[संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] प्रतीत हो रहा है कि कोई हनुमान को भ्रमित करने की चेष्टा कर रहा है कहीं राधा रावण का कोई गुप्तचर तो नहीं परंतु यह कैसे ज्ञात हो कि जो दृश्य पूर्व में प्रस्तुत हुआ वह भ्रम था या यह जो अब दिखाई दे रहा है मुझे सत्य जानने का प्रयत्न करना चाहिए यदि यहां किसी सज्जन राम भक्त का निवास है तो वो मुझे माता सीता तक अवश्य पहुंचा [संगीत] देंगे राम राम जय राजा राम राम राम जय सीताराम दशरथ नंदन राजा राम असुर निकंदन सीताराम राम राम जय राजा राम रघुपति राघव राजा राम राम राम जय राजाराम राम राम जय [संगीत] सीताराम राम राम जय राजा राम राम राम जय सीताराम दशरथ नंदन राजाराम असुर निकंदन [संगीत] सीताराम राम राम जय राजा राम रघुपति राघव राजा राम राम राम जय राजा राम राम राम जय सीताराम [संगीत] राम राम जय राजा राम राम राम जय सीताराम दशरथ नंदन राजा राम असुर निकंदन सीताराम इस लंका में इस समय मेरे सिवा और कौन प्रभु श्री राम के नाम का जाप कर सकता है राम राम जय राजा राम रघुपति राघव राजा राम राम राम जय राजा राम राम राम जय सीताराम भविष्य को ल कर रहा है जसे मेरी राम भक्ति प्रत्यक्ष रूप में सबके सामने आ जाए जय जय श्री राम जय श्री राम जय जय श्री [संगीत] [प्रशंसा] राम [संगीत] कौन है आप और यहां मेरे द्वार के पास क्या कर रहे हैं और क्या नाम है जिसकी महिमा आप गा रहे हैं यह वही नाम है जो भक्तों को प्राण वायु प्रदान करता है और पापियों को मृत्यु ये वो नाम है जो इस जग का ही नहीं अपितु समूचे ब्रह्मांड का आधार है संसार की रचना सृष्टि का विस्तार सब इसी नाम से संभव है यही नाम जीवन का स्रोत है और इसी नाम में जग का उद्धार निहित है और उस नाम से आप भी परिचित है राम इस नाम की य लंका में कोई मान्यता नहीं है यदि जीवित रहना चाहते हैं तो जहां से आए हैं वही लौट जाइए राम राम राम राम [संगीत] राम अवश्य ही यह कोई मायावी गुप्तचर [संगीत] है ये सब क्या है और आप मुझे इससे क्या जताना चाहते जैसे पुष्प कितना भी प्रयत्न करें परंतु उसकी सुगंध कभी नहीं छिप वैसे ही कोई भक्त अपनी भक्ति को कितने भी परतो से ढक ले उसे कभी नहीं छिपा सकता प्रभु श्री राम की भक्ति ना आप छिपा सकते हैं और ना ही मैं जय श्री राम जय श्री राम यदि आप मुझे रावण का कोई गुप्तचर समझ रहे हैं तो आप निशंक हो जाए मैं वो नहीं हूं मैं तो मात्र एक राम सेवक हूं हनुमान हनुमान हनुमान हे राम भक्त कृपया आप भी इस राम सेवक को अपना शुभ परिचय देने की कृपा करें अ आप भीतर [संगीत] आइए यहां लंका में राम नाम का उच्चारण करने वाले राम भक्त सुरक्षित नहीं तो आपको विश्वास हो गया कि मैं भी प्रभु श्री राम का भक्त हूं इतने विनीत स्वर में इतनी मधुरता से प्रभु श्री राम नाम की महिमा का वर्णन करने वाला उनका कोई श्रेष्ठ भक्त ही हो सकता है हे राम भक्त हनुमान कृपया इस आसन पर विराजमान होईए मुझे क्षमा करें मैं एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए यहां आया हूं जब तक वो कार्य पूर्ण हो जाए मैं ना तो भोजन वि हे राम भक्त कृपया अपना परिचय देकर मुझे कृतार्थ करें मैं लंकेश रावण का अनुज राधा विभीषण जो यहां रहते भी प्रभु की भक्ति में लीन रहता है आप अवश्य विचार कर रहे होंगे कि राक्षस होते हुए भी मेरे हृदय में प्रभु श्री राम की भक्ति की ज्योति कैसे प्रचलित हो रही है आप अचित ना हूं राम भक्त बंधु मैंने प्रभु ब्रह्मा जी से तपस्या कर भक्ति का वरदान ही मांगा था परम पिता मा मुझे भक्ति और श्रद्धा का ही वरदान दीजिए [संगीत] था और मुझे ज्ञात है कि प्रभु श्री नारायण प्रभु श्री राम के रूप में ही इस पृथ्वी पर अवतरित हुए हैं इसीलिए मैं उन्हीं का नाम जपता रहता हूं परंतु इन कुटिल राक्षसों के बीच एक राम भक्त कैसे रह सकता है उचित प्रश्न बंधु ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार दांतों के बीच में जिव्या रहती है वैसे ही मैं भी इन अधर्म के बीच में रहता हूं और प्रभु श्री राम के नाम का स्मरण करता हूं हे भक्त श्रेष्ठ अब आप मुझे अपने बारे में विस्तार से बताने की कृपा करें मैं भक्त श्रेष्ठ नहीं मात्र एक शुद्र भक्त हूं भगवान श्री राम का उन्हीं का दूत हूं मैं और यहां माता सीता को ढूंढने आया [संगीत] हूं प्रभु श्री राम के दत्र आप धन्य है जो आपको प्रभु श्री राम के दूत बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ और मेरा दुर्भाग्य देखिए इस राक्षस कुल में जन्म लेने के कारण मैं तो प्रभु के समीप जाने के सुख प्राप्त करने की कल्पना भी नहीं कर सकता ऐसा ना कहे प्रभु श्रीराम अपने भक्तों में भेद नहीं करते कुल परिवार उनके लिए निरर्थक है व्यक्ति के गुण ही उनके लिए सर्वोपरि है मुझे देखिए एक वानर होते हुए भी उन्होंने मुझे अपने चरणों में स्थान दिया है और उनका नाम लेकर मैं माता सीता को ढूंढने इतने विशाल सागर को पार कर यहां तक आ [संगीत] गया भीषण जी प्रभु माता सीता की विरह वेदना से त्रस्त है और माता सीता भी यहां अत्यंत पीड़ा में होंगे इसलिए मेरा उनको ढूंढना अति आवश्यक है विभीषण जी प्रभु श्री राम की विरा वेदना का कारण मेरा ही अग्रज रावण मैंने उन्हें समझाने का बहुत प्रयत्न किया परंतु उन्होंने मेरी एक ना सुनी मेरा दुर्भाग्य देखिए प्रभु श्री राम का भक्त होने के पश्चात उनके किसी कार्य नहीं आ सका [संगीत] आप उदास मत होइए मुझे विश्वास है आप जो कुछ भी करने में सक्षम थे आपने अवश्य किया [संगीत] होगा परंतु दम भी रावण की कुबुद्धि ने उसे कुछ भी समझने में असमर्थ कर दिया है आप निश्चिंत रहे पाप और पापी दोनों का अंत अवश्य होता है अब रावण का विनाश काल भी समीप आ गया है उसे अवश्य प्रभु के हाथों उसके दुष्कर्म का दंड मिलेगा परंतु यदि आप राम काज में सहायक बनने के इच्छुक हैं तो कृपा कर मुझे यह बता दीजिए कि माता सीता कहां स्थित है अवश्य बताऊंगा किंतु जहां तक मुझे ज्ञात है वो स्थान तो पूर्णता राक्षस सुरक्षा के घेरे में यदि आप वहां तक पहुंच भी गए तो वहां से लौट कर आना असंभव है उसकी चिंता आप ना करें श्री राम के नाम में इतनी शक्ति है कि उस नाम का उच्चारण ही सब संकट दूर कर देता है आप मुझे मात्र इतना बता दें कि मुझे यहां से किस ओर और कहां जाना [संगीत] है आप इस दिशा की ओर जाइए कुछ दूरी पर सभी प्रकार के वृक्षों से परिपूर्ण एक वाटिका आएगी वह अशोक वाटिका है वहीं पर माता सीता उपस्थित [संगीत] [संगीत] है [संगीत] मुझे आज्ञा दे भक्त विभीषण मैं शीघ्र ही अपना प्रयोजन सिद्ध करने में सफल होकर प्रभु श्री राम के निकट लौटू [संगीत] [संगीत] कुछ ही समय पश्चात वह क्षण आएगा जिसकी प्रतीक्षा हनुमान को थी शीघ्र ही उसे माता सीता के दर्शन प्राप्त होंगे फिर मैं उन्हें सभी घटनाओं का संपूर्ण विवरण दूंगा और विस्तार से प्रभु श्री राम की स्थिति भी बताऊंगा माता सीता हनुमान को देखकर अवश्य प्रसन्न होंगी [संगीत] हनुमान तो उसी दिशा में बढ़ रहा है जिस दिशा में विभीषण जी ने भेजा था परंतु अभी तक कोई वाटिका दृष्टि गोचर क्यों नहीं हो [संगीत] रही [संगीत] हे माता आप कहां स्थित है यह ज्ञात होने के पश्चात भी मैं आपको क्यों नहीं ढूंढ पा रहा हूं माता क्या मैं इस योग्य ही नहीं कि मैं आपको ढूंढ सकूं क्या अपने नेत्रों से आपके दर्शन किए बिना आपके अपने मुख से आपका समाचार पाए बिना हनुमान को निराश हृदय से प्रभु श्री राम के पास लौटना [संगीत] होगा नहीं नहीं यदि प्रभु श्री राम और भैया लक्ष्मण से जाकर हनुमान ने य समाचार दिया कि वो लंका से असफल होकर लौट आया है तो इस विषद से ग्रस्त होकर प्रभु श्रीराम अपने प्राण त्याग देंगे फिर फिर पूर्ण रूप से अपने अग्रज प्रभु श्री राम के प्रति समर्पित भैया लक्ष्मण भी कैसे जीवित रह पाएंगे और उनकी प्रतीक्षा कर रहे उनके भ्राता भरत और शत्रुगन भी यह शोक समाचार सुनकर अपने प्राण छोड़ [संगीत] देंगे मैं नहीं चाहता था कि मैं असफल होकर वापस लौटू और सुग्रीव काका मुझे मृत्यु दंड दे दे युवराज अंगत तो पूर्व में ही असफल होकर किष्किंधा नहीं लौटना चाहते थे वो भी स्वतः अपने प्राणों का त्याग कर देंगे अपना वचन पूर्ण ना कर पाने से निराश होकर महाराज सुग्रीव भी अपने प्रणात कर लेंगे कोई भी शेष नहीं रहेगा और इस सर्वनाश का कारण होगी मेरी [संगीत] असफलता नहीं हनुमान य कदा नहीं होने देगा मेरा सफल होना अनिवार्य है राम काज में असफलता का कोई स्थान नहीं है राम भक्त हनुमान असफल होकर नहीं लौट सकता मुझे प्रत्येक कठिनाई पर विजय प्राप्त कर माता सीता को ढूंढना ही [संगीत] होगा श्री राम नाम का स्मरण कर पुनः इस कार्य में लगना ही होगा और अपने जीवन के को प्राप्त करना ही होगा जय श्री राम जय श्री राम जय श्री [प्रशंसा] [संगीत] राम एक वाटिका जिसके चारों ओर अभेद सुरक्षा है मुझे विश्वास है कि यह अवश्य अशोक वाटिका ही होगी जिसका वर्णन राम भक्त विभीषण ने किया था जय श्रीराम [संगीत] [संगीत] ये कैसी अद्भुत वाटिका है जहां चारों ओर भांति भांती के वृक्ष जो फलों से परिपूर्ण है अनेक प्रकार के सुंदर और सुगंधित पुष्प हैं ऐसा अनुपम सौंदर्य तो कल्पना से भी परे है परंतु हनुमान तो यहां पर माता सीता को ढूंढने आया है हम उस ओर देखता [प्रशंसा] [संगीत] हूं कार्य के मध्य में कभी भी निराशा को हावी नहीं होने देना चाहिए आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए
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