महाभारत [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [हंसी] राधा कोना जाने क्या हो गया है अरे बहना वो तो हमें भूल ही गई भाई हमारे जीवन में तो दुख ही दुख है जब काना यहां आता है तो हमारी उससे पटती नहीं है और जब वह आता नहीं तो उसके बिना मन बहुत बेचैन रहता है भाई तुम ठीक कहते हो हम तो फूले नहीं समाते यह सोचकर कि कान्हा हमारे लिए आया है अब तो हमें उसके दर्शन ही नहीं होते मन की आंखों से देखो तो दर्शन हो जाएंगे [संगीत] [संगीत] अरे राधा काना की बंसरी से कहां भागेगी अरे उधर मुड़ जिधर वो नटखट बंसरी बजा रहा है मैं क्यों मुडू उसे सुनाना हो तो स्वयम आके सुनाए अरे उसे क्या पड़ी है तेरे पास आके बंसरी बजाने की [संगीत] यदि उसे कुछ पड़ी ही नहीं थी तो वह ब्रज में आता ही क्यों वह मेरे लिए ही तो ब्रिज में आया है [हंसी] [संगीत] [संगीत] राधे अरे कहां चली राधा मैं तुम्हारे लिए तो यहां आया हूं बंसी सुनाने सुनोग नहीं क्यों रूठ गई हो तो फिर क्या बात है कान्हा तुम नहीं जानते जब तुम बंसी बजाते हो और मैं सुनती हूं तो मैं अपनी सुद बुद खो बैठती हूं यह तो कितनी अच्छी बात है राधा मैं तो तरस जाता हूं सुद बुद खो बैठने को क्या ही अच्छा होता कि तुम बंसी बजाती और मैं सुनता लो बजाओ बंसी बजाओ ना क्यों तुम्हारी झूठी है अरे राधा [संगीत] मोर पखा सिर ऊपर राखी हा गूंज की माल गर पहिरो मोर पखा सिर ऊपर राखी हो गूंज की माल गर प रोंगी पढ़ी पीतांबर लैल कुटी बन गावत बोधन संग फिरांगी मोर पखा सिर ऊपर राखी हो ंज की माल गरे पही रोंगी मोर पखा सिर ऊपर राखी [संगीत] हो भावती वही मेरी रस खा मानसो तेरे कहे सब स्वांग करूंगी हो भावती वही मेरी रस खान सो तेरे कहे सब स्वांग [संगीत] करूंगी प मुरली [प्रशंसा] है मुरली मैं मुरली मुरली धरती अधरा न धरी अधरा न धरोगी मोर पखा सिर ऊपर राखी हो गूंज की ल गर पह रोंगी कोढ़ी पीतांबर लैल कुटी बन गावत गोधन संग फिरंगी मोर पखा सिर ऊपर राखी हो गूंज की माल गरे बहि रोंगी मोर पखा सिर ऊपर राखी ह [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] आहा भारत महाभारत महाभारत [संगीत] महाभारत महाभारत i
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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
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