[संगीत] मेरी बात ध्यानपूर्वक सुने एक बहुत बड़े कूप ने हम सबको घेर लिया है प्राण वायु शने शने समाप्त होने लगेगी अ आप सब से निवेदन है कि नगर में कम से कम अग्नि का प्रयोग करें जितना हो सके प्राणवायु बचानी होगी हमें किंतु हम इसमें कब तक सक्षम रहेंगे महाराज धैर्य रखें शांत हो जाए आप सब हनुमान गया है वो अवश्य ही हम सबकी मुक्ति के लिए प्रयास कर रहा होगा प्रतीत होता है मुझे आपसे जयत करने के लिए अपनी शक्ति को और बढ़ाना होगा प्रयास करके देख लो देखता [संगीत] [संगीत] हूं [संगीत] [संगीत] क्षमा करें पर्वतराज यह शिलाखंड मुझे नंदी जी के लिए उठाना पड़ रहा है [संगीत] [संगीत] अब आप नहीं बच पाएंगे इस प्रहार [संगीत] से नंदी जी यदि इसी प्रकार मेरे मार्ग में अड़े रहे तो मैं भोले बाबा के आशीर्वाद के बिना सुमेरू की रक्षा कैसे कर पाऊंगा अब तो शवास भी नहीं ले पा रहे हैं हम अब क्या करें हम हे प्रभु अब तो धरती भी फटने लगी है स्वामी हमें शीघ्र ही प्रजा की सुरक्षा के लिए कुछ करना होगा सुमेरू वासियों आप सब राज भवन में आकर शरण लीजिए मंत्री जी जी महाराज शीघ्र ही नगरवासियों के लिए प्रमुख द्वार खोल दीजिए जी [संगीत] महाराज करो हनुमान सबके संकट हरे आज भी वही इस संकट से बचाएगा हमें [संगीत] हनुमान ये क्या आश्चर्य है छोटे नंदी जी और यह इतना बड़ा पर्वत फिर भी इन्होंने हाथ से रोक [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] लिया मुझे अपनी दिव कदा का प्रयोग करना [संगीत] होगा अब आप इस गदा के प्रहार से नहीं बच [संगीत] पाएंगे [संगीत] हम [संगीत] नंदी जी आप भले ही मेरे प्रहार को टाल ले किंतु मुझे पूजा करके मेरे सारे प्रियजनों को इंद्र कूप से स्वतंत्र कराना है इसीलिए मैं आपसे युद्ध करता [संगीत] रहूंगा इस प्रकार से समय व्यतीत होता रहा तो सुमेरू पर आया संकट और बढ़ जाएगा चारों ओर विषैला धुम व्याप्त है प्राण वायु समाप्त हो रही है शवास लेने में कठिनाई हो रही है क्या हमारे जीवन का अंत निकट है रक्षा कीजिए प्रभ र पृथ्वी फट रही है शीघ्र हम सब उसमें समा जाएंगे इस विनाशकारी अंधकार से कोई हमें बचा नहीं सकता अंजना हे ईश्वर यह कैसा दुर्भाग्य है मेरे नेत्रों के समक्ष मेरा राज्य मेरी प्रजा और मेरे प्रिय जनों का सर्वनाश होने वाला है मैं कैसा अभागा हूं देखने के अलावा कुछ भी करने में असमर्थ हूं हनुमान को आने में इतना विलं हो रहा है यदि वह शीघ्र लौट कर नहीं आया तो अनर्थ हो जाएगा हे प्रभु हनुमान को शीघ्र सुमेरू भेज दीजिए अन्यथा सब समाप्त हो जाएगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] हम [संगीत] [संगीत] तो आप अपनी मायावी शक्तियों का सहारा ले रहे हैं तुम भी मायावी शक्तियों का सहारा ले सकते नहीं मैं गुरुदेव सूर्य देव के द्वारा दी गई दिव्य शक्ति का प्रयोग [संगीत] करूंगा ये क्या सूर्यदेव की महा घटनी शक्ति ंगी के प्राण संकट में पड़ [संगीत] जाएंगे मैं सूर्यास्त का अनादर नहीं कर सकता इसकी मर्यादा बनाए रखने के लिए मुझे इसका सामना करना होगा मुझे क्षमा कर देना नंदी जी अपनी प्रजा एवं परिवार को बचाने के लिए मुझे विवश होकर ऐसा करना पड़ रहा है हे महादेव मुझे क्षमा कीजिए नंदी जी पर सूर्यास्त चलाने के लिए विवश है [संगीत] अनुमान नंदी जी मैं यहां आपसे युद्ध करने नहीं महादेव जी के दर्शन कर अभी तो उनसे यह प्रार्थना करने आया हूं कि वह सुमेरू की इस बड़े विनाश से रक्षा करें अभी भी समय है इस युद्ध को त्याग दीजिए मेरी इतनी विनती स्वीकार कर लीजिए कि मेरी यह याचना भोले बाबा तक पहुंचा दीजिए मेरी उनसे भेंट करवा [संगीत] दीजिए नंदी जी हनुमान की प्रार्थना महादेव तक पहुंचा दीजिए उनके भक्त हनुमान को उनके दर्शन करवा दीजिए [संगीत] [संगीत] ओ भोले बाबा माता पार्वती आप अपने भक्त हनुमान का प्रणाम स्वीकार करें नम भोले बाबा माता पार्वती उचित समय पर आपने अपने दर्शन दिए अन्यथा कारण ही मुझे नंदी जी से युद्ध करना पड़ रहा था शिवाय नम [संगीत] शिवाय हे देवेश्वर आप तो सर्व ज्ञाता है आपसे कुछ भी नहीं छुपता है पूरा सुमेरू और उसकी प्रजा और मेरा सारा परिवार इंद्र कूप के संकट में है और इनकी रक्षा के लिए मैं आपके पास आया [प्रशंसा] हूं इतनी कृपा कर दीजिए मुझ पर इंद्र कूप से मेरे सुम की रक्षा कीजिए भोले [संगीत] बाबा भोले बाबा आप शीघ्र ही हनुमान के साथ चलिए अन्यथा अनर्थ हो जाएगा हनुमान तो बहुत समय पूर्व यहां आ गया था किंतु नंदी जी ने अनेकों बाधाएं उत्पन्न की ताकि मैं आपसे ना मिल पाऊं भोले बाबा एक क्षण का भी विलंब संपूर्ण सुमेरू के नाश का कारण बन सकता है हनुमान ने जैसे ही नंदी जी से विनय प्रार्थना की थ उसी पल तुम्हारी बात मुझ तक पहुंच गई थी यदि तुम यहां आते ही अपनी व्यथा नंदी को बता देते तो इतना विलंब नहीं [संगीत] होता मेरे किसी भी भक्त की याचना यदि नंदी जी के कानों में पड़ जाए तो व अवश्य ही मेरे पास पहुंचती हैं अन्यथा मेरे तप अथवा विश्राम में किसी भी प्रकार का व्यवधान ना आए इसलिए नंदी मेरे प्रत्येक भक्तों को मेरे समीप नहीं पहुंचने देता [संगीत] हे देवेश्वर अब मुझे समझ में आ गया है कि आपने नंदी जी और हनुमान के मध्य युद्ध की लीला इसीलिए रची जिससे हनुमान के साथ समस्त जगत को यह ज्ञात हो जाए कि नंदी जी के कानों तक पहुंची हुई प्रार्थना आप तक अवश्य पहुंचती है अन्यथा नंदी जी बिना कारण जाने किसी को आप तक पहुंचने नहीं देते हैं हे भोले बाबा दोष मेरा ही है भूल हनुमान से ही हुई है अब मैं यह ध्यान रखूंगा कि आपके दर्शन पाने के लिए सर्वप्रथम मुझे नंदी जी से अनुरोध करना होगा हनुमान अब तक नंदी जी तुम्हारे मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रहे परंतु अब वह सुमेरू की रक्षा करने में तुम्हारी सहायता [संगीत] करेंगे हे प्रभु नंदी जी अत्यंत शक्तिशाली है यह तो हनुमान को ज्ञात हो गया है परंतु देवराज इंद्र कह रहे थे कि उस इंद्र कूप को कोई नहीं आप ही खंडित कर सकते हैं यदि ऐसा है तो नंदी जी नहीं आप ही हमारी सहायता कर सकते हैं भोले बाबा हनुमान तुम नंदी जी की महिमा से परिचित नहीं हो मेरे अलावा मेरे सर्वाधिक अंश का वास नंदी में ही [संगीत] है हनुमान हमारे प्रभु देवेश्वर के वरदान से ही ऋषि शि लात को नंदी जी पुत्र रूप में प्राप्त हुए [संगीत] थे ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय हे प्रभु हे महादेव श्री लाद भक्त आपको प्रणाम करता है प्रभु आपका कल्याण हो ऋषि वर्ष [संगीत] लाद आपने अत्यंत कठिन तप किए हैं क्या वरदान चाहिए आप हे प्रभु आपके दर्शन हुए मेरा जीवन धन्य हो गया और इससे अधिक कुछ मांगने का औचित्य तो नहीं परंतु संकोच मत करिए ऋषिवर अपनी इच्छा प्रकट कीजिए मैं उसे अवश्य पूर्ण करूंगा भक्त वत्सल भोलेनाथ मैंने जीवन भर ब्रह्मचर्य व्रत पालन करने का प्रण किया है परंतु मैं सद्गति भी चाहता हूं जो तभी संभव है जब मुझे संतान का सुख प्राप्त हो मैं अपना बर्य का प्रण खंडित किए बिना संतान चाहता हूं प्रभु तथा अपने प्रति आपके प्रेम और निष्ठा से मैं अत्यंत प्रसन्न ं ऋषिवर आपको संतान अवश्य प्राप्त होगी और आपकी संतान के रूप में मैं ही आपको प्राप्त होगा मैं धन्य हुआ प्रभु आपने तो मेरी इच्छा से कहीं अधिक मुझे दे दिया मैं वचन देता हूं मेरा पुत्र आपका अंश सदैव आपकी शरण में रहेंगे फिर क्या हुआ [संगीत] माता फिर क्या हुआ माता फिर एक दिन ऋषि शिला अप भूमि को हल चलाकर कृषि के लिए साध रहे थे चल चल [संगीत] [संगीत] [संगीत] शश यह क्या पृथ्वी से उत्पन्न होने वाला यह दिव्य शिशु कौन है [संगीत] यह अवश्य ही यह अवश्य ही भगवान शिव के वरदान का फल है मेरा पुत्र शिवांश नंदी है य जैसे जैसे नंदी जी की में वृद्धि हुई वे अपने पिता का वचन निभाने मेरी सेवा में चले आए इस प्रकार वह मेरे सेवक भी हैं और मेरे रूप भी उन पर पूर्ण विश्वास रखकर तुम उनके साथ सुमेरू जाओ उनकी सहायता से तुम्हारा संकट अवश्य दूर होगा [संगीत] नंदी जी हनुमान आपसे प्रार्थना करता है कि आप शीघ्र हनुमान के साथ चलिए और उस इंद्र कूप को खंडित कर सुमेरू की रक्षा [संगीत] कीजिए चिंता मत करो हनुमान मैं तुम्हारे साथ अवश्य [संगीत] चलूंगा
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