Tuesday, 6 January 2026

स्वयंभू विनायक ने तीन भाइयों को दर्शन दिया Nishkarsh Vighnaharta Ganesh Episode 834 Pen Bhakti

मां उठो ना मां मां उठो ना मां भैया देखो ना मां को क्या हुआ मां मां क्या हुआ मां उठो ना मां मां उठो ना मां मां उठो ना मां मां मां उठो ना मां मां उठो ना मां मां मां उठो ना मां मां उठो ना मां क्या हुआ मां मां उठो ना उठो [प्रशंसा] उ चलो अंतत आ ही गया भाभी मां के अंतिम संस्कार का समय [प्रशंसा] [संगीत] रुको प्रता क्या हुआ क्यों रोक दिया मुझे चाचा [संगीत] जी बस वही रुको [संगीत] क्या हुआ क्या कर रहे चाचा जी तुम्हारे चाचा तुम्हें अपने अनुसार जीवन जीने की छूट दे रहे हैं मुक्त कर रहे हैं पारिवारिक बंधन ये मुझे आज नहीं बहुत पहले कर देना चाहिए था जाओ चले जाओ किंतु चाचा जी हम तो कहीं नहीं जाना चाहते ये हमारा घर है ना ना बालक ऐसे नहीं बोलना है कि हमारा घर है ऐसे बोलो कि हमारा घर था अब यह घर ये तुम्हारे चाचा का है या तो हमें हमारी कृषि भूमि तो रखने दीजिए अब ना कोई घर है तुम्हारा और ना ही कोई कृषि भूमि अब जो भी है तुम्हारे इस चाचा का है तुम्हारा तो कुछ भी नहीं [संगीत] है और बालक तुम्हें घर की कृषि भूमि [संगीत] की कोई आवश्यकता नहीं है तुम लोग तो कलाकार हो महान कलाकार ये लो बजाते रहो और नट करते रहो पकड़ो और मांगते रहो भिक्षा भटकते रहो यहां वहां तुम कहीं भी जाओ मुझे उससे कोई लेना देना नहीं है तुम कहीं भी रहो लेकिन आज के बाद यहां नहीं रहोगे और यहां वापस आने का दुसा हस कभी मत करना नहीं तो समझ गए ना चलो निकलो यहां से निकलो [प्रशंसा] भ्राता अब हम क्या करेंगे कहां जाएंगे भविष्य में कोई भी कठिनाई आए तो प्रभु विनायक तुम्हारी भी रक्षा करेंगे वो विश्वास ही तुम्हारी शक्ति बनेगा बस अपनी शक्तियों को पहचान कर उसका उपयोग करना है क्योंकि कभी-कभी चुनौतिया नहीं होती उतनी भारी जितना हम मान लेते हैं उसे विश्वास रहे तो विजय प्राप्त होती है [संगीत] सदा सुनो सुनाए हम महिमा प्रथम पूजी गजानन [संगीत] की गणपति अनंत गौर सुत अनंता धन्य हो जीवन सुन पावन गाथा गणपति अनंत गौरी सुख अनंता धन्य हो जीवन सुने पावन गाथा विनायक की महिमा अगम अपार विघ्नों को हर दे हो के साकार सुनो सुनो महिमा अपरंपार सुनो सुनो महिमा अपरंपार सुनो सुनो सुनो महिमा अपरंपार सुनो सुनो महिमा अपरम और धीरे-धीरे इसी प्रकार वह इस कला में और अधिक निपुण होते चले गए और श्रेष्ठ कथावाचक बन गए तत्पश्चात मंदिर के पुरोहित ने उन्हें मंदिर में ही निवास का स्थान दे दिया प्रतिदिन रात्रि भजन संध्या में वह मेरी कथा सुनाते और सभी सुनने वाले भक्तों से फल धन आदि का दान पाते विनायक की महिमा अगम अपार विघ्नों को हरके हो के साकार सुनो सुनो महिमा अपरम पार सुनो सुनो महिमा अपरम पार महादेव व जगत माता करें विचार कौन है प्रथम पूज्य अवतार प्रथम पूज्य स्थान वही पाएगा जो पहले करेगा परिक्रमा संसार प्रथम पूज्य प्रतियोगिता के आरंभ की हो रही थी पुकार देवगण करने लगे हुंकार अपने वाहन पर होकर सवार सुनो सुनो महिमा अपरंपार देखो देखो महिमा [संगीत] अपरंपार देवगण उड़ने लगे समझकर अपने वाहन को विमान मशक की थी गति धीमी किंतु गजानन है बुद्धिमान गजानन ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर दिखा दिया माता-पिता के चरणों में है संसार यह सबको बता दिया प्रथम पूज्य बने सबको पछाड़ गणपति अनंत गौरी सुत अनंता धन्य हो जीवन सुने पावन गाथा विना नायक की महिमा अगम अपार विघ्नों को हरके हो के साकार सुनो सुनो महिमा अपरंपार देखो देखो महिमा अपरंपार प्रथम पूज्य गणेश जी की जय प्रथम पूज्य गणेश जी की जय प्रथम पूज्य गणेश जी कीय प्रथम पूज्य श्री विनायका की [प्रशंसा] जय [संगीत] वाह आनंद आ गया इनका कथा वाचन सुनकर कितने खुले हृदय से गाते हैं मानो जैसे प्रभु का ही सुर सुन रहे हो और इनके चाचा कितने छोटे हृदय के हैं इन निर्दोष बालकों को घर से बाहर निकाल दिया और इनकी भूमि छीन ली तो ऐसा था क्या मुझे इसके बारे में ज्ञात क्यों नहीं था मैं यहां का मुखिया हूं और मैं यह अन्याय नहीं होने दूंगा जो प्रभु की भक्ति में हो जाते हैं उन्हें धन संपत्ति की सुद बुध कहां रहती है इसीलिए इन्होंने ना अपने घर को लौटाने के लिए कहा और ना ही अपनी भूमि की चिंता की तो फिर यह हमारा दायित्व है कि हम इनके लिए अपना स्वर उठाए उठाएंगे स् उठाएंगे स्वर उठाएंगे हम स् उठना ही चाहिए उस ग्राम के वासी उन तीनों को इतना सराह लगे उनसे इतना स्नेह करने लगे कि मुखिया ही नहीं उनके साथ गांव के आधे निवासी उन तीनों के चाचा के पास [संगीत] पहुंचे क्या हुआ क्या बात हो गई बात तो यह है कि तुम कैसे चाचा हो अपने लाचार भतीज के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर रहे हो अपनी इस भूल को सुधारो और लौटा उनकी भूमि को हां हां लौटा लटा उनकी भूमि को लौटा उनकी भूमि अन्यथा दंड देंगे तुम्हें ग्राम से बाहर निकाल देंगे [संगीत] देंगे ओ हो हो हो हो तो लालची चाचा को उनकी भूमि लौटा नहीं पड़ी होगी है ना गणेश जी हां किंतु यहां भी चाचा ने चाल चली उन्हें सूखी बंजर भूमि देकर आओ तुम्हें तुम्हारी भूमि दिखा [संगीत] दूं ऐसी भूमि देखकर स्वयं लौट जाएंगे यह ईश्वर के सच्चे भक्त के लिए कोई कुछ बुरा भी करे तो व वो भी उनके लिए प्रभु का प्रसाद ही बन जाता है और प्रसाद का अर्थ ही है प्रभु का साक्षात दर्शन उनके चाचा को यह ज्ञात नहीं था कि जो कठिनाई वह बो रहे थे वह उन तीनों के लिए उनके प्रभु का प्रसाद बनकर फलने वाली थी जहां श्रम भी भ्रम ही हो जहां संभव ही ना हो सफलता वो भूमि उन तीनों भ्राता के लिए आशीर्वाद कैसे बन सकती थी भूमि तो बंजर थी पथरीली भी थी किंतु आशा और विश्वास से पूर्ण व्यक्ति संकट में भी अवसर देखता है और विश्वास बनाए रखता है इन तीनों भ्राता हों को अपनी मां का मेरे प्रति विश्वास स्मरण था भक्ति असंभव को भी संभव बना देती है और बालको मैं तुम्हारा अधिकार क्यों रखूंगा चाचा हूं तुम्हारा अरे मैं तो स्वयं प्रतीक्षा कर रहा था कि तुम तैयार हो जाओ तो मैं तुम्हें तुम्हारा यह कानी भूमि खंड स देता हूं अब तुम ही संभालो इसे खूब फसल उगाओ क्या हुआ यह भूमि पसंद नहीं आई तुम लोग को क्या हुआ भाइयों इतने शांत क्यों हो क्या दोषे भूमि में [संगीत] नहीं भ्राता भूमि में कोई दोष नहीं होता दोष तो हम मनुष्य की मंशा में होता है वाह बेटा वाह क्या बात कही है बहुत अच्छा अब तुम लोग अपनी यह कानी भूमि संभाल लो और उगा लो फसल और मुझे मुक्त कर दो विश्वास नहीं हो रहा चाचा जी ने इतनी सरलता से भूमि कैसे दे दी अवश्य कुछ है जो तुम दोनों मुझसे छुपा रहे हो एक कमी है यह भूमि सूखी है पथरीली है इसीलिए बंजर [संगीत] हा तुम लोग कृषक के बेटे हो तो कृषि भी करनी पड़ेगी मां ने कहा था ना कि हम कृषक के पुत्र हैं और एक किसान कभी हार नहीं मानता इसलिए हमें कृषि करने के लिए उपाय ढूंढने [संगीत] [प्रशंसा] चाहिए किंतु यहां कृषि कैसे होगी कभी कभी चुनौतिया नहीं होती उतनी भारी जितना हम मान लेते हैं उसे विश्वा रहे तो विजय प्राप्त होती है सदा मां ने कहा था ना कि विश्वास से ही सफलता मिलती [संगीत] [संगीत] है हम करेंगे इस धरती को तैयार करेंगे हम खेती करेंगे हम करेंगे खेती महाकाय सूर्य को समप्रभ निर्म कुरु देव सर्व कार्यशु सर्वदा [संगीत] ओम नमो [संगीत] [संगीत] विनायका [संगीत] ओम नमो विनायका ओम नमो [संगीत] विनायका [संगीत] ओ नमो विनायका ओ नमो विनायका ओ नमो [संगीत] विनायका अब इन मूर्खों को कौन समझाए कि सफाई मात्रा से ज थोड़ी आएगा और जल नहीं आया तो खेती कैसे होगी इस कानी भूमि में फसल नहीं उगा पाएंगे हा और फिर थक कर लौट जाएंगे भजन कीर्तन करने अपने प्रभु विनायक आके और उसके बाद यह भूमि मुझे मिल जाएगी हां मुझे मिल जाएगी लेकिन जो भी है इनकी मूर्खता के बहाने यह बंजर जमीन साफ तो हो [संगीत] गई भ्राता हम सफल हुए धरती अब तैयार है वाह अद्भुत सर्वता अद्भुत मेरे भतीज मैंने तो कल्पना भी नहीं की थी मेरे भतीज कि तुम तीनों मिलकर इतना बड़ा चमत्कार करोगे इस कानी बंजर भूमि की काया कल कर दी तुम लोगों [संगीत] ने वाह मेरे कर्म भतीज वाह तुम्हारी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है लेकिन काश तुम लोग इस कहानी बंजर भूमि की तरह अपना भाग्य चमका सकते हैं अब देखो ना ऐसी बंजर भूमि से जल तो निकलने से रहा अब भतीज मुझे यह बताओ कि जिस भूमि में जल ना हो उसमें फसल कहां से होगी ये तो वही बात हो गई मेरे भतीज कि जहां से आरंभ किया था तुम तीनों के तीनों वहीं के वहीं आ गए भाग्य का द्वार खट कटाने से अच्छा है कर्म का तूफान खड़ा करना फिर सब द्वार अपने आप ही खुल जाएंगे और चाचा जी हम जहां खड़े थे वहां से थोड़े ही सही पर आगे आए हैं उचित कहा भैया ने चाचा जी प्रभु विनायक हमारे सहायक है हम उन्हीं की कृपा से आगे बढ़ेंगे धरती का सीना चीर कर जलने निकालेंगे और निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे अवश्य मेरे भतीज अवश्य कृपा वर्षा होगी अवश्य होगी तुम्हारे प्रभु विनायका की इस बंजर भूमि में जल ही जल होगा नदी भी अवतरित होगी और जल के कूब भी खोद लोगे तुम और कोई कठिनाई आई तो स्वयं तुम्हारे प्रभु विनायक आएंगे तुम्हारी सहायता करने के लिए सत्य कहा चाचा जी आपने स्वयं प्रभु विनायक अपनी कृपा दृष्टि हम पर [संगीत] बरसाए मूर्ख प्राणी [संगीत] आ मैं क्यों मुस्कुरा रहा हूं हां तुम मुस्कुरा क्यों रहे हो हमारे सामने इतनी गंभीर समस्या है और तुम मुस्कुरा रहे हो भला है ना चाचा जी ने अनजाने में एक उपाय सुझा दिया उन्होने कहा ना कूब खोद सकते हैं तो प्रभु के आशीर्वाद से वही करते हैं ना किंतु गणेश जी उस पथरीली भूमि पर ना तो अत्यधिक कठिन होगा तो क्या आरंभ भी कर दिया था उन तीनों ने कर दिया और उस कूप में उन्हें श्रम से अधिक उनकी भक्ति का फल मिलने जा रहा [संगीत] था [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] जय श्री विनायका [संगीत] चकित मत हो बराता थोड़ा जल दिखाई दिया है अगर तुम भी देख पाते तो बहुत अच्छा [संगीत] होता अच्छा ही है जो मैं देख पा रहा हूं अपने प्रभु श्री विनायका की झलक जीवन में मैंने अंधकार के सिवा और कुछ नहीं देखा पर आज मेरी दृष्टि ने पहली बार मेरा साथ दिया प्रभु श्री विनायक दर्शन दे रहे हैं मुझे ऐसा लग रहा है कि प्रभु स्वय इस कुब में हो अद्भुत अदभुत अर्थात उनका आशीर्वाद प्राप्त है हमें हमें कूप की खुदाई करते रहना चाहिए करते र काश [संगीत] सर्वदा जय श्री [संगीत] विनायका आश्चर्य मेरे कानों में ध्वनि गंजी क्या क्या ध्वनि थी वो ध्वनि कैसी ध्वनि हमने तो कोई ध्वनि नहीं सुनी और तुम तो सुन भी नहीं पाते हो तो तुमने कहां से सुन ली ध्वनि किंतु मुझे ऐसा लगा कि मेरे कानों ने कुछ सुना यह तो चमत्कार हो रहा है मुझे कुछ दिखाई दिया और तुम्हें सुनाई हमें रुकना नहीं चाहिए [संगीत] ये ये कैसा दिव्य प्रकाश है जल में हे प्रभु विनायका तुम बोले कैसे और तुम तुम सुने कैसे और तुमने देखा कैसे [संगीत] जभ विनायका जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका य ये चमत्कार है प्रभु विनायक का चमत्कार जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका [संगीत] य यह जल लाल क्यों हो रहा है विघ्नेश वरयानी विचित्र काण बंदि जनर मा गध क है श्रुत्वा समष् गजाननम जगन मंगल कम पुरुष एवं मया प्रथित विघ्न राज चितन चय बहिर गणेश तम निर्गत नमंति देव शम वायो योगी मुस्था हम प्रभु विनायका स्वयं प्रकट हुए हम धन्य हो गए हम धन्य हो गए प्रभु विय प्रभ विय भाग्य हमारे प्रभ विनायक के दर्शन हो ग भाग्य हमारे मैंने कहा मैंने प्रभु को य देख ने भी सुना था प्रथम य से कुदाल तो हटा देते विनेश ब्याण विचित्र काण बंद प्रभु प्रभु प्रभु विनायका जय प्रभु विनायका आपने तो हमारा जीवन धन्य कर दिया प्रभु धन्य कर [संगीत] दिया गणपति अनंत गौरी सुत अनंता धन्य हो जीवन सुन पावन गाथा गणपति अनंत गौरी सुत अनंता धन्य हो जीवन सुन पावन गाथा विनायक की महिमा अगम अपार विघ्नों को हरके हो के साकार सुनो सुनो महिमा अपरंपार सुनो सुनो महिमा अपरंपार सुनो सुनो सुनो महिमा अपरम हमें हमें ग्रामवासियों को बताना चाहिए प्रभु को भूमि से बाहर निकालने के लिए उनकी हमें सहायता चाहिए होगी बोलो प्रभु विनायका कीय बोलो प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की जय [संगीत] उस बंजर भूमि में कानी भूमि में और प्रतिमा चमत्कारी रूप से बढ़ती जा रही है विश्वास कीजिए मैंने स्वयं देखा अपनी आंखों से किंतु तुम तो दृष्टिहीन हो हां अब मैं सबको देख सकता हूं और मैं मुख था किंतु अब मैं ऊंचे सुर में प्रभु विनायका की जय जयकार कर सकता हूं बोलो बोलो प्रभु विनायका की जय प्रभु विनायका की जय और जब ये जयकारा लगाते हैं तो मैं भी अपने कानों से सुन सकता हूं और अब मैं भी इनके साथ जयकारा लगाता हूं बोलो प्रभु विनायका की जय बोलो प्रभु विनायका की जय जय प्रभु विनायक की कृपा ने हमें देखने सुनने और बोलने की शक्ति प्रदान की हमारा विश्वास कीजिए ये तो साक्षात चमत्कार है प्रभु विनायका आए हैं प्रभु विनायका आए हैं विनायका आए हैं प्रभु विनायका आए प्रभु विनायका प्रभ विनायका आए हैं हां हां प्रभु विनायका हमारे बीच आए हैं गाना गाते गाते अब झूठ भी बोलने लगे तीनों हमारे साथ सब जय जयकारा लगाओ बोलो प्रभु विनायका की जय प्र विनायका की जय प्र विनायका की जय अब सब हमारे साथ चलिए हम सब साथ मिलके हमारे विनायका की प्रतिमा को उस कुए से बाहर निकालेंगे जिसे आपने स्वयं खोदा है हमारे साथ चलिए प्रभु का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ बोलो प्रभु विनायका की जय प्रभु विनायका की जय प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की प्रभु विनायका की सर्व सर्वदा अदभुत सत्य कहा विनायका स्वयं पधारे हैं प्रभु की लीला तो प्रभु ही जान सकते हैं श्री विनायका की जय श्री विनायका की जय श्री विनायका की जराज दे मलधारी जय गनरा नमा वि जवा के तुम ही धारी जय गनरा नमा वि देवा ह सु हर स्वामी [संगीत] व्यक्ति का अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प संकटों में भी मुस्कुराने की शक्ति देता है

No comments:

Post a Comment

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...