[संगीत] महाभारत यह तो ऋषि दुर्वासा है अपने क्रोध को चिपा लो प्रिय नकुल नहीं तो यह समझेंगे क्या हम इनके आने से प्रसन्न नहीं [संगीत] हुए प्रणाम ऋषिवर कल्याण मस्तु हमारी कुटिया में चलकर उसकी शोभा बढ़ाई ऋषिवर ऋषि शोभा बढ़ाने की वस्तु नहीं होते राजन मैं क्षमा चाहता हूं ऋषिवर यदि तुम कुंती पुत्र ना होते तो मैं तुम्हें क्षमा ना करता मैं तो हस्तिनापुर गया था वहां दुर्योधन ने मेरी बड़ी सेवा की और फिर हाथ जोड़कर बोला कि भ्राता युधिष्ठिर भी निकट है उन्हें भी आशीर्वाद देते जाइएगा इसलिए मैं तुम्हें आशीर्वाद देने चला आया ऋषियों के पधारने से तो हमारे सौभाग्य के द्वार खुल [संगीत] गए स्नान के पश्चात हम लोग भोजन करेंगे राजन भोजन का प्रबंध करो जो आज्ञा ऋषिवर [संगीत] राधा श्री अब भोजन कहां होगा हां अब तक तो पांचाली भी खा चुकी होगी यह तो भ्राता दुर्योधन की और एक भेंट है वह जानते हैं कि पांचाली के खाने के उपरांत कोई भोजन शेष ना होगा और यदि कोई भोजन बचाना हो तो फिर ऋषि दुर्वासा का क्रोध चलो अनुज [संगीत] [संगीत] पांचाली क्या हुआ पांच छ शिष्यों के साथ ऋषि दुर्वासा आ गए हैं तो चिंता क्यों वह लोग स्नान करने गए हैं आकर भोजन करेंगे हां भोजन भला किसने कभी यह सोचा होगा कि इंद्रप्रस्थ की सम्राट यह सुनकर चिंता में भी पड़ सकते हैं कि उन्हें पांच छह ब्राह्मणों को भोजन करवाना है और इंद्रप्रस्थ की पटरानी की रसोई में इस चावल के एक दाने के अतिरिक्त कुछ है ही नहीं हे कृष्ण यह तो ये तो ऋषि दुरसा है [संगीत] पांचाली प्रणाम बड़े भैया ओ वासुदेव लगता है आप लोग मेरे आने से कुछ प्रसन्न नहीं हुए नहीं नहीं यह आपने क्या कह दिया हमारे जीवन में आपके आने के अतिरिक्त प्रसन्नता का कोई कारण अब रह क्या गया है मेरी सुभद्रा कैसी है पहले कुछ खिलाओ तब बताओ बड़ी भूख लगी है कृष्ण पात्र में एक चावल का दाना रह गया है उसी में से आधा आप खा लीजिए और आधा संसार को खिला [संगीत] दीजिए यह तो बहुत है कृष्ण अब चलना चाहिए ऋषिवर महारानी भोजन के लिए प्रतीक्षा कर रही होंगी हां रिसीवर अब तो भूख बहुत तीव्र हो चुकी है हम चलो ओम नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय ओ नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय ओ नमः शिवाय नमः शिवाय [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] बड़े आश्चर्य की बात है ऋषिवर बिना खाए ही पेट भर गया ऐसा क्यों कह रहे हैं ऋषिवर अभी तो भर पेट खीर ही खाई है मुंह में स्वाद तो खीर ही का है और नींद भी आर नींद की मत सोचो कोई बुलाने आ गया तो क्या करोगे निकल [संगीत] चलो स्वा त [संगीत] वितु तुमने बड़ी उत्तम खीर बनाई थी कृष् ने नींद आने लगी तो सो जाइए वासुदेव यही तो कठिनाई है बड़े भैया मैं सो ही तो नहीं सकता अनुज सहदेव तनिक देखो तो भैया ऋषिवर का स्नान समाप्त हुआ कि नहीं जी भ्राता श्री अरे बैठो सहदेव उन्हें कोई बुलाता थोड़ी है यदि उन्हें आना होगा तो स्वयं ही आ जाएंगे उन्होंने भोजन के लिए कहा था वासुदेव तब उनका यही निर्णय रहा होगा फिर किसी और के अतिथि बन गए होंगे महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महा भार
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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
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