Wednesday, 31 December 2025

भीष्म को मारने श्री कृष्ण ने उठाया अस्त्र Saurabh Pandey Suryaputra Karn Episode 248 PenBhakti

[संगीत] ए आज मैं आप सबको एक कहानी सुनता हूं एक दिन गोकुल में दो व्यापारी आए एक व्यापारी शहर का था बड़ा मीठा शहर था उसका परंतु गोकुल में टिक नहीं पाया उसके व्यापार ने घाट खाया और शीघ्र ही वह गोकुल छोड़कर चला गया और दूसरा व्यापारी मिर्च का था| [संगीत] और धीरे-धीरे पुरी मथुरा में उसकी भाग जाम गई मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ तो मैंने बाबा से पूछा की ऐसा क्यों [संगीत] वह कितने उत्तम विचार हैं उनके और उचित है मनुष्य अपने जीवन में सदैव अपने वचनों से उठाता है और अपने वचनों से ही गिरता है इसलिए अपने जीवन में सदैव मीठी बोली बोलने का प्रयास कीजिए आपका जीवन सरल हो जाएगा [प्रशंसा] [संगीत] गुरु श्रेष्ठ मैं ही सत्य मैं ही ज्ञान और मैं ही न्याय हूं गंगा पुत्र इस महायुद्ध का आवाहन और इस युद्ध में आपके उपस्थित मेरे निर्णय से है गंगा पुत्र [संगीत] आपकी मृत्यु मेरे अधीन है मैं पर ब्रह्म जी पर कोई बंधन नहीं युद्ध के नियम का और ना ही किसी प्रकार के वचनों [संगीत] आपके अंत के लिए शास्त्र एन उठाने की प्रतिज्ञा [संगीत] खुदा [संगीत] [संगीत] [संगीत] धर्म स्थापना के मार्ग पर आगे बधाई वासुदेव अंत कर दीजिए मेरे इस जीवन का [संगीत] तड़पे जब हुसैन पर दर्शन मैं स्वयं को आपको समर्पित कथा [संगीत] क्योंकि ना तो पांडव मेरे प्राण लेने में सक्षम और ना ही मैं उन्हें मार पाऊंगा [संगीत] मैंने सदैव धर्म का पालनपुर किया यह भी कोई धर्म हुआ तो केवल यह की मैंने आपको प्रतिक्रिया तोड़ने पर विवश किया यदि की आपने कोई धर्म नहीं किया गंगा पुत्र किंतु केवल अपने वचनों के और यही संसार के लिए उत्तरदाई होना चाहिए और जो आप नहीं हो पाएगा पुत्र [संगीत] धर्म आपका सबसे बड़ा शत्रु और धर्म बनकर किंतु वासुदेव मैंने तो सदैव वही किया [संगीत] परंतु [संगीत] हस्तिनापुर का अर्थ ही अनुचित समझ बैठे आपने सिंहासन को हस्तिनापुर समझ ले और देखिए इस भूल का इस धर्म का परिणाम है यह मा विनाशगंगा पत्र आपने हस्तिनापुर के सिंहासन का त्याग नहीं आपने संसार के प्रति अपने कर्तव्यों का त्याग किया था गंगा पुत्र और यही आपका सबसे बड़ा धर्म था [संगीत] परिवर्तन ही संसार का नियम है और संसार के कल्याण और उत्थान के लिए राइट भी स्वयं को परिवर्तित करती है परंतु आप आपने परिवर्तन को नहीं [संगीत] पाषाण और जो अपने विचार को कभी बदले ने वो मानवता का शमशान है अपने कर्म के प्रति सजक ना रहना सबसे बड़ा धर्म होता जो आपने किया गंगा पुत्र और यही इस महायुद्ध इस महाभारत के होने का [संगीत] मार्गदर्शन की आप अपने शास्त्र को त्याग कर अपने जीवन का बलिदान देकर इस धर्म करो चित्र मेरा अंत ही इस समस्या का समाधान है [संगीत] आज जबकि मुझे अपनी भूल का फैन हो गया है मैं अपना प्रारंभ स्वीकार करने के लिए तैयार [संगीत] बम चलो और मुझे मृत्यु का सौभाग्य चाहिए [संगीत] मृत्यु अपने तो मैं अपने प्रतिज्ञा को तोड़कर तुम्हें मुक्त करता हूं गंगा पुत्र [संगीत] [संगीत] मैं नहीं चाहता यहां पर कोई उंगली उठे नहीं पास मेरी प्रतिज्ञा टूटने की अपेक्षा से अधिक महत्वपूर्ण धर्म की स्थापना है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] आप आप यह चक्कर छोड़ दीजिए माता अब यह चक्कर छोड़ दीजिए [संगीत] [संगीत] होठों पर [संगीत] नहीं [संगीत] नहीं गंगा पुत्र आपका वध करना मेरा प्रारब्ध ही नहीं था अर्जुन का प्रारब्ध है [संगीत] केवल इसलिए किया ताकि मैं अर्जुन को दिखा सुकून की आपका भी वध करना संभव नहीं [संगीत] [संगीत] [संगीत] ज्योत आरंभ करें [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] जब तक मैं वहीं के हाथ में शास्त्र हैं उनके प्रहार की धारा कोई नहीं रॉक सकता तुम्हारी तपस्या सफल हो गई [संगीत] क्या मांगना चाहती हो गंगा पुत्र भीष्म का नस किंतु [संगीत] परंतु अपने जीवन का अंत तो मेरे वाश में है ना दो बार मैं अपना जीवन त्याग कर चुकी हूं बार्बी मैं फिर जन्म दूंगी और अगले जन्म में भीष्म का अंत करने आऊंगी [संगीत] रुको बालिका तुमने इतनी कठोर तपस्या की हमें बताओ तुम्हारी समस्या क्या है सम्मिलित होने से रॉक दिया मैं तुम्हें भीष्म की मृत्यु का वरदान तो नहीं दे सकता किंतु कुछ ऐसा अवश्य कर सकता उसके पश्चात निर्णय लेना [संगीत] पुत्र अर्जुन आज तुम कुशलता पूर्वक लड़े परंतु मेरे वध के लिए यह पर्याप्त नहीं अर्जुन [संगीत] [संगीत] [संगीत]

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...