[संगीत] [संगीत] हमारे ही राज्य में आकर हमारे ही महाराज पर दोषारोपण करने वाले इस नाग बालक ने ना केवल हमारे महाराज का बल्कि हम सभी गरुड़ का भी अपमान किया है हम नाग मेघसर को मुक्त नहीं करना चाहते थे किंतु जब आपने हमारे पिता श्री नागराज पंचन का अपहरण कर लिया यह दंड का पात्र है और इसे दंड अवश्य मिलना चाहिए रुक जाइए [संगीत] देखिए सभा में विचार विमर्श होता है आप अपना पक्ष रखिए किंतु किसी भी प्रकार से मेरे मित्र को हानि पहुंचाने की चेष्टा अनुचित [संगीत] होगी शांत हो जाइए शांत हो जाइए सभा की मर्यादा का उल्लंघन ना कीजिए हनुमान तुम अपने मित्र के पक्ष में क्या कहना चाहते हो महाराज सर्वप्रथम तो यह कि मेरा मित्र [संगीत] अवैदिस के अपहित होने से दुखी होकर उन्हें यहां ढूंढने आया है बालक है नि हत्था है आप सबसे दुर्बल [संगीत] है महाराज ऐसे में यह कैसे आपके लिए संकट बन सकता है बात दुर्बल या सबल की नहीं है हनुमान यह नाग हमेशा हमसे बैर रखते आए हैं और यह नाग पुत्र है सेनापति जी हमारे संस्कार में तो घर अतिथि को देवता मानकर उनका सत्कार करते हैं और यहां एक दुखी और दुर्बल बालक के प्राण लेना चाहते हैं आप महाराज यह कैसे संस्कार है कैसा न्याय है ये बात संस्कार या न्याय की नहीं है बात हमारी सुरक्षा में सेंध की है यह नाग बड़े ही धूर्त होते हैं इन्हीं के एक साथी मेघसर ने ना जाने हमारे कितने पक्षियों के प्राण हर [संगीत] लिए उन्हे जीवित ही निगल गया वो धूर्त सेनापति जी नाग भूषण उन्ही पंचन का पुत्र है जिन्होंने मेघसर को बंदी बनाया [संगीत] था गरुड़ और नागों की शत्रुता समाप्त करके शांति स्थापित की थी और आज उनके अपहित होने पर उनका नन्हा सा पुत्र अपने प्राण संकट में डालकर उन्हें ढूंढने निकला है आपको तो उसकी सहायता करनी चाहिए ना कि दंड देना चाहिए हनुमान हमारे महाराज पर मिथ्या आरोप लगाने वाले को हम अवश्य दंड देंगे चाहे ये किसी का भी पुत्र हो या फिर कोई बालक ही हो आप भी बताइए क्या मैंने कुछ अनुचित कहा है नहीं उचित कहा है आपने दंड का पात्र है ये नहीं उचित कहा है और यह भी तो हो सकता है यह नाग बालक अपने पिता के अपहरण की मिथ्या कहानी गणकर हमारे रहस्य को जानने के लिए गरु लोक में आ गया हो जो कि उसे हनुमान की सहायता से ज्ञात भी हो चुका है और अब यह बाहर जाकर हमारे रहस्यों को हमारे शत्रु नागों को बता देगा जो हम कताप नहीं होने देंगे अब ये गरुण राज्य के बाहर नहीं जा सकता सेनापति जी ये करोड़ों का रहस्य जानने नहीं आया है अभी तो यह आप सबको अवगत कराने आया है मेघा सुर नाग सेना को युद्ध के लिए सचित कर रहा है और किसी भी समय वो यहां युद्ध करने पहुंच सकता है यदि दोनों और से युद्ध छिड़ गया तो सैकड़ों गरुड़ और नागों के प्राण जाएंगे हमें अपने प्राणों का भय नहीं है हनुमान किंतु इस नाग बालक के प्राण लेकर ना तो आप वीर कहलाएंगे और ना ही आपको कुछ प्राप्त [संगीत] होगा यही उचित होगा कि नागों और गरुड़ के मध्य होने वाले युद्ध को रोका जाए कि आप किसी भी प्रकार का गरुड़ और नागों में युद्ध होने वाले को [संगीत] रोके यह सबका जीवन बचाना चाहता है और आप सब इसके जीवन का अंत करना चाहते [संगीत] हैं यह क्या हो रहा है कोकाट वरदान प्राप्त है मुझे मेरा सामना करने जो भी मेरे समक्ष आएगा उसकी देह की आदि शक्ति मुझ में समा हित हो जाएगी मुझ महानतम वाली के समक्ष एक क्षण भी टिक नहीं पाओगे तुम कोक [प्रशंसा] [संगीत] कोकाट अब राजा मैं हूं मेरे आदेश का पालन करो बंदी बना लो इन् बंदी बना लो इ महाराज अब व्यर्थ के वाद विवाद की आवश्यकता नहीं है आप शीघ्र इस नाग बालक को बंदी बनाकर दंड दीजिए यह हमारी सुरक्षा के लिए आवश्यक है किंतु किस आधार पर आप इसे दंड देने की बात कर रहे हैं सबसे बड़ा आधार तो यह है कि यह हमारे शत्रु पक्ष का है और अब तो हमारे रहस्य को भी जान गया है फिर हम कैसे मान ले कि यह बालक जो कह रहा है वह सत्य कह रहा है तो भूषण कैसे मान ले कि गरुड़ ने उसके पिताश्री का अपहरण नहीं किया है इसने स्वयं अपने नेत्र से जटायु महाराज को देखा था अपने पिताश्री का अपहरण करते हुए महाराज जटायु एक बालक अपने प्राण संकट में डालकर आप सबके मध्य आया है क्या ये इसकी सत्यता का प्रमाण नहीं है जय जय नागा जय जय मेगा जय जय नागा जय जय मेगा हनुमान जब मैं स्वयं कह रहा हूं कि मैंने पचपन का अपहण नहीं किया है तो क्या यह इस नाग बालक के लिए विश्वास करने की बात नहीं है हां हां महाराज सत्य कह रहे [संगीत] हैं मित्र भूषण मुझे महाराज के कथन पर पूर्ण विश्वास है महाराज मुझे तो शंका हो रही है किसी तीसरे व्यक्ति ने मायावी छल करके यह कृत्य किया है महाराज हनुमान को यह प्रतीत होता है नाग और गरुड़ की मित्रता के मध्य फिर से कोई शत्रुता के बीच बो रहा है हो सकता है ऐसा संभव हो और हां किसी ने भी मेरे मार्ग में आने का साहस किया तो उसे मेरे साथ युद्ध करना पड़ेगा नहीं वाली भैया आप पिता श्री के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं क्षमा करें महाराज मैं विवश हूं यह अनैतिक है वाली भैया भले ही मेरे प्राण क्यों ना चले जाए मगर मैं ऐसा नहीं होने दूंगा शांत रहो सुग्रीव [संगीत] आ आ [संगीत] [संगीत] इस प्रकार क्या देख रहे हैं आप सब जय जयकार नहीं करेंगे बोलिए महतम युवराज वाली की जय महतम युवराज वाली की जय महतम युवराज वाली की जय महानतम महाराज वाली की जय बोलिए महतम महाराज वाली की जय महतम महाराज वाली की जय महतम महाराज वाली की जय महतम महाराज वाली की जय महत महाराज वाली की जय कोक पूर्व राजा का कार्य अब पूर्ण हो चुका है अब वह हमारे विरुद्ध कोई षड्यंत्र ना रचे इसलिए उन्हें कारागार में भेज दीजिए किंतु पूरे सम्मान के साथ पिता श्री है हमारे [संगीत] भैया आप कहां चल दिए मंत्री [संगीत] जी आपको अभी महानतम महाराज वाली ने जाने की अनुमति नहीं दी आप जाकर वन संघ में सभी राजाओं की सभा बुलाने की व्यवस्था कीजिए और उन्हें यह अवश्य सूचित किया जाए कि सभी का आना अनिवार्य है और यह महानतम महाराज वाली का आदेश है सबके लिए महाराज नागों और गरुड़ में यदि युद्ध हो गया तो र् हो जाएगा हमें इनके बीच ना पढ़कर उन्हें रोकने का एक उपाय करना होगा हनुमान नागों में इतना साहस नहीं कि वो हम गणों पर आक्रमण करने की भूल कर सके किंतु हमें इस नाग बालक पर निर्णय लेना होगा जय जय नागा जय जय मेगा जय जय नागा जय जय मेगा विषर विकराल हूं मैं शत्रुओं का काल हूं मैं जय जय नागा जय जय मेगा जय जय नागा जय जय मेगा जय जय नागा जय जयगा जय जय लागा जय जय मेगा जय जय नागा जय जय मेगा आगे बढ़ो जय जय नागा जय जय मेगा जय जय ना जय जय मेगा हमारा लक्ष्य गरुड़ राज्य दिखाई दे रहा है मुझे पसपन में कुछ और आगे बढ़ना है स्मरण रहे कोई पक्षी नहीं बचना चाहिए सबको मृत्यु देंगे हम जय जय नाधा जय जय नाधा जय जय ना जय जय नाधा जय जय नाधा जय जय सूरी के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा है किंतु कुछ तो हलचल है वहां कहीं कोई संकट तो नहीं आने वाला यह तो कोई महान आग है [संगीत] बेघ सुराए भागो [संगीत] भागो आक्रमण हुआ है मैं महाराज जटायु को सूचना देता हूं शीघ्र जाओ मैं सबको सतर्क करता [संगीत] [प्रशंसा] हूं [संगीत] प्रणाम महाराज नागों ने आक्रमण कर दिया है मेघसर है उनके [संगीत] साथ मेघसर सेनापति चित्रकेतु आप तुरंत जाइए और सेना एकत्रित कीजिए और नागों को रोकिए और ध्यान रखिए हमारे अंड शिशु और रोड़ों की पूर्ण सुरक्षा होनी चाहिए ऐसा ही होगा [संगीत] महाराज महाराज जटाय यह युद्ध नहीं चिड़ना चाहिए मुझे उन नागों से बात करने के लिए जाने दीजिए हनुमान मेघसर बहुत दूर नाग है तुम संकट में पड़ सकते हो महाराज यदि यह युद्ध छिड़ गया तो उसे रोकना असंभव होगा और विनाश होगा ठीक है हनुमान किंतु ध्यान रहे अगर नागों ने आक्रमण किया और एक भी गरु उसम यल हुआ तो मैं भी युद्ध नहीं रोक पाऊंगा जी महाराज हनुमान मुझे भी अपने साथ आने दो मित्र नहीं मित्र तुम यही रहो महाराज मेरा मित्र आपकी अभी रक्षा में [संगीत] है ठीक है [संगीत] हनुमान मैं शीघ्र आता हूं मित्र [संगीत] [संगीत] [संगीत] ये नाथ तो करोड़ राज्य के निकट आ गए हैं देख रहे हो अनुमान किस तरह से यह दूरत नाग बड़े चले आ रहे हैं युद्ध के लिए उधत है इनसे शांति की आशा करना व्यर्थ है गरुण वरो इन नागों को दिखा दो कि हमारी ओर दृष्टि उठाने का परिणाम क्या होता है आगे बढ़ने से पूर्व ही समाप्त कर दो [संगीत] इन्हे ऐसा मत कीजिए सेनापति जी इन नागों को युद्ध के लिए मत उए मैं इनसे जाकर बात करता हूं महाराज जताय ने मुझे अनुमति दे दी है समझाते सबको हनुमान शांति दूत सा यह अभियान महा प्रयास करें बजरंगी विनस चाहे नीति को रंगी चले पवन प्रिय विदा कराई युद्ध हीन सृष्टि सुखदाई सरल सोच संपूर्ण करने देव कामना भव दुख हरने महाब हनुमत की रु कर लीला राम भगत की जय जय जय मुझे किसी भी प्रकार से नागों को रोकना होगा यदि नागों से एक भी गरुड़ को क्षति पहुंची तो करोड़ भी युद्ध छेड़ देंगे
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