Sunday, 4 January 2026

शुक्राचार्य ने जलंधर का मार्गदर्शन कैसे किया था Akanksha Puri Malkhan Vighnaharta Ganesh Episode

हता श्री गणे श्री गणे यह कैसे संभव है महादेव का प्रतिरूप प्रतीत होने वाला कौन है यह दंभी दु साहसी जलंदर [संगीत] तो यह है इसका रहस्य महादेव की कुंग से उत्पन्न हुआ है यह भगवान बनोगे तुम भगवान बनना बालकों की कड़ नहीं जलंदर तुम्हे क्या लगता है अगर तुम स्वयं को भगवान घोषित कर दोगे तो सभी तुम्हें भगवान मान लेंगे मानेंगे अवश्य मानेंगे क्यों नहीं मानेंगे सर्वश्रेष्ठ हूं मैं अपनी अपार शक्ति से किसी को भी पराजित कर सकता हूं दिखने में महादेव के समान हूं जब आप स्वयं असुर गुरु शुक्राचार्य मुझे देखकर भ्रमित हो गए मेरे समक्ष नतमस्तक हो गए तो देवता हो या दानव उन्हें मेरा अनुयाई बनने में कोई कठिनाई नहीं होगी [संगीत] भूल है तुम्हारी तुमने नहीं तुम्हारे रूप ने भ्रमित किया था मुझे जालंधर किंतु मेरा भ्रम टूट गया है जालंधर तुम्हारा सत्य जान गया हूं मैं जालंधर जब असुर गुरु को ही तुम पर कोई आस्था नहीं कोई विश्वास नहीं तो दूसरे असुर तुम पर क्यों विश्वास करेंगे क्यों मानेंगे तुम्हें भगवान क्यों मानेंगे तुम्हें भगवान क्यों मानेंगे तु भगवान तो आप ही बताए असुर गुरु मेरे प्रति आपकी आस्था मुझ में आपका विश्वास जागृत करने के लिए मुझे क्या करना [संगीत] होगा भगवान बनने की इच्छा रखते हो तुम तो मेरी चुनौती स्वीकार कर अपनी परीक्षा दो इन दो गुफाओं को पार करके दिखाओ फिर आना मेरे पास [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सर्वश्रेष्ठ जलंदर हूं मैं किसी परीक्षा से पीछे नहीं हटूंगा स्वयं को भगवान बनने योग्य प्रमाणित करके ही लौटूंगा मेरे बल श्रेष्ठ सावधान रहिएगा मुझे आपकी बहुत चिंता हो रही है कहीं वहां वहा कोई संकट ना हो वृंदा चिंता भीरू करते हैं तुम मेरी पत्नी हो तुम्हें चिंता शोभा नहीं देता और जब तक तुम जीवित हो कोई भी संकट झे क्ति नहीं पहुंचा सकता इसलिए यही मेरी प्रतीक्षा करना मैं बस अभी गया और अभी [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] आया यहां तो अंधकार ही अंधकार छाया [संगीत] है जलंदर भ्रम जब भंग होता है तो वो सत्य उजागर होता है वह सत्य जो कभी-कभी भयानक रूप लेकर हमारी परीक्षा ले सकता है क्या अपने सत्य को स्वीकार करने की शब्दा है तुम [संगीत] [संगीत] [संगीत] में कैसी विचित्र परीक्षा है यह गुफा पार करने से कैसे प्रमाणित होगा कि मैं भगवान बनने योग्य [संगीत] [संगीत] हूं ये प्रकाश अवश्य यहां से बाहर निकलने का मार्ग इंगित कर रहा है [प्रशंसा] गुफा के इस अंधकार में कंगन की नखना कोई और भी है यहां [संगीत] यह कंगन की धवानी मेरे इतने [संगीत] निकट [संगीत] [संगीत] [संगीत] हे कौन हो तुम और इस गुफा में क्या कर रही [संगीत] हो ंदा तुम यहां कैसे आई जैसे आप यहां आए मेरे बल श्रेष्ठ तुम पिन क्यों प्रतीत हो रही हो तुम कुशल तो हो ना वृंदा मेरे प्रिय बल श्रेष्ठ मैं कुशल से हूं किंतु आपका य गुफा के भीतर निपट एकांत होना मुझे बहुत सता रहा था इसलिए मैं यहां चली आई वृंदा मैंने तुमसे कहा था कोई भी संकट मुझ पर नहीं छा सकता एक तो यह मेरी समझ से परे हैं तुम्हारे असुर गुरु मुझे इस कुफा में भेजकर कैसी परीक्षा ले रहे हैं और ऊपर से तुम भी यहां आ गई किंतु जो भी है मैंने यहां से बाहर निकलने का मार्ग ं है चलो यहां से बाहर निकलने की बड़ी शिता है आपको आपने इस गुफा से बाहर निकलने का मार्ग अवश्य ढूंढ लिया होगा किंतु जो मैंने ढूंढा है वो इससे भी कहीं ज ज्यादा उत्तम है आइए [संगीत] ना ऐसा क्या ढूंढ लिया इसने वृंदा तुम मुझे कहां ले [संगीत] आई यह तो बड़ा विचित्र दृश्य है किंतु इसकी क्या आवश्यकता थी मेरा इस प्रकार से आपको करना भार आ है ना प्रिय बल श्रेष्ठ वृंदा असर गुरु ने मुझे मेरी परीक्षा लेने के लिए मुझे यहां भेजा था मेरा उद्देश्य था इस गुफा से निकलना जिसका मार्ग में ढूंढ चुका था तो भरे सा में मुझे इस गुफा से बाहर होना चाहिए था बल [संगीत] श्रेष्ठ विवाह संपन्न होते ही मैं आपको यहां असुर गुरु के पास लेकर चली आई एकांत में पल बिताने का समय कहां प्राप्त हुआ हमें और अब जब आपके साथ समय व्यतीत करने के लिए आपके पीछे पीछे इस गुफा में चली आई तो आप आप इस निपट एकांत में मेरे साथ कुछ समय भी नहीं बिताना चाहते उचित है वृंदा कदाचित कुछ समय बिताने में यहां कोई हानि नहीं [संगीत] [संगीत] होगी मैं ही वो संकट हूं जो तुम्ह ली [संगीत] जाएगा सर्वश्रेष्ठ जलंदर हूं मैं कु पवार तुम्हारे सार का कारण [संगीत] बनेगा तुम्हारा अंत करूंगा [संगीत] मैं सर्वश्रेष्ठ जलंदर हूं मैं [संगीत] मैं गुफा से बाहर कैसे आया तुम तुम यहां कैसे आई और गुफा के भीतर अजगर बनकर क्या करने का प्रयास कर रही थी तुम गुफा के भीतर अजगर रूप में किंतु मेरे बल श्रेष्ठ में इस संपूर्ण अंतराल में मैं मैं यही थी यदि यह यही थी तो गुफा के भीतर ी जिसने अजगर रूप धरकर मेरा अंत करने का प्रयास किया [संगीत] था यह क्या हो रहा है मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा कहो जालंधर गुफा में क्या देखा [संगीत] तुमने मैं मैंने देखा कि तुमने देखा एक मार्ग वहां से बाहर निकलने का फिर तुमने देखी एक सुंदरी जिसने तुम्हें मोहित [संगीत] किया और तुम्हें भ्रमित कर तुम्हारे मार्ग से तुम्हें भटका दिया और तुम्हारा वध करने का प्रयत्न किया [संगीत] हसर गुरु वहां नहीं थे तो उन्हें कैसे क्या है कि वहां क्या घटा [संगीत] था तो क्या सब इन्हीं का किया धरा था तो यह भ्रम आपने ही उत्पन्न किया था मेरी पत्नी की प्रेरणा से मैं आपसे मार्गदर्शन प्राप्त करने आया और आपने उसके द्वारा ही मेरे पद का प्रम रस डाला क्यों किया ऐसा आपने [संगीत] बोलिए असुर गुरु शुक्राचार्य हम आपके पास यहां मार्गदर्शन के लिए आए थे किंतु आपने आपने हमारे साथ इतना द्वेष पूर्ण व्यवहार किया जिसके दंड स्वरूप मुझे मेरे प्रिय बल श्रेष को आपका वध कर करने के लिए प्रेरित करना चाहिए जलंदर मैंने ही वह भ्रम उत्पन्न किया था जो तुम्हारा कटु सत्य है भविष्य में तुम्हारी पत्नी ही तुम्हारे लिए मारक संकट बनेगी कदाचित अपराज बनने का सामर्थ्य है तुम किंतु अनुचित व्यक्ति के साथ का चुनाव तुम्हारे पतन का कारण बन सकता [संगीत] है एक स्त्री ही तुम्हारे पतन का कारण बनेगी और तुम स्वयं देख चुके हो वो स्त्री कौन है मेरा चुनाव अनुचित नहीं सर्वत अनुचित आपका एक कथन है क्योंकि जब तक मेरी पत्नी जीवित है मैं अमर हूं मैं सर्वश्रेष्ठ [प्रशंसा] हूं अमर सर्वश्रेष्ठ मैंने कोई प्रयास किया गुरुदेव जो आप इस प्रकार हंस रहे हैं मेरी पत्नी मेरे विनाश का कारण नहीं बन सकती अभी तू जब तक उ जीवित है कोई भी हानि मुझे स्पर्श नहीं कर [संगीत] सकती कैसे गुरु है आप जो मुझे मेरी पत्नी को छोड़ने का सुझाव दे रहे [संगीत] हैं मैं ऐसा करा भी नहीं करूंगा करा भी [संगीत] नहीं चलो ंदा इस वृद्ध कपिया सुर गुरु का अनुचित मार्गदर्शन नहीं चाहिए मुझे चलो रंदर इतनी कठिनाई उठाकर मेरे पास आए हो तो दूसरी गुफा के भीतर भी जाकर देख [संगीत] लो [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] [संगीत] यह उसर किसकी प्रति छाया है ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय गुरु का कर्तव्य है मार्गदर्शन देना और व्यक्ति को सत्य से परिचित कराना किंतु यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह गुरु का कितना अनुसरण करता है

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...