Wednesday, 31 December 2025

भीम ने बकासुर का अंत किया Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

महाभारत नगर जनों नगर की सुरक्षा के लिए मेरी ओर से यह भेट स्वीकार करो बहुत बहुत धन्यवाद [संगीत] [संगीत] अरे भाई तुम लोग भी यह बोझ खींचते खींचते थक गए होगे हां तु मेरा यह कर्तव्य बन जाता है कि तुम्हारा यह बोझ हल्का कर दू और मुझे थोड़ी सी भूख भी लग गई है बकास और कोई तुला लेकर तो यह भोजन तलने बैठा नहीं थोड़ा सा खा भी लेता हूं तब तक तुम दोनों इस वन की नरम नरम हरी हरी पत्तियों पर अपना मुंह मार लो [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] अभी तक मेरा भोजन नहीं आया मैं सबको खा [संगीत] जाऊंगा अब मैं एक चक्रा नगरी वालों को नहीं छोडूंगा सबको खा जाऊंगा हा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] ए छोकरे कौन है तू जो इस प्रकार बैठे बकासुर का भोजन चट किए जा रहा है पल भर रुको मुझे तनक मूली खा लेने दो ऐसी स्वादिष्ट मूली मैंने कभी नहीं खाई तू भी बड़ा स्वादिष्ट लग रहा है लगता है तेरी हड्डियों में भी बहुत गुदा बड़ा होगा [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] फस [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] आ आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ आ [संगीत] [संगीत] आ [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] मित्र रात्रि के समय इस रास्ते से ना आते तो अच्छा था यही कहीं बकास रहता है मित्र उसने तो एक चक्र नगरी में आतंक मचार रखा है ये कौन है ये तो बकासुर है बकासुर बसर अरे बकासुर मर गया अरे भाइयों अरे भाइयों बकासुर मर गया चलो नगरवासियों को सूचित करते हैं चलो बकासुर मर गया बसर मर गया हमें एक महा [संगीत] भारतत महाभारत महाभारत [संगीत]

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