Tuesday, 6 January 2026

हनुमान जी और अक्षयकुमार में घमासान युद्ध Nirbhay Sankat Mochan Mahabali Hanuman 395 Pen Bhakti

[संगीत] प्रहस्त तुम्हारे पुत्रों का प्रतिशोध मेरा पुत्र लेगा धुर तो बानर से तुम्हारे पुत्रों ने जिस कार्य के लिए अपने प्राण गवाए हैं उस कार्य को मेरा पुत्र पूर्ण करेगा धरा शही कर देगा उस वानर को [संगीत] [संगीत] आ स्वामी प्रभु श्री राम रक्षा कीजिए अपने [संगीत] द हनुमान हनुमान उठो हनुमान उठो हनुमान उठो हनुमान रा शी राम जय जय श्री राम राम श्री राम श्री जय जय श्री राम राम श्री राम श्री जय जय श्री राम राम श्री राम जय जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम [संगीत] [संगीत] प्रतीत होता इस बार किसी विशेष योद्धा को भेजा है रावण ने तो यह है वह दंडवा मेरे महा घातक बाणों के प्रहार से भी बच गया है यह तो इसने मुझ पर प्रहार किया था यह तरुणा वस्था अवश्य ही यह लंका का कोई राजकुमार [संगीत] है उस वानर के पार्श्व में देवताओं की शक्ति कार्य कर रही है कहीं अक्ष कुमार की भी नहीं नहीं अक्ष कुमार महा भट भीता [संगीत] है [संगीत] [संगीत] ना जाने क्या होगा इस युद्ध का परिणाम सावधान नर मुझे कोई साधारण योद्धा समझने की मत कर लेना अक्ष कुमार हूं मैं लंकेश महाराज रावण का कनिष्ठ पुत्र अक्ष कुमार जिसके बढ कभी अपने लक्ष्य से नहीं चूकते मेरे प्रचंड क्रोध का सामना तुम नहीं कर पाओगे वानर मेरी युक्ति सफल हो रही है अंततः रावण ने अपने पुत्रों को युद्ध करने के लिए भेजना आरंभ कर दिया है समय आ गया है शीघ्र अति शीघ्र अपना मुख्य प्रयोजन सिद्ध करना होगा मुझे सखा मेरी गदा कहां [संगीत] है [संगीत] हम हम अक्षय कुमार रावण के कनिष्ठ पुत्र किंतु तुमने यहां तक आने में इतना विलंब क्यों किया मैं जिनका दूत हूं उन प्रभु श्रीराम की शक्ति के प्रताप से भयभीत हो गए थे क्या जिसका प्रदर्शन मैंने अभी किया था मैं बताऊंगा तुम्हें वानर कि भयभीत कर देने वाली शक्तियां होती क्या है संभालो मेरे प्रचंड बाणों के प्रहार को [संगीत] वानर [संगीत] अच्छा तो इन मायावी प्रेतों से भयभीत करना चाहते हो तुम मुझे अब देखो इन प्रेतों का क्या हाल करता [संगीत] हूं मुखला की ग अच रचना जगत के जैसे सुम अनुग्रह तुमरे जय हनुमान ज्ञान पुण सागर जय लोक उगर जय हनुमान जन [प्रशंसा] [संगीत] सा मेरे बाणों के प्रहार से तो तुम बच गए वानर परंतु मेरे मायावी बार से अब तुम नहीं [संगीत] बचोगे [संगीत] [प्रशंसा] ब वनर का ध्यान मेरे जलाए हुए अस्त्र पर केंद्रित है इस अस्त्र की ओर जब तक इसका ध्यान जाएगा तब तक तो इस वनर का अंत हो ही [प्रशंसा] जाएगा अच्छा मेरा ध्यान भटकाने का प्रयास मुझसे [संगीत] चतुराई अब देखो अक्ष कुमार तुम्हारा प्रहार कैसे विफल करता हूं [संगीत] मैं [संगीत] [संगीत] अब आनंद आया युद्ध करने का रावण ने अब एक अच्छा योद्धा भेजा है जो शक्ति के साथ बुद्धि से भी कार्य करता है मेरे बहारों को विफल कर देना किसी साधारण वानर के वश से बाहर है पिता श्री का अनुमान सत्य है कि इस वानर को देवताओं ने शक्तियां देकर यहां भेजा है इस पर दिव्य अस्त्रों का प्रयोग करना होगा अन्यथा यह संकट बन सता है मेरे लिए अश्व इस वानर के चारों और तीव्र गति से घूमो अब देखता हूं इस त गति के र से कैसे बचते हो तुम अब यह क्या कर रहा [प्रशंसा] है अब यह क्या कर रहा है ओ अक्षय कुमार हनुमत लाई अनगिन बान से चक्र बनाई सई का पीपल भर महा अरज अ कुमार यह देखवा यलो बानर द नर तुम मेरे बाणों के मकड़ जाल में फस चुके हो देखा तुमने लंकेश पुत्र अक्ष कुमार के बाणों का प्रहार राक्षसी शक्ति का प्रहार बा का बवंडर है ये इसमें फस कर तेरा अंत हो जाएगा [प्रशंसा] वानर सुना राजकुमार अक्ष ने उस वानर को अपने तीव्र बाणों के बवंडर में घेर लिया है त्रिजटा तुमने तो कहा था कि वो पूरे लंका का विनाश करेगा किंतु मुझे उसका ही विनाश दिखाई दे रहा है मैंने अपनी आंखों से देखा है बाणों के ऐसे मृत्यु चक्र में फसने जा रहा है वो वानर जहां से उसके बचने का कोई मार्ग नहीं अब तुम्हारी सारी आशाएं समाप्त मिथिला कुमारी क्योंकि आखेट करेंगे हमारे राजकुमार उस वानर का समाप्त हो जाएगा वो वानर और तुम्हारी सूचना तुम्हारे पति को देने वाला अब कोई नहीं बचेगा जो स्वयं प्रभु श्री राम के बाण की वरी गति के समान यहां आए हैं अक्ष कुमार के तीव्र भान उनका क्या हित कर [संगीत] पाएंगे दयसी वानर तुम मेरे बाणों के मकड़ जाल में फस चुके हो देखा तुमने लंकेश पुत्र अक्ष कुमार के बाणों का प्रहार राक्षसी शक्ति का प्रहार दुष्ट जन कितनी भी शक्ति का प्रयोग क्यों ना कर ले भक्ति भाव से प्रभु श्री राम नाम का स्मरण करने वाले को कभी कोई क्षति नहीं पहुंचा सकते जय श्री राम प्रत्येक विपत्ति का एक ही मंत्र जय श्री राम प्रत्येक विपत्ति का एक ही मंत्र जय श्री राम [संगीत] असंभव वायुवेग से गतिमान मेरे बाणों के अभेद चक्र को खंडित कर दिया इसने कौन है यह विलक्षण [संगीत] वानर जय श्री [संगीत] राम जय श्री राम रावण के पुत्र में इतनी ही शक्ति बस चली मायावी व दंड वानर अब देखता हूं कि तुम मेरे घातक अत्र से अपना बचाव कैसे करते हो इस युद्ध में हनुमान को क्रीड़ा का आनंद आ रहा है अब देखता हूं यह राक्षस योद्धा क्या करता [संगीत] है मुझे इससे बचना होगा इस घातक अस्त्र से भी बच गया [संगीत] यह भयंकर अस्त्र तो माता सीता की ओर बढ़ रहा है संकट का आभास माता सीता के कोमल हृदय को अकारण ही वेदना [संगीत] पहुंचाएगा उनको ज्ञात हुए बिना ही मुझे इस प्रक्षेपास्त्र को उन तक पहुंचने से रोकना होगा [संगीत] हनुमान अपने शरीर से बाधित कर रोकेगा इस अस्त्र को जय श्री [संगीत] [संगीत] राम हम जय श्री राम जय श्री राम अच्छा तो ये वानर उस वाटिका में बंधी स्त्री को बचाने के लिए इतना अधिक चिंतित है कि उसकी रक्षा हेतु मेरे मार्ग प्रक्ष पास्त्र से टकरा करर उसे स्वयं के भी प्राण गवाने की कोई चिंता नहीं है जय श्री राम जय श्री राम [संगीत] योद्धा कितना भी शक्तिशाली हो व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली हो यदि वह अधर्म के साथ है तो अंततः उसकी पराजय निश्चित है

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...