Wednesday, 7 January 2026

होली पर्व के लिए विष्णुदेव कैलाश पर आये Hitanshu Akanksha Puri Vighnaharta Ganesh Episode 177

हरता श्री गणेशा श्री गणेशा श शिव गौरी सं होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी मोरी [संगीत] शव अब विद ज्ञाता पर ब्रह्मा ब्रह्मा ब्रह्मा अब विद ज्ञाता पर ब्रह्मा की बारी मंत्रों की वर्षा कर वीणा की धारी दृश्य ये कैसी दृश्य ये कैसा मनोहारी कैलाश में आई है कण की टोली होली है होली है होली [प्रशंसा] है होपा जी बुआ जी आप हमारे साथ रंगोत्सव मनाने आएंगे [संगीत] ना अवश्य होली है शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिव शंभू संग होगी होरी शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिव शंभू संग होगी होरी अद्भुत [संगीत] आदम अद्भुत अदम आया स्वर्ग का द्वारा अग्नि वरुण संग पवन देव राजा मृत्य करत मृत्य करत अप सरारी कैलाश में आई है गण की [संगीत] टोली प्रथम पूज्य गणेश जी कुमार कार्तिकेय आपके इस रंग भरे आगमन से मैं अचंभित हूं और आनंदित भी देवराज माता शची और सभी देवगण आप सभी हमारे साथ होली के रंगों का उत्सव मनाने आएंगे ना निस अवश्य अवश अवश्य अवश्य होली है हर हर महादेव महादेव माता पार्वती और आप दोनों के संग पर होली मनाना यह तो हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी गणेश जी हम अवश्य आएंगे होली है होली है [प्रशंसा] ऊर्जा दीप्त य दिनकर की ऊर्जा निराली विश्व समस्त में भई उजियारी सत शवों की [संगीत] सप्त शवों की सवारी कैलाश में आई है गण की टोली सूर्यदेव माता संजा आपको हम होली के उत्सव के लिए आमंत्रित करते हैं आप हमारे साथ होली के रंगों का उत्सव मनाने आएंगे ना अवश्य होली है है शिव गौरी संग होगी होरी कला में शिव गौरी संग होगी होरी शीतल शशी [संगीत] भोले शीतल शश भोले शिश पे साजे उन म मावस निशा लावे रूप पे जाऊं रूप पे जाऊ बलिहारी कैलाश में आई है गड़ की टोली शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिवशंभू संग होगी हो होली हैली है कौन मेरे तक क्षेत्र में कोलाहल करने का दुस्साहस कर रहा है [संगीत] कदाचित मेरे क्रोध और शाप का भय [संगीत] नहीं होली है आज तो होली है रंगों का उत्सव आज तो बहुत आनंद आएगा हर हर [प्रशंसा] महादेव [संगीत] गणेश होली की शुभकामनाएं अनुज आपको भी होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं भैया भैया आज तो आनंद के रंगों की बौछार होगी कैलाश पर चलिए पिताश्री का अभिवादन कर उन्हें भी होली की शुभकामनाए दे दे और उनसे आशीर्वाद भी ले ले हां हां अनुज अवश्य वो तो व्यस्त भी हो होंगे इतने अतिथि जो आने वाले हैं हमें तो जाकर उनकी सहायता भी करनी चाहिए हां [संगीत] भैया यह क्या भैया आज होली के दिवस भी पिता श्री ध्यान में ही लीन है इतने अतिथि आने वाले हैं यहां कैलाश पर फिर भी पिता श्री ध्यान मगन है गणेश वहां मां अकेली सारी व्यवस्थाएं कर रही होंगी हमें उनका सहयोग करना चाहिए हां [संगीत] भैया अरे मां भी यही है वो भी पूजा कर रही है पिता श्री उधर ध्यान में है और मा इधर पूजा में तो यहां व्यवस्था कौन कर रहा है अतिथियों का सत्कार कैसे होगा भैया कैलाश में होली का उत्सव भली भाति कैसे संपन्न होगा अब हम क्या करें भैया गणेश मुझे तो पूर्व में ही आभास था कि ऐसा ही कुछ होगा ना पिताश्री अपना ध्यान छोड़ सकते हैं और ना मां अपनी पूजा किंतु तुम चिंता मत करो मैंने पूर्व में ही सभी कार्यों की एक सूची बना ली थी सेनापति जो है भैया सब कुछ सोच समझकर ही कार्य करते हैं [हंसी] अरे वाह भैया यह तो अति उत्तम है यह मत भूलो गणेश अग्रज हूं तुम्हारा मैं ही तुम्हें सभी कार्यों में आगे रहने का अवसर देता हूं यह तो सर्वथा सत्य है भैया कि आप अग्रज है मेरे आपकी योग्यता पर भला किसको संदेह हो सकता है अच्छा चलो अब आगे की व्यवस्था करते हैं इस सूची में सर्वप्रथम है [संगीत] भोजन [संगीत] भोजन उचित है भोजन की व्यवस्था तो अति उत्तम है भोजन तो सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है इतने स्वादिष्ट मोदक भोजन की व्यवस्था तो अति उत्तम है भैया सुन जी अरे नहीं नहीं गणेश अभी और भी कार्य करने हैं अभी थोड़ा धीरज रखो भोजन बाद में अभी तो हमें कैलाश को सज्जित करना [संगीत] है अति उत्तम नंदी जी गण जी यह क्या अभी तक आपने इन दीप कों को प्रज्वलित नहीं किया अतिथि किसी भी क्षण आते ही होंगे शीघ्रता कीजिए [संगीत] आइए [संगीत] अति उत्तम शृंगी जी किंतु इन शिला खंडों को भी फूलों से सज्जित कर दीजिए [संगीत] अवश्य उचित है सज्जा सर्वथा उचित है गणेश सभी अतिथियों का आगमन यहीं से होगा इसीलिए उनके स्वागत के लिए किसी को तो यहां रहना ही होगा और क्योंकि सभी को आमंत्रित हमने ही किया है तो उनके स्वागत का भी दायित्व तो हमारा ही है है ना यह तो उचित है भैया किंतु रंगोत्सव के अवसर पर स्वागत भी तो रंगों के साथ ही होना चाहिए ना उचित है किंतु भैया इस घुंघरू की ध्वनि से से तो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यहां किसी देवी का आगमन हो रहा है ऐसे में तो हम उन पर रंग कैसे डाल सकते हैं भैया गणेश देवी का नहीं घुंगरू का स्वर है यह जो तोतला जी कर रहे [संगीत] हैं उनका कोई विशेष कार्य कर रहे हैं वह हमें भी अपना कार्य नहीं करना चाहिए क्या अरे गण जी यह क्या कर रहे हैं आप शीघ्रता कीजिए अतिथि आते ही होंगे [संगीत] गणेश ये गणेश कहां चला [संगीत] गया होली में यद तं ना हो तो न य ताले तो मैं ही तलू तब तो बती बात नहीं है [संगीत] समया सु तो बली आती है यह दया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] दुल एक बाल मीता दे लेता हूं ते नहीं माता ने ता ताला ताल उत्तम होना चाहिए तो तो अति उत्तम होना चाहिए [संगीत] मल बम ला मता में ला दूल मिलाना [संगीत] होदा उ पकल देता हूं मता तो ना लाल महादेव आया आनंद अब बहुत [संगीत] अ तोतला जीय आप क्या कर रहे हैं [संगीत] तोतला जी [संगीत] इधर बहुत अ ने मे पाले मैं ने तो भी ताता हू देता उ ब ला जी य सब आप ल मैं आता [संगीत] हूं ये क्या कर रहे हैं तोतला [संगीत] जी यह कर क्या रहे तोतला जी तल तलना ये क्या हो गया इन्ह बोला ना [संगीत] नहीं अरे अरे तला जी अरे अरे [संगीत] संभालिए देता देना मैंने एक बूंद भी धंदा ही नहीं दिलने दी मैं ं बना था आप भी ते [संगीत] थम द्वितीय तृतीय [संगीत] नी है तो ल ताल मेरे पास तो ती पातल तालो तो तेते दू दीजिए ना तोतला जी आप रुक क्यों गए ते आप तो लाता ताल ताला अ न आपके लिए तो मैं भी दिया आप लीला हम य तो लीला यह सब मेरी नहीं इस ठंडाई की लीला है तोतला जी अति उत्तम बनी है तोतला जी अति उत्तम गणेश तुम अभी भी भीतर क्या कर रहे हो मामा जी मामी जी फूफ जी बुआ जी सभी आ रहे हैं चलो शीघ्रता करो आओ उनके स्वागत के लिए अरे वाह अतिथियों का आगमन भी हो रहा है अर्थात रंगोत्सव प्रारंभ होने वाला है मैं आ रहा हूं भैया उचित है आप ठंडाई बनाते रहिए तोतला जी य लीजिए आप लाए मैं तं बनाता हूं [संगीत] वैसे इंद्रदेव हम सबका यहां आने का और साथ में कैलाश चलने का विचार अति उत्तम है सूर्यदेव चलेंगे तो तब ना जब यह देवियां बाहर आएंगी इन्ह तो ज्ञात ही नहीं है कि हमें विलंब हो रहा है और वहां वो उत्सव प्रारंभ होने ही वाला है स्वामी [संगीत] नि सा सा रे रे सा सा निनी सा सा रे रे सा सा सा सानी सा शीघ्र क्यों आ गई थोड़ा सा और समय लगाती स्वामी आप सभी देवता य कब समझेंगे कि हम देवियों को थोड़ा अधिक समय लगता है तैयार होने [संगीत] में किंतु उस विलंब का परिणाम भी सुंदर ही होता [संगीत] है चंद्र [संगीत] देव चंद्रदेव [संगीत] आप के सौंदर्य दर्शन पूर्ण हो चुके हो तो हम प्रस्थान कर ले हां हां अनुज [संगीत] चलो पुत्र कार्तिकेय पुत्र गणेश यह तुम दोनों की प्रथम होली है इसीलिए सर्व प्रथम रंगोत्सव का आरंभ तो तुम्हें मुझसे ही करना चाहिए अवश्य [संगीत] मां नि स ग नि स नि सा ध नि स नि स ग नि स नि सा रे स [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] नि [प्रशंसा] [संगीत] इस गुलाल के रंगों की तरह तुम दोनों का जीवन हर्ष के सभी रंगों से भर जाए तुम्हारे भाग्य और भविष्य उज्जवल हो संसार में तुम दोनों की प्रतिष्ठा सदा स्थापित रहे यही मेरा आशीर्वाद है पुत्रों [संगीत] प [संगीत] स रे प्रणाम पिता [संगीत] श्री कल्याण हो पुत्रों रंगों के इस पर्व में मैं तुम्हें आशीष देता हूं जीवन में सभी रंगों को समान रूप से स्वीकार करो और सभी के जीवन को सुखों से भर [संगीत] दो प्रणाम माता प्रणाम प्रभु माता श्री नारायण और माता लक्ष्मी पधार रहे हैं अरे तब तो हमें जाना चाहिए उनका स्वागत तो हमें ही करना है ना भैया ठीक उसी प्रकार जैसा हमने सोचा है हा हां अनुज [संगीत] चलो ओ मां क्या हुआ नाथ ओ मां तुम कुछ भूल रही [संगीत] हो मैं तो कुछ नहीं भूली नाथ अच्छा मुझे गुलाल लगाना नहीं भूली [संगीत] नहीं स्वामी मैंने तो आपका तिलक कर दिया दिया है शिवलिंग का तिलक तो आप ही का तिलक हुआ ना [संगीत] [संगीत] नाथ आनंद के इन पलों के पश्चात तो एक दीर्घ तपस्या है देवन बहुत विलंब हो चुका है हमें गति बढ़ाकर शीघ्र पहुंचना चाहिए रावत वेग बढ़ाओ [संगीत] अपना स्वामी इतनी भी तीव्र गति की क्या आवश्यकता है हम ऐसे भी कैलाश पहुंच जाएंगे देवी सची आप भत मत होइए य वराज इंद्र के होते आपको कुछ नहीं होगा आप बस अपना संतुलन बनाए रखो [संगीत] [संगीत] रावत देवगन पर्धा में आप सभी पीछे छूट गए हैं कदाचित आपको अपने अपने वाहन उत्तम करने की आवश्यकता है इंद्रदेव पीछे मत देखिए मार्ग में सदैव आगे देखकर चलना चाहिए अन्यथा असावधानी हो [हंसी] [संगीत] जाएगी दुर्वासा य [संगीत] रावत यह अचानक इंद्रदेव को क्या हो गया रुक जाइए सभी रुक [संगीत] हुआ नाथ हम रुक क्यों गए ऋषि दुर्वासा ऋषि दुर्वासा शिव गौरी संग होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी होरी शिव गौरी संग होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी होरी शिव शंभू हर हर [संगीत] महादेव प्रणाम मामा जी और मामी जी प्रणाम भ्राता नारायण प्रणाम देवी लक्ष्मी होली के शुभ अवसर पर कैलाश में आप दोनों का स्वागत है प्रणाम देवी पार्वती हम भी यहां आकर अति आनंदित [संगीत] हुए [संगीत] क्या हुआ नाथ हम यहां रुक क्यों गए और आप और आप सभी इतने चिंतित क्यों है य भी सची ऋषि दुर्वासा है जब ये अपने क्रोध के आवेग में बहते हैं तो जब तक किसी को श्राप नहीं दे देते शांत नहीं होते और उनका क्रोध कब और किस बात पर जागृत हो जाए यह किसी को ज्ञात नहीं इस समय भी वह ध्यान में मगन है हमें कैलाश पर जाने के लिए उनके स्थान से होकर जाना पड़ेगा इसमें उनका ध्यान भंग हुआ तो व अवश्य क्रोधित हो उठेंगे और फिर हम सभी उनके शाप के भागी बनेंगे आइए संग होरी रे कैलाश में आ ू मची अस संग कीको से आ संग होली होली है तो अपने मामा जी के लिए यह योजना थी इन दोनों [संगीत] की भ्राता नारायण इस प्रकार शांत क्यों खड़े हो गए रुकिए आप सभी [संगीत] नहीं यह उचित नहीं हुआ ऋषिवर का ध्यान भंग हो ही गया कहीं रिसीवर के मुख से हमारे लिए शाप ना निकले [संगीत] अब जो भी होगा उसका परिणाम हमें भुगतना ही [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] स्वामी मामा जी क्रोधित हो गए क्या कहीं हम उनके साथ अपनी सीमा तो नहीं लांग गए हमें उनसे क्षमा मांग लेनी चाहिए मामा जी गणेश कार्तिके क्या अतिथियों का स्वागत ऐसे किया जाता है स्वामी कहीं गणेश और कार्तिक से क्रोधित तो नहीं पिताश्री का क्रोध कहीं भयंकर रूप ना ले ले पिता श्री का क्रोध कहीं रंग के उत्सव में भंग का उत्सव ना हो जाए सामने आए संकट से भयभीत नहीं होना चाहिए अपितु सूझबूझ से उसका सामना कर हल निकालना

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...