Wednesday, 7 January 2026

हनुमान जी ने भीम का मार्गदर्शन कैसे किया था Gautam Rode Suryaputra Karn Episode Pen Bhakti

[संगीत] मनुष्य का जीवन हार और जीत विजय और पराजय सफलता और असफलता के मध्य झूलता रहता है आपके साथ भी ऐसा होता होगा है नाब आप सफल होते किसी चुनौती पर विजय पाते हैं तो मन प्रसन्नता से आनंद के उपन में झूमने लगता है और जब आप असफल होते हैं तब मन दुख और पीड़ा के सागर में डूबने लगता है परंतु वास्तव में सफलता और असफलता है क्या तनिक ध्यान से सोचिए यह केवल हमारी मनु स्थिति मात्र है हमारी पराजय तब नहीं होती जब हमारा शत्रु विजय प्राप्त कर ले हमारी पराजय तब होती है जब हम पराजय स्वीकार करले हम असफल तब नहीं होते जब हम लक्ष्य ना पा सके हम असफल तब होते हैं जब हम प्रयास करना बंद कर दे इसलिए प्रयास करते रहे और हार ना माने क्योंकि जिस दिन आप हार स्वीकार बंद कर देंगे जीत आपके चरणों में [संगीत] [संगीत] होगी [संगीत] हे प्रभु मेरे पुत्रों की वनवास की अवधि समाप्त होने वाली और अब उन्हे आवास में प्रवेश होना [संगीत] है दुर्योधन अवश कोई बादा उत्पन्न करने का प्रयत्न करेगा मेरे पुत्रों की रक्षा करना [संगीत] प्रभु आज्ञा दीजिए जेष्ठ क्या निर्णय लिया है आपने अर्जुन को पीछे छोड़ा नहीं जा सकता परंतु परिस्थिति यह है कि हमें भी यहां से स्वयं शीघ्र ही निकलना [संगीत] होगा बाजली अज्ञातवास प्रारंभ होने में बस कुछ ही प्रहर शेष है हमें यहां से प्रस्थान करना होगा क्योंकि दुर्योधन हर संभव प्रयास करेगा कि अज्ञात वास में प्रवेश करते ही वह हमें पकड़ ले और इसका परिणाम पुनः 12 वर्ष का वनवास समझने का प्रयास करो [संगीत] पांचाली इस दुविधा से निकलने की मेरे पास एक योजना है जेष्ठ यह योजना हमारे किसी काम की नहीं है प्रॉपर्टी के अपरण से हमें क्या लाभ हमारी योजना तोन उन पांडवों को वनवास भेजना है उस उस द्रोपति कारण नहीं हां स्पष्ट कर दीजिए गांधार नरेश कहीं दूत कणा में जो द्रौपदी के साथ नहीं हुआ कहीं वही करने का विचार तो नहीं है मामा श्री नहीं जा माता श्री आपको केवल उस द्रौपदी का अपहरण करके यहां इस वन में इस स्थान तक लाना होगा बस उसके पश्चात वो पांडव उसकी सुरक्षा करने के लिए यहां आएंगे फिर हम उनसे प्रार्थना करेंगे [संगीत] याचना करेंगे कि हे धर्मराज हमें हमें क्षमा कर दो हमें क्षमा कर दीजिए धर्मराज हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई ना हमें हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था आप इस द्रौपदी को मान से सम्मान से यहां से यहां से ले जाए और पुन 12 वर्ष के वनवास का आनंद [संगीत] [संगीत] उठाइए [संगीत] [संगीत] पांडवों को जाना तो था ही परंतु यह भीम विप दिशा में क्यों जा रहा है ये तो और भी अच्छा है गांधार नरेश हमारा लक्ष्य द्रौपदी है और भीम की अनुपस्थिति में द्रौपदी का हरण और भी सरल हो जाएगा आप नियत स्थान पर पहुंचे यहां से जयद्रथ का कार्य प्रारंभ होता है और पांडवों की मुक्ति की आशा का अंत आज सूर्यास्त के पश्चात ही पांडव वनवास [संगीत] जाएंगे अब जो होगा बल से होगा ल से नहीं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] यह गुफा वनवास के समय भीम ने खोजी थी य गुफा गुप्त है यहां पर गौरव कभी नहीं पहुंच पाएंगे जब तक भीम और अर्जुन नहीं आ जाते हम सबको इसी गुफा में यहीं पर अर्जुन अधिक समय नहीं सुरस्त होने वाला है नकल सहदेव तुम दोनों पांचाली की सुरक्षा करना जब तक मैं भोजन का कुछ प्रबंध करके आता तुम ध्यान रखना आप [संगीत] भी [संगीत] लक्ष अग्र कांड में मुझसे विलंब हो गया जाकर भी द्रौपदी का र हरण नहीं रोक पाया परंतु अब मैं नहीं होने दूंगा मैं किसी भी प्रकार पांडवों को फिर से 12 वर्ष का वनवास नहीं भोगने [संगीत] दूंगा [संगीत] बो रुक मुर्ख वानर वो मेरा आ रहा है दे मुझे हट [संगीत] हट रोज मत दिला [संगीत] वानर समझ नहीं आता आप य वानर उस वक्ष प था इतनी लंबी चला यह कैसे संभव [संगीत] है वानर हट इतना चंचल है हाथ में नहीं आएगा कुछ तो करना होगा [संगीत] रस्ट करा है वानर अब तुझे नहीं [संगीत] छोडूंगा रुक वानर [संगीत] रुक आप लोगों ने य स् सुना रे पुत्रों कुछ नहीं है पंचाली गुफा के द्वार पर कोई वन्य जीव होगा कहीं ऐसा तो नहीं कि आर्य युधिष्ठिर पर कोई संकट हो गौरव हमें ढूंढ रहे हैं कहीं उन्होंने आर्य युधिष्ठिर को बंदी बना लिया तो व्यतीत ना पांचाली मैं अभी जाकर देख कर आता हूं [संगीत] [संगीत] कौन है कौन है सामने प्रस्तुत [संगीत] हो कौन है कौन है [संगीत] वहां हे प्रभु ये कैसे अष्ट का संकेत मेरे पुत्रों की रक्षा कर दु सामने [संगीत] आ मर्ख वानर अब मैं तुम्हें नहीं [संगीत] छोडूंगा [संगीत] [संगीत] किसी साधारण वानर के वश की बात नहीं है यह कौन हो तुम यक्ष हो या गंधर्व दे हो या असुर मायावी हो या किन्नर अपना परिचय दो वानर कनिष्ठ भ्राता को ढूंढने आए हो ्र कोदर और श्रेष्ठ भ्राता को ही नहीं पहचान पा रहे हो जेष्ठ भ्राता मेरे जेष्ठ भ्राता तो युधिष्ठिर है परंतु आप कौन [संगीत] है पंजनी गर्भ संभूता कविंद्र सच उतम अंजनी गर्भ संभूता गंद्र सोतम राम प्रिय नमतु हनुमन रक्ष सर्वदा श्री भक्त हनुमान की [संगीत] जय श्री राम भक्त हनुमान की [संगीत] जय महारुद्रा अवतार पवन सुध केसरी नंदन महाबली हनुमान हन करहा मैंने स्वपन में भी सो आपसे भट होगी मुझे क्षमा कर [संगीत] दे कितना समय हो गया आर आ नकल को तो अभी तक आ जाना चाहिए था किसी किसी संकट में तो नहीं चिंतित ना हो पांचाली हम पांचों एक दूसरे की ढाल है एक जीवित रहते दूसरे को कुछ नहीं हो सकता मैं जाकर देखता [संगीत] हूं [प्रशंसा] [संगीत] आ कौन है [संगीत] व बस कुछ क्षण और मेरे प्यारे सम्राट जा माता श्री जयद्रथ अपने कार्य में सफल होंगे और हम हम अपने मंतव्य में यह पांडव हमेशा जीवन भर वनवास में ही रहेंगे और जो युद्ध लड़ने की तैयारियां कर रहे हैं ना पांडव वो युद्ध कभी कर ही नहीं [संगीत] [संगीत] पाएंगे [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ [संगीत] अरे नकुल आरे सहदेव आर्य युधिष्ठिर [प्रशंसा] [संगीत] पांचाल इस अकिंचन जयद को अपने दर्शन देकर उपकार कीजिए [संगीत] पांचाली मैं जानता हूं [संगीत] पांचाल तुम इसी गुफा में छुपी हुई हो छिपने के प्रत्येक प्रयास व्यर्थ है पांचाली

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...