के आगमन के बाद ही [संगीत] होगा आप कहां है बहन तारा अभी तक आए क्यों नहीं आप विलंब हो रहा है हे माता रानी मेरी सहायता कीजिए महारानी तो यही है शायद नाई से ही सुनने में भूल हुई होगी पूर्ण रा तो प्रतीक्षा करना असंभव है कुछ पल के लिए और प्रतीक्षा कर लेता हूं दीदी मुझे ज्ञात है आप आने के लिए व्याकुल होंगी तो फिर क्या कारण है इस विलंब का मेरी सहायता कीजिए माता रानी कृपा कीजिए कोई उपाय सुझाए मेरे कारण रुको के जगराते में विलम नहीं होनी [संगीत] चाहिए [संगीत] क्षमा करना स्वामी मैं इस प्रकार गुप्त रूप से जा रही हूं किंतु मैं विवश [संगीत] हूं राज भवन से जाते वक्त मुझ पर किसी की दृष्टि नहीं पड़नी चाहिए प्रहरी ओपन की भी [संगीत] नहीं पंडित जी पंडित जी थोड़ी प्रतीक्षा और कर लीजिए महारानी अपने वचनों से फिरने वालों में से नहीं है माता रानी ने दिशा दिखा दी है यही उचित होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] बस एक पल और प्रतीक्षा नहीं करूंगा मैं नहीं पंडित जी ऐसा मत कीजिए आप रुक [संगीत] जाइए बहुत देर हो गई है मुझे अब किसी भी का रुक नहीं सकती मैं मत जाइए पंडित जी महारानी आएंगी तो क्या कहूंगी मैं यही कहोगी कि पंडित जी माता रानी के जगराते में आए हैं तो उसे पूरा किए बिना कैसे जा सकते हैं प्रणाम महारानी आइए मैं पूजा आरंभ करता आइए महारानी का स्वागत है आपने हम सभी को कृतार्थ कर [संगीत] दिया माता रानी की जय हो प्रणाम माता रानी आपकी राज भवन के पूजा के समान भव्य तो नहीं है भव्यता नहीं दिव्यता आवश्यक है भक्ति भाव आवश्यक है फिर पूजा कैसी भी हो वो सफल ही होती है महारानी माता रानी को चुंदरी चढ़ाने की कृपा कीजिए और पूजा आरंभ कीजिए एक बार सभी प्रेम से बोलिए बोल साचे दरबार की [संगीत] जय आओ रुको तुम भी आओ [संगीत] श महारानी अब समय है भजन का क्योंकि माता रानी का जगराता भजन के बिना पूर्ण नहीं होता उचित कहा पंडित जी एक बार सभी प्रेम से बोलिए माता रानी की जय जय बोल साचे दरबार की जय इस प्रकार माता रानी को लाल चिं चढ़ाकर लाल पुष्पों से सजाकर महारानी तारामती ने जगराता का भजन शुरू कर [संगीत] दिया [संगीत] ठंडी पवन की झोके ने तो निद्रा ही भंग कर दी यह वातावरण खुला रह गया बंद कर देता [संगीत] हूं ये डोर त क्या [संगीत] महारानी महारानी नहीं है [संगीत] यहां माथे टीका हाथों में चूड़ा सिर पे सोहे मुट सुनहरा स सोहे मुट सुनहरा सीपे सोहे मुट सुनहरा में है प्यार का अमृत दिल ममता का सागर गहरा दिल ममता का सागर गहरा दिल ममता का सागर भक्त जनों से अंबे तेरा भक्त जनों से अंबे तेरा बड़ा ही निर्मल नाता माता माता माता माता मा [संगीत] मा अवश्य यह महारानी के पद चिन्ह है तारा का पायल है तो इसी दिशा में आई यह भी महारानी की ही [संगीत] [संगीत] है [संगीत] [संगीत] महारानी यहां है तो मुझे अपना कर्तव्य निभाना चाहिए महाराज को बताना चाहिए लगता है अपना कर्तव्य मैं पहले ही निभा चुका हूं बोल साचे दरबार की जय बोल साचे दरबार की जय विश्वास नहीं होता मेरी तारा मुझसे छिपकर यहां आ गई ऐसा क्यों किया उन्होंने विश्वास जीतना बड़ी बात है किंतु उस विश्वास को बनाए रखना उससे भी बड़ी बात है
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