Wednesday, 7 January 2026

हिडिम्बा की मुलाकात भीम से कैसे हुई थी Mahabharat (महाभारत) Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] महाभारत एक दो तीन चार पांच छह छह जा हि डंबा पांच को बांध करके रख दे और एक भड़ी फड़क कर मेरे लिए लेकर के आ जय डंबा भैया तुम्हें पता है मनुष्य का मांस मुझे अच्छा नहीं लगता क्या बात करती है राक्षस हों का मनुष्य मांस नहीं खाएगी तेरे ससुराल वाले तेरी नाक चुटिया काट करके तुझे घर से बाहर निकाल देंगे तेरे लगन में मैं दो मनुष्य मांस का प्रबंध करूंगा ताकि सारी राक्षस जाति में धूम मच जाए सब कहेंगे कि बहन का ब्याह किया तो हिजाम बने भैया जा तू मत खाना पर मेरे लिए तो लेकर के जा जा जाती हूं [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] देख भीम के रूप को भूली अपना भान प्रेम उदय मन में हुआ हटा ना पा ध्यान हटा ना पाई ध्यान करे ही डिंबा प्रार्थना भरे हृदय में पीर महादेव वरदान दो वरे मुझे यह वीर वरे मुझे यह [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] वीर [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] है तो हटता कटता तू क्या अकेले ही खा जाना चाहती है मनुष्य देखकर राल टपक आई आज के भोजन के लिए यही बहुत है ऐसा ना कहो भैया इसे तो मैं अपना हृदय दे बैठी हूं क्या अपने कुल की मर्यादा का ध्यान नहीं तुझे जो मनुष्य जाति को हृदय दे बैठी सारी राक्षस जाति में थू थू करवाएगी मेरी प्रेम जाति का भेद नहीं मानता भैया [संगीत] गुल नारी जाति पर हाथ उठाते लज्जा नहीं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आती [प्रशंसा] [संगीत] हो ल [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ल [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] अ [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नहीं अर्जुन एक से दो का युद्ध करना युद्ध के नियमों का उल्लंघन [प्रशंसा] है [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] ला [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] देवी अब तुम निर्भय होकर जा सकते हो जिस राक्षस ने तुम पर हाथ उठाया था उसको मैंने यमलोक भेज दिया है ये राक्षस मेरा भाई था वीर [संगीत] पुरुष भीम भीम मेरे पुत्र तू ठीक तो है ना मैं ठीक हूं माता श्री हे देवी मुझे अपने इस पुत्र की सेवा के लिए स्वीकार कीजिए जोड़ी तो अच्छी रहेगी माता श्री जी आपके दुलार ने इसे बहुत बिगाड़ दिया माता श्री कहा तो इसने ठीक ही था अनुज भता श्री आप भी तुम्हारा नाम क्या है मेरा नाम हिडिंबा है और यह था मेरा भाई हिम मुझे अपने चरणों में शरण दीजिए देवी इसमें कोई आपत्ति तो नहीं है माता श्री यह तो स्वयं हम सभी ने देखा है कि अपने भाई भीम के युद्ध में यह राक्षस कन्या मेरे अनुज ही का साथ दे रही थी तो इस कारण तो अनुज भीम पर इसका भी अधिकार सिद्ध हो जाता है परंतु भीमसेन को हम यहां तो नहीं छोड़ सकते और इस राक्षस कु कन्या का निर्वाह हमारे साथ कठिन लगता है यदि आपके ज्येष्ठ पुत्र का यही विचार है तो हे देवी मुझे अपने चरणों में प्राण त्यागने की आज्ञा दीजिए परंतु जन पर तो किसी का अधिकार नहीं होता तो आपके जेष्ठ पुत्र मुझे मेरे जन्म का दंड क्यों दे रहे हैं प्रेम अवश्य मेरा अपना है और यदि इसमें कोई खोट हो तो अवश्य मुझे धुत का दीजिए डंबा मेरा पुत्र भीम सदैव ही तो तुम्हारे साथ रह नहीं सकता मैं यह जानती हूं देवी संतान वती होते ही आपके पुत्र को आपके पास पहुंचा दूंगी क्या आदेश है माते धर्म क्या कहता है पुत्र आप जैसी माता का आदेश ही परम धर्म है आपके चरणों में हूं माते मेरी रक्षा कीजिए सौभाग्यवती भवा पुत्रवती भवा बधाई हो मजले भैया तनिक भाभी की ओर देखो छोटे भैया मैं निश्चिंत हूं कि मजले भैया को ससुराल में भजन का कोई कष्ट नहीं होगा तो तुम भी चलो लल्ला साथ भर पेट खिलाऊंगी महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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