Wednesday, 7 January 2026

हनुमान ने किया पिशाच का अंत NirbhayWadhwa Sankat Mochan Mahabali Hanuman Episode 221 PenBhakti

[संगीत] आ तो यह है इनका वास्तविक रूप [संगीत] [संगीत] हे [संगीत] [संगीत] हा [संगीत] [संगीत] आ अच्छा हुआ जना का रक्त बहना बंद हो [संगीत] गया रक्त बहन बंद नहीं हुआ है मुलक अब इसका रक्त पिशाच पी रहे हैं हम सदा ही रक्त के प्यासे रहते हैं अब मैं भी इसका रक्त पिऊंगी [संगीत] [संगीत] अजना [प्रशंसा] अजला [संगीत] अंजला नहीं अंजला मेरे इस विशेष प्रहार से देखता हूं तू कैसे बच पाता है अब मैं अयोध्या में आक्रमण करूंगा ओते स्वाहा इम ओ भ स्वा ओ भवाम तो अंतिम चरण में पहुंच गया ना जाने पिशाच राज कहा [संगीत] है [संगीत] पिशाच राज अब तुम तुहे मेरी कोप से कोई नहीं बचा [संगीत] [संगीत] सकता श्री राम यज्ञ संपन्न हुआ अग्निदेव को प्रणाम करके यज्ञ देव का आशीर्वाद [संगीत] इधर यज्ञ संपन्न होने से प्रभु राम का युवराज पद निष्क हो गया उधर हनुमान पिशाच वीर बनने जा रहे [संगीत] हैं महा बलशाली धरवा महावीरम महा दिव्य रूपम अति विकट महा स्वरूपम गदाधर महाबल सुधीर जय जय जय हनुमत पिशाच मोचन हेम शैलाभ देहम मनोहर तुम भूत पिशाच के पावन स्वामी हनुमान मुक्ति प्रदा ज्ञान गुण दाता शक्ति निधानम जय जय जय हनुमत पिशाच मोनम केसरी यह सारे विच अंजना का और तुम्हारी इस प्रजा का लहू पी लेंगे तब तुम्हारे उस दुष्ट पुत्र को ज्ञात होगा कि हम पिशाच के कार्य में हस्तक्षेप करने का अर्थ क्या होता है बुलाओ अपने उस पुत्र को व स्वयं देख लेगा कि पिशाच से शत्रुता करने का अर्थ क्या होता [संगीत] है शमा शमा कर दो [संगीत] हनुमान जिन प्रभु राम के विनाश के लिए तुमने यह सब किया और आज अपने अंत को देखकर तुम उन्हीं का नाम ले रहे हो तुम जैसे पापियों के हृदय में प्रभु राम का नाम नहीं हो [संगीत] सकता महाबली हनुमान रुक क्यों [प्रशंसा] गए प्रभु आपके नाम ने मुझे रोक लिया है अन्यथा आपको कष्ट पहुंचाने के दंड के स्वरूप अब तक इसका अंत हो गया [संगीत] होता राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम मुझे छोड़ दो हनुमान मुझसे भूल हुई जो मैं लंकेश रावण की बातों में आकर ये सब कर बैठा मेरा नाम लेने के कारण हनुमान ने तुम्हें जीवन दान दिया है तो अब से तुम्हें भी वचन देना होगा पशा राज कि अब से जो भी महावीर हनुमान का नाम लेगा उसके निकट कोई भूत पिशाच नहीं आएगा और ना ही उसे कोई कष्ट देगा मैं वचन देता हूं प्रभु अब से महावीर हनुमान का नाम लेने वालों को कभी भी भूत पिशाच की बाधा नहीं सताएगी [प्रशंसा] मैं ही नहीं पूरा पिशाच कुल मेरे इस वचन का पालन करेगा अब आपका नाम लेने वाले आपकी पूजा करने वाले आपका स्मरण करने वाले किसी भी प्राणी के आसपास भी नहीं जाएंगे भूत और पिशाच भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर का जब नाम सुनावे भूत पिशाच निकट नहीं आवे मवी नाम ट नहीं आवे ना प्रसाद निकट नहीं आवे [प्रशंसा] [संगीत] ना भूत पिछ से निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे ह [संगीत] हनुमान [संगीत] हनुमा [संगीत] हनुमान हनुमान का नाम लेते हीय पिशाच कहां चले [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] गए [प्रशंसा] [संगीत] सुनो तुम सब लोग पिशाच के प्रभाव में हो यदि तुम हनुमान का नाम लोगे तो तुम्हारे ऊपर से पिशाच का प्रभाव हट जाएगा हनुमान हनुमान का नाम लो हनुमान हनुमान हनुमान जो करता हनुमत का ध्यान उस पर कृपा करें प्रभु राम तीन लोक का करते मंगल हनुमत हरिते कष्ट सकल भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे महावीर जब नाम सुनावे भूत पिशाच निकट नहीं आवे श्री नंदन हनुमान की जय संकट मोजन महाबली हनुमान की जय के श्री नंदन हनुमान की जय पिशाच मोचन हनुमान की जय संकट मोचन हनुमान की जय नन हनुमान की जय विस मोचन हनुमान की जय संकट मोचन हनुमान की जय संकट मो हनुमान की जय मेरे प्रिय अयोध्या वासियों आज निहती यज्ञ सफलता पूर्वक संपन्न होने में सबसे अधिक योगदान केसरी नंदन हनुमान [संगीत] का यह हनुमान का बड़पन कि अपने राज्य सुमेरू पर संकट होने के पश्चात भी वो अयोध्या की सुरक्षा करने के लिए शीघ्र लौट आए मैं एवं समस्त अयोध्या नगरी हनुमान की [संगीत] आभारी महाराज इस रिति यज्ञ की सफलता से ही मेरे प्रभु राम जी का युवराज बनना जुड़ा हुआ था और वैसे भी मुझे देवर्षी नारद ने सीख दी थी कि किसी भी समस्या से पूर्णत पार पाना है तो उस समस्या के मूल को ही समाप्त कर दो इसीलिए मैंने पिशाच राज को अपना लक्ष्य बनाया और आप सबको उन पिशाच के आतंक से मुक्ति मिल [संगीत] गई [संगीत] प्रणाम महाराज महाराज आसपास के राज्यों से सूचना प्राप्त हुई है कि उन्हें पिशाच के आतंक से मुक्ति मिल गई है और सुमेरू से भी यही सूचना प्राप्त हुई [संगीत] है [संगीत] अर्थात देवाशी नारद जी ने जो कहा था वह सत्य ही था मेरे सुमेरू से भी पिशाच का आतंक समाप्त हो गया है हा हनुमान तुम्हारे सूझबूझ के कारण अनेक राज्य पिशाच के संकट से मुक्त हो ग यह वानर है बड़ा चतुर सी के कारण मेरे किए कराए पर पानी फिर गया है हनुमान तुम्हारा बुद्धि चातुर्य और पराक्रम के साथ-साथ संस्कार भी प्रशंसनीय है जो तुम्हारी माता ने तुम्हें दिया है यह शाश्वत सत्य है यदि जगत में एक मां चाहे तो अच्छे संस्कार देकर के अपने पुत्र को हनुमान बना सकती है सत्य वचन गुरुदेव हर संतान की माता ही प्रथम गुरु होती [संगीत] है राजन यज्ञ की सफलता के साथ ही अब राजकुमार राम के युवराज पद का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है मेरी गणना के अनुसार युवराज पद के अभिषेक के लिए कल की तिथि सर्वथा उपयुक्त है [संगीत] राम भले ही हो जाए तुम्हारा अभिषेक किंतु मैं चुप नहीं बैठूंगी मंत्री जी जी महाराज पूर्ण भव्यता ए वैभव के साथ इस अभिषेक समारोह का आयोजन होगा संपूर्ण नगर में प्रजा के लिए घोषणा करा दीजिए कि उनके प्रिय राजकुमार राम का अभिषेक [संगीत] है मंत्री जी आप समस्त मंत्रिमंडल के साथ इस समारोह की व्यवस्था प्रारंभ कर दीजिए अवश्य महाराज राम भैया युवराज बने और मैं बनूंगा इनका प्रधान अंगरक्षक [संगीत] मैं भैया पर कभी भी कोई संकट नहीं आने दूंगा और मैं राम भैया का प्रधान सचिव [संगीत] बनूंगा और हनुमान तो प्रभु राम का सेवक है और सेवक तो राम काज के लिए सदैव प्रस्तुत [संगीत] रहेगा और भरत भैया आप क्या [संगीत] [संगीत] बनोगे एक राजा की कीर्ति चार और विस्तारित करने में राज्य की सुधीर सेना और सेनापति का योगदान प्रमुख होता है यदि भैया मुझे योग्य समझे तो मैं भैया का सेनापति बनना चाहूंगा महारानी क देख लो आपका लाडला राम ु आज बनेगा और भरत बनेगा उनका [संगीत] सेवक भरत लखन शत्रुगन तुम सब मेरी जीवन दीप की ज्योति हो तुम सबके साथ मेरा जीवन सदैव आलोकित [संगीत] रहेगा राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम शी श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम हनुमान तुम्हें ही तो मेरी जीवन दीप की ज्योति को आंधियों से बचाना [प्रशंसा] है मंगल मूर्ति अंजनी नंदन जय हनुमान जय श्री राम बोलो रघुवर नंद जय श्री राम जय हनुमान जय हनुमान जय हनुमान जय अख ज श्री राम बोलो के ज श्रीराम जय श्री राम बोलो के

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...