[प्रशंसा] देवी मंसा का यह आशीर्वाद अपने हाथों में धारण कीजिए फिर अपने श्वसुर जी की आस्था ही नहीं आप अपने पति का भाग्य भी बदल सकेंगी [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ मां मैं प्रस्तुत [संगीत] हूं [संगीत] [संगीत] [संगीत] गिरि नंद नंदित मेदिनी विश्व विनोदिनी नंदिन ते गिरिवर विंद [संगीत] शिरोधार्य कपरदिनी शैल सुते अगप हे श कं कुतु भ कु भर जय जय हे महिषासुर मरती राम [संगीत] पर ई जगदंब मदम कदम वन प्रिय बास निहास रते शिखर शिरोमण तुंग हिमलर म गते मदम कदम अनवास हास नते शिख शिरोमण ंग हिमालय शनि जालय मध्य गते मधु मधु रे मधु कैटभ गंजन कैटभ भंजनी रास रते जय जय हे महिषासुर मर्द नि रमत पद नि शैल सुते जय जय हे महिषासुर मर दिनी रंग कप दिनी शैल सुद जय जय हे महिषासुर म [संगीत] [संगीत] रंग [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] स्वामी [संगीत] कुछ भी हो मुझे इस अवसर को नहीं खोना है मुझे एक पहर नित्र करना ही [संगीत] [संगीत] है [संगीत] [संगीत] पुत्री पुत्री बेहुला अभी भी एक प्रह समाप्त नहीं हुआ है तुम्हें अभी नृत्य करना है और यह प्रमाणित करना है कि तुम अखंड सुहाग की योग्य हो उठो पुत्री उठो तुम में सामर्थ्य है तुम उठ सकते हो तुम्हें यह प्रमाणित करना ही होगा तुम्हें यह प्रमाणित करना ही होगा उठो पुत्रे [संगीत] [संगीत] उठो [संगीत] मेरे महादेव है मा तब भी उन्होंने मेरे पुत्र के प्राण नहीं लौटाए मेरी भक्ति की शक्ति को नाकार दिया उन्होंने क्यों क्योंकि अब आप भक्ति कहां कर रहे हैं स्वामी देवी मंसा ने जो कहा था क्या वो उचित नहीं था क्या आपने अपनी भक्ति को अपने अहंकार अपने हट और अपनी कटता से दूषित नहीं कर लिया है [संगीत] भक्ति की दृष्टि से तो ईश्वर एक ही है उसके रूप अनेक है देवी मंसा भी वही है परंतु आप देख नहीं पा रहे [संगीत] स्वामी गिरि नंदिनी नंदित मेदनी विष विनोद नंद गिरिवर विंद शरो निवासिनी विष्णु विलास गिरि नंदिनी नंदित वेदिनी विष्णु विनोदिनी नंदिन दे रविंद शिरो निवासिनी विष्णु विलास भगवती हे शति कं कुटुंब भूरी कुटुंब भूरी कृते जय जय हे महिषासुर मर्द नि रम्य क पद नि शैल सुते भगवति हे श कं कुम बोम बो जय जय [संगीत] एक प्रहर समाप्त हुआ दीदी [संगीत] [संगीत] [संगीत] चलान का चलन कोरी सास योग में [संगीत] जरी यह स्वप्न है क्या उठो [संगीत] [प्रशंसा] उठो स् हा [संगीत] बेहुला पुत्री बेहुला तुमने अस को संभव कर दिया है उठो पुत्री [संगीत] उठो स्वामी [संगीत] स्वामी [संगीत] प्रणाम मां आपका कोटि कोटि धन्यवाद मां मां मैं आपका यह उपकार कभी नहीं भूलूंगी उपकार नहीं पुत्री यह तो मेरा आशीर्वाद है तुमने अपनी ही इच्छा शक्ति से अपनी निष्ठा से ही इस असंभव कार्य को संभव किया है सफलता प्राप्त की [संगीत] है मैं आशीष देती हूं पुत्र आज से तुम्हारे नाम उत् मनाया जाएगा आज से तुम्हारे नाम पर एक उत्सव मनाया जाएगा आज से तुम्हारे नाम पर एक उत्सव मनाया जाएगा आज से तुम्हारे नाम पर एक उत्सव मनाया जाएगा आप तो समझिए स्वामी एक बार श्रद्धा से देवी मंसा का नाम ले लिया होता आपने तो आज हमारा लखि ही नहीं तो हमारे सारे पुत्र हमारे साथ हो [संगीत] प्रणाम महादेव प्रणाम माता प्रभु का आशीर्वाद महादेव ने हमारी प्रार्थना सुन ली दे हमारा पुत्र कुशल है जीवित है पुत्र तुम और तुम्हारे भ्राता तुम्हारे पिता की महादेव के प्रति अतुलनीय भक्ति के फल थे किंतु जहां भक्ति में कट्टर पन और घमंड का दोष आ जाए तो वह फल रहित हो जाता है इसलिए चंद्रधर अब पुत्र सुख के योग्य नहीं किंतु पुत्री बिहुला के पावन भक्ति के कारण उसके भाग्य में पति का सुख है पुत्री इसीलिए देवी मंसा का वरदान अर्थात तुम्हारे पति के प्राण तभी सुरक्षित रहेंगे जब तुम अपने ससुर चंद्रधर को अपना हट और अहंकार त्यागने के लिए प्रेरित कर सको अहंकार के कारण दूसरों को अपने से तुच्छ मानने लगा है वह देवी मंसा का अपमान करने का दुस्साहस किया है उसने और एक बार नहीं अनेकों बार अब जब तक व स्वयं को नहीं बदलता उसे पुत्र सुख प्राप्त नहीं हो सकता प्रभु इस बार पिता श्री मां की महिमा को अवश्य स्वीकार [संगीत] करेंगे देवी शनका मुझे आवास हमारा पुत्र कुशल है जीवित है पुत्री बहुला उसे लेकर आती ही होगी मैंने कहा था ना मेरे प्रभु मेरी का फल मुझे अवश्य देंगे चलो चलो शीघ्र करो हम हमें उनका स्वागत करना है चलो दे चलो शीघ्र चलो मां यदि पिता श्री आपकी पूजा करने लगे तो क्या आपकी कृपा उनके अन्य छह पुत्रों पर होगी [संगीत] हर हर महादेव देखा क्या कहा था मैंने मेरे प्रभु मेरी भक्ति को नहीं नकार सकते वो मेरे पुत्र को लौटा रहे हैं सुना तुमने महादेव मेरे लखेंद्र को लौटा रहे हैं वो जीवित है महादेव मेरे महादेव मेरा पुत्र जीवित है जीवित है वो हर हर महादेव हर हर महादेव नहीं स्वामी चंद्रधर अभी भी मंसा की महिमा स्वीकार नहीं कर रहा है जबकि आपने अपने वचन अनुसा ऐसा कुछ नहीं किया हां मेरी कृपा भी नहीं उसके अनुसार तो य उसकी भक्ति का चमत्कार [संगीत] है जाइए देवी अपने पुत्र लखेंद्र का शुभ तिलक से स्वागत करने के लिए आरती का थाल लाइए [संगीत] जाइए मैंने कहा था ना मेरी भक्ति में ही चमत्कार की शक्ति है मेरी भक्ति सफल हो गई फल मिल गया मुझे मेरी भक्ति का अब तो हो गया ना विश्वास उचित कहता हूं ना मैं उसे क्या भय संकट और काल का जो भक्त हो स्वयं महाकाल का मेरी भक्ति के कारण मेरा पुत्र मृत्यु के मुंह से लौट आया है हर हर महादेव तुम पिताजी को कैसे विश्वास दिलाओ हे पार्वती नंदन यह तो हमारा अंतिम उपाय है यदि यह भी सफल नहीं हुआ तो चिंता मत कीजिए माता एक बार बिहुला को अपना प्रयास तो करने द [संगीत] सर्वथा महान है मेरी शिव क्षमा करें पिताश्री किंतु आप समझने में भूल कर रहे हैं यह आपकी भक्ति के कारण नहीं मां मंसा देवी की कृपा से संभव हुआ है [संगीत] पुत्र पुत्र जीवित है पुत्री स्वामी स्वामी हमारा पुत्र हा पिताजी जो सत्य है उसका साक्षी हूं [प्रशंसा] [संगीत] आज मैं आपके सामने हूं इसम माता मनसा की ही कृपा है मेरी मूर्छा में भी उनके द्वारा बला की सहायता का अनुभव भी मुझे होता रहा पिताजी यह कैसे हो सकता है पता जो सत्य है उसे मत न काए स्वामी को उस अवस्था में भी मां मंसा देवी की दया का आभास हो रहा था जब इनके प्राण दे में नहीं थे पिताश्री आपको भी तो कुछ ना कुछ आभास निश्चित ही हुआ होगा हां पिताजी महान शिव भक्त होने के नाते आपको भी तो यह अनुभव हुआ होगा नदी पर यात्रा करते हुए अनेकों कठिनाइयों का सामना किया मैंने किंतु सदैव मां मंसा देवी ने मेरी रक्षा की मेरी सहायता की पिता श्री यदि भक्त अपनी भक्ति को भगवान से बड़ा मान ले तो वह भक्ति कहां रह जाती है वो तो आसक्ति बन जाती है दोष आपकी भक्ति में था और सत्य तो यह है कि आपका हट आपका अहंकार आपके पुत्र और मेरे पति के मृत्यु का कारण बना मां मंसा देवी ने तो इनके प्राण हमें लौटाए हैं पिता श्री पिता श्री ष्टता के लिए क्षमा चाहती हूं किंतु मां मंसा देवी की महिमा का वर्णन करना अति आवश्यक है पिता श्री आज हमारे आंगन में जो खुशिया वापस लौट कर आई हैं व मां मनसा देवी की कृपा से ही आई हैं यदि आप मां मनसा देवी को स्वीकार कर उनकी पूजा करेंगे तो जैसे स्वामी आ गए हैं वैसे ही आपके छह पुत्र भी आ जाएंगे क्या आप मंसा देवी की पूजा स्वीकार [संगीत] करेंगे व्यक्ति का आध्यात्मिक और भावनात्मक विकास तभी संभव है जब वह किसी के भी बारे में प्रत्येक दृष्टिकोण से विचार करता है
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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
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