Wednesday, 31 December 2025

बृहन्नला ने उत्तरा को उत्तम शिक्षा दी Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] महाभारत त त ता दग न तन झ कीथ थ थर त क थुन त का द द गीना त तत त क थुन त क [संगीत] प्रणाम प्रणाम पिता श्री प्रणाम माता श्री तुमने तो हमारी उत्तरा का मन मोह लिया है बहला उठते बैठते तुम्हारी बात करती रहती है कहती है कि इंद्र की अप्सराएं भी नर्तन और गायन का प्रदर्शन तुमसे अच्छा नहीं कर सकती यह तो अपने गुरु के लिए राजकुमारी का आदर पूर्ण स्नेह है महाराज नहीं तो कहां मैं और कहां नृत्य हम तो आज यह देखने आए हैं कि तुमने हमारी उत्तरा को सिखाया क्या है ऐसा कहकर महारानी मेरी परीक्षा ले रही है या उत की माना कि तुम्हारा संबंध इंद्र प्रस से है वे लोग कलाओं की पलक में निपुण है किंतु हम भी कलाओं की थोड़ी बहुत समझ तो रखते ही जो आा महाराज वि [प्रशंसा] [संगीत] राजिए त धा धत धा धत धा धा धा धा धा धा धा धा मनवा मधुर मधुर कछु [संगीत] बो मनवा मधुर मधुर बोल सत स्वरों में प्राण भूख दे सब स्वरों में प्राण फूक दे जीवन में रस बोल मन मधुर मधुर कछु बोलता धा [संगीत] धता धा [संगीत] धता चपल चरण चपला से चल हो ताल और लय संग तत थे तत आथ तत थे तत आथे ठहरो ऐसे नहीं तत थे तत आथे तट नाचे छम छम घुंगरू माजे धन धन बजेन दंग ट सुर सागर में उठे तरंगे सुर सागर में उठे तरंगे रह रह कर चलो बोल मन मधुर मधुर कछु [संगीत] बोल तन धान धान रोम रोम में हिले फूल से महके महके [संगीत] प्राण अंग अंग अंगड़ाई जागे मंद मंद मुस्का सनी ध म पग गम [संगीत] स चंचल चितवन चले बाण स चंचल चितवन चले बाण से यवन के पथ खोल मनवा मधुर मधुर कछु बोल सत स्वर में प्राण फूक दे सत परो में प्राण फूक दे जीवन है रस घोल मनु मधुर मधुर कछु नननन न न नन ब्रह नला तुमने तो हमारा मन मोह लिया मेरी उत्तरा से अच्छा नृत्य तो उर्वशी भी नहीं कर सकती उर्वशी वो तो माता है महारानी आभ महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत [संगीत]

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