महाभारत [संगीत] अरे यह सब क्या हो रहा है मैया पूजा कभी बाबा से भी पूछ लिया करो कहाना बाबा से काहे पूछ लिया करें मेरा लल्ला तो बस मुझ से ही पूछेगा और सुन लो जी ठीक से मेरे लल्ला और मेरे बीच कभी मत आना मैं क देती हूं हा जा लल्ला छके पर से माखन उतार कर खा ले पर पहले यह तो बतलाओ कि यह सब क्या हो रहा है यह सब देवराज इंद्र की पूजा के लिए है मोहन पर इंद्र की पूजा किस लिए कर रही हो मैया अरे ऐसा नहीं कहते लला देवराज का क्रोध बड़ा भयानक होता है मैया हम भयानक की पूजा क्यों करें क्रोध करना तो अच्छी बात नहीं है यह कैसा भगवान है मैया कि पूजा ना करो तो क्रोधित हो जाए पूजा करना तो प्राणी का कर्म है ना मैया परंतु पूजा करवाना तो भगवान का कर्म नहीं हो सकता अजी आप मुस्कुरा क्यों रहे हैं समझाओ इसे तुम ही समझाओ मैं तुम्हारे और तुम्हारे काना के बीच में क्यों आऊ वैसे यह बात तो मन लगती कर रहा है आप पिता है पिता बेटे को समझा नहीं सकते तो ना समझाओ पर भड़का तो मती तुम्हारे को कोई नहीं भड़का सकता यशदा दूसरे लड़के तो केवल ग चराते हैं यह तो सारे नंदगांव को चराता रहता है बस मैंने कह दिया ना कि इंद्र की पूजा नहीं होगी यह पूजा तो पुरखों के दिनों से होती चली आ रही है लल्ला पूजा बिना तो जीवन ही नहीं हां जो पूजने योग्य हो उसी की पूजा करो मैया और पूजने योग्य कौन है [संगीत] लला हम तो ले है ना बाबा हमारा जीवन तो गौ से जुड़ा हुआ है तो फिर हमारे लिए पूजनीय है गौ वह हमें पीने के लिए दूध और खाने के लिए माखन देती हैं तो फिर गौ को पूजो मैया और गौ का जीवन वनों के बिना संभव नहीं है वन ना होंगे तो गैया चरें कहां तो उन वनों की पूजा करो मैया जो वन ना होंगे तो गैया भी ना होंगी और यमुना की पूजा करो जो हमारे वृक्षों को अपना अमृत पिलाती है और पर्वतों की पूजा करो मैया जो जाते हुए मेघों को रोककर वर्षा करवाते हैं और जिनके कारण हमारे वन हरे भरे रहते हैं इन्हें पूजो मैया बस यही पूजने योग्य है और हमारे पूजने योग्य है हमारे गोवर्धन पर्वत और इंद्र के क्रोध से मत डरो मैया क्योंकि जो पूजनीय होता है वो क्रोध नहीं करता जैसे तुम मेरे लिए पूजनीय हो और कभी क्रोध नहीं करती ऐसा मत बोल लल्ला उनका क्रोध गाज गिराए का उनके हाथ में वज्र होता है उनसे डरो लल्ला मैं तो नहीं डरता महाभारत महाभारत महाभारत [संगीत]
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
-
[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि स...
-
महाभारत इच्छा है तुम्हारी बस इसने तो एक ही रट लगा रखी है केशव इसे तो आपको गुरु बनाना है वस इस देश में गुरुजनों की क्या कमी है तुम हमें ह...
-
[संगीत] किंतु मेरे परिवार पर से किस पर संकट आने वाला है ऋषिवर बताइए ना ऋषिवर संकट किस पर होगा यह सोचने के स्थान पर तुम्हें यह सोचना चाहि...
No comments:
Post a Comment