[संगीत] महाभारत पता नहीं वो लोग क्या निर्णय ले रहे होंगे और कल उसका क्या परिणाम निकलेगा कल की प्रतीक्षा किसी वीर को शोभा नहीं देती वीर तो समय की चट्टान को काट करर कल की मूर्ति बना लेते हैं वहां जो निर्णय लिया जाएगा वो नहीं होगा मित्र यहां जो निर्णय लिया जाएगा वो होगा तुम्हारा यही प्रसंग तो मुझे प्रसन्न किए रहता है कर्ण अन्यथा हस्तिनापुर तो केवल लटके हुए मुखड़ो का एक वन होकर रह गया है वहां जाओ तो गांधारी चिंतित जीजा श्री चिंतित यहां आओ तो बस दुर्योधन का मूल अटका हुआ है दुशासन की थ्योरिया चढ़ी हुई है तुम ही एक साहसी होवत हार जाते हो परंतु हार नहीं मानते उठ खड़े रहते हो और जूझने को तैयार पुत्र दुर्योधन विधाता ने ना जाने तुम्हारे भाग्य में क्या लिखा तुम्हारा यह मामा भी भाग्य लिपि जानता है और जब तक तुम्हारा यह मामा जी रहा है तब तक तुम्हारे सिर से हस्तिनापुर का राज मुकुट कोई नहीं छीन सकता ना तुम्हारे पिता मैं और ना विधाता परंतु मामा श्री यदि पिता श्री ने जेष्ठ भ्राता युधिष्ठिर को युवराज बना ही दिया तब क्या होगा यदि वो बनाना जानते हैं प्रिय दुशासन तो तुम्हारा यह मामा बिगाड़ना भी जानता है हा दुर्योधन के प्रश्न का संबंध कुरुवंश से नहीं है महाराज राजनीति और हस्तिनापुर के कल्याण से इस प्रश्न का उत्तर तो स्वयं महाराज को देना होगा दुर्योधन का प्रश्न तो यही है ना यदि आप नेत्र हीन ना होते तो इस सिंहासन पर विराजमान होते अर्थात इस सिंहासन पर आपी का अधिकार है तो व आपकी नेत्र हीनता का दंड क्यों भुगते आपकी समस्या यही है राजन कि आपको राजकुमार दुर्योधन का प्रश्न लग रहा है आप यह ना सोचिए राजन कि मैं उत्तर देने से कतरा रहा हूं परंतु जैसा अभी अभी आपने कहा है कि दोनों ही मेरे शिष्य है इसलिए दोनों ही मुझे प्रिय है परंतु सब यह जानते हैं कि अर्जुन मेरा सबसे प्रिय शिष्य है इसलिए यदि मैं कहूं युधिष्ठिर को युवराज होना चाहिए तो हो सकता है मेरा प्रिय शिष्य दुर्योधन यह सोचे कि अर्जुन का मैं पक्ष ले यदि कुंती पुत्र युधिष्ठिर को युवराज ना बनाया गया महाराज तो विद्रोह हो जाएगा और मैं स्वयं भी विद्रोहियों का साथ दूंगा राजा को न्याय करना चाहिए और केवल राज्य कल्याण के विषय में सोचना चाहिए पुत्र केवल पिता की संपत्ति का उत्तराधिकारी होता है महाराज पुत्र शत्रु है न्याय का मित्र शत्रु है मोह किसको अपना ले हृदय कर ले किससे द्रोह कर ले किससे महा भारत महा भारत महाभारत [संगीत] महाभारत महाभारत
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